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अज्ञात नंबर से आए शुभकामना संदेश तो हो जाएं सचेत
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रोहतक। यदि आपके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कोई होली का शुभकामना संदेश आता है और उसमें दिया गया लिंक आपको क्लिक करने को कहा जाता है, तो भूलकर भी ऐसा न करें। ऐसा करने पर आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं। त्योहार का फायदा उठाकर साइबर अपराधी आपके मोबाइल में सेंध लगा सकते हैं। आपका मोबाइल डाटा आसानी से हासिल कर सकते हैं। जिसका दुरुपयोग संभव है और आपके साथ धोखाधड़ी भी हो सकती है। साइबर सेल ने लोगों को अलर्ट रहने को कहा है।
साइबर थाने के एक्सपर्ट दयानंद ने बताया कि साइबर अपराधी लिंक के माध्यम से आसानी से मोबाइल में एंट्री करते हैं। इन दिनों होली के शुभकामना संदेश लोग एक दूसरे को भेज रहे हैं। होली, दुल्हेंडी के दिन तो व्हाट्सएप, फेस बुक पर इन संदेशों का तांता लगता है। इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को लिंक भेजते हैं। साइबर एक्सपर्टस का कहना है कि ये जरूरी नहीं कि सभी लिंक गलत हों लेकिन जो लिंक अज्ञात नंबर से भेजे जाते हैं उन्हें भूलकर भी नहीं खोलना चाहिए। इन लिंक से साइबर अपराधी क्लोन बनाते हैं। लिंक खुलते ही आपके मोबाइल का कंट्रोलिंग कमांड उनके हाथ में चला जाता है। जिस तरह कंप्यूटर में एनी डेस्क आदि एप होते हैं उसी तरह क्लोन से मोबाइल या कंप्यूटर को कंट्रोल किया जा सकता है। इसका आपको पता भी नहीं चलेगा। साइबर अपराधी आपके मोबाइल का पूरा डाटा। आपके सभी कांटेक्ट, पर्सनल फोटो आदि पूरी जानकारी ले सकते हैं। इसी के माध्यम से आपके बैंक खाते में भी सेंध लगाकर रकम उड़ाई जा सकती है।
बैंक एकाउंट में लिंक मोबाइल बच्चों को न दें
साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि जो मोबाइल नंबर आपके बैंक एकाउंट के साथ लिंक है प्रयास करें कि उस मोबाइल को अपने पास रखें। बच्चों के हाथ में न दें। क्योंकि यदि वह मोबाइल बच्चे के पास है तो किसी का फोन आने पर बच्चे उसे जानकारी दे सकते हैं। मोबाइल में आया ओटीपी भी बता सकते हैं। इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
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इनका रखें ध्यान
-कभी भी सॉफ्टवेयर एप्लिके शन की पायरेटेड कॉपी इंस्टाल न करें, न ही प्रयोग करें।
-कभी भी कमजोर पासवर्ड न बनाएं।
-अलग-अलग अकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड होना चाहिए।
-पासवर्ड में स्पेशल नंबर अधिक से अधिक हों।
-कुछ समय के अंतराल पर पासवर्ड बदलते रहें।
इन चीजों का न करें प्रयोग
- जन्मतिथि, पहचान प्रमाण या अन्य व्यक्तिगत सूचना
- अपने परिवार के सदस्य, दोस्त या रिश्तेदारों के नाम
- पासवर्ड आठ कैरेक्टर्स से कम नहीं होना चाहिए।
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साइबर थाने के एक्सपर्ट दयानंद ने बताया कि साइबर अपराधी लिंक के माध्यम से आसानी से मोबाइल में एंट्री करते हैं। इन दिनों होली के शुभकामना संदेश लोग एक दूसरे को भेज रहे हैं। होली, दुल्हेंडी के दिन तो व्हाट्सएप, फेस बुक पर इन संदेशों का तांता लगता है। इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को लिंक भेजते हैं। साइबर एक्सपर्टस का कहना है कि ये जरूरी नहीं कि सभी लिंक गलत हों लेकिन जो लिंक अज्ञात नंबर से भेजे जाते हैं उन्हें भूलकर भी नहीं खोलना चाहिए। इन लिंक से साइबर अपराधी क्लोन बनाते हैं। लिंक खुलते ही आपके मोबाइल का कंट्रोलिंग कमांड उनके हाथ में चला जाता है। जिस तरह कंप्यूटर में एनी डेस्क आदि एप होते हैं उसी तरह क्लोन से मोबाइल या कंप्यूटर को कंट्रोल किया जा सकता है। इसका आपको पता भी नहीं चलेगा। साइबर अपराधी आपके मोबाइल का पूरा डाटा। आपके सभी कांटेक्ट, पर्सनल फोटो आदि पूरी जानकारी ले सकते हैं। इसी के माध्यम से आपके बैंक खाते में भी सेंध लगाकर रकम उड़ाई जा सकती है।
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बैंक एकाउंट में लिंक मोबाइल बच्चों को न दें
साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि जो मोबाइल नंबर आपके बैंक एकाउंट के साथ लिंक है प्रयास करें कि उस मोबाइल को अपने पास रखें। बच्चों के हाथ में न दें। क्योंकि यदि वह मोबाइल बच्चे के पास है तो किसी का फोन आने पर बच्चे उसे जानकारी दे सकते हैं। मोबाइल में आया ओटीपी भी बता सकते हैं। इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
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इनका रखें ध्यान
-कभी भी सॉफ्टवेयर एप्लिके शन की पायरेटेड कॉपी इंस्टाल न करें, न ही प्रयोग करें।
-कभी भी कमजोर पासवर्ड न बनाएं।
-अलग-अलग अकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड होना चाहिए।
-पासवर्ड में स्पेशल नंबर अधिक से अधिक हों।
-कुछ समय के अंतराल पर पासवर्ड बदलते रहें।
इन चीजों का न करें प्रयोग
- जन्मतिथि, पहचान प्रमाण या अन्य व्यक्तिगत सूचना
- अपने परिवार के सदस्य, दोस्त या रिश्तेदारों के नाम
- पासवर्ड आठ कैरेक्टर्स से कम नहीं होना चाहिए।