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अगस्त अंत तक जिले में हो सकते हैं एक लाख कोरोना मरीज -निगम
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prashasan aur pgi ke adhikariyon ke sath baithak karte acs alok nigam
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक निगम ने जुलाई में कोरोना के पीक पर पहुंचने के कयासों को दरकिनार करते हुए संकेत दिए हैं कि इसका पीक अगस्त में आएगा। उन्होंने कहा कि अनुमान के मुताबिक अगस्त अंत तक रोहतक जिले में कोरोना संक्रमितों का आंकडा एक लाख और पूरे प्रदेश में करीब 20 लाख तक पहुंच सकता है। वह विकास भवन में समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सम्मान के बाद मीडिया से रूबरू हो रहे थे। निगम ने कहा कि जिले में 3500 ऑक्सीजन बेड का लक्ष्य मान कर सभी संसाधन जुटाने की तैयारी की जा रही है। एक-दो दिन में इसका फाइनल प्लान तैयार हो जाएगा। सभी मेडिकल कॉलेजों और निजी लैब में कोरोना के टेस्ट हो रहे हैं। पीजीआईएमएस की क्षमता 1500 टेस्ट प्रतिदिन की हो गई है। सरकार ने कोविड टेस्ट के लिए चार मशीनें और लगाई हैं। टेस्ट किटों का भी प्रबंध किया जाएगा।
दिल्ली से आने-जाने वाले हमारे ही भाई हैं, नहीं लगा सकते पाबंदी
एक सवाल पर एसीएस ने कहा कि दिल्ली से आने और जाने वाले हमारे ही भाई हैं, उन पर रोक नहीं लगाई जा सकती। कोई जानबूझ कर तो संक्रमण नहीं फैलाता है। अब दोबारा लॉकडाउन का सरकार का कोई इरादा नहीं है। डीसी आरएस वर्मा ने कहा कि जिले से सरकारी कर्मचारियों के अलावा उद्योगपति भी आवश्यक कार्य से दिल्ली आते-जाते हैं। इसकी वजह से कोरोना संक्रमण बढ़ा है। प्रशासन बाहर से आने वाले लोगों की जांच करवा रहा है।
आपात कार्य योजना पर किया मंथन
एसीएस आलोक निगम ने जिले में कोरोना से निपटने को तैयार की गई आपातकालीन योजना पर विचार-विमर्श किया। मंडलायुक्त डी सुरेश, डीसी आरएस वर्मा, निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के वीसी डॉ. ओपी कालरा, डायरेक्टर डॉ. रोहताश यादव और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर जिले में सभी आवश्यक सुविधाएं व संसाधन जुटाए जाएं। कोविड केयर सेंटरों के लिए उचित संस्थानों की पहचान की जाए। उनमें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रबंध किया जाए। जिला प्रशासन व पीजीआईएमएस द्वारा तैयार की गई कार्य योजना का उन्हें प्रजेंटेशन दिखाया गया। जिसमें कोविड केयर सेंटरों के रूप में चिह्नित किए गए संस्थानों के साथ उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा भी था। इस अवसर पर एसपी राहुल शर्मा, एडीसी महेंद्र पाल, नगराधीश जगनिवास, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला भी मौजूद थे।
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दिल्ली से आने-जाने वाले हमारे ही भाई हैं, नहीं लगा सकते पाबंदी
एक सवाल पर एसीएस ने कहा कि दिल्ली से आने और जाने वाले हमारे ही भाई हैं, उन पर रोक नहीं लगाई जा सकती। कोई जानबूझ कर तो संक्रमण नहीं फैलाता है। अब दोबारा लॉकडाउन का सरकार का कोई इरादा नहीं है। डीसी आरएस वर्मा ने कहा कि जिले से सरकारी कर्मचारियों के अलावा उद्योगपति भी आवश्यक कार्य से दिल्ली आते-जाते हैं। इसकी वजह से कोरोना संक्रमण बढ़ा है। प्रशासन बाहर से आने वाले लोगों की जांच करवा रहा है।
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आपात कार्य योजना पर किया मंथन
एसीएस आलोक निगम ने जिले में कोरोना से निपटने को तैयार की गई आपातकालीन योजना पर विचार-विमर्श किया। मंडलायुक्त डी सुरेश, डीसी आरएस वर्मा, निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के वीसी डॉ. ओपी कालरा, डायरेक्टर डॉ. रोहताश यादव और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर जिले में सभी आवश्यक सुविधाएं व संसाधन जुटाए जाएं। कोविड केयर सेंटरों के लिए उचित संस्थानों की पहचान की जाए। उनमें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रबंध किया जाए। जिला प्रशासन व पीजीआईएमएस द्वारा तैयार की गई कार्य योजना का उन्हें प्रजेंटेशन दिखाया गया। जिसमें कोविड केयर सेंटरों के रूप में चिह्नित किए गए संस्थानों के साथ उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा भी था। इस अवसर पर एसपी राहुल शर्मा, एडीसी महेंद्र पाल, नगराधीश जगनिवास, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला भी मौजूद थे।
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