{"_id":"66e08b6468d2795a76054001","slug":"an-internally-strong-person-will-not-think-of-suicide-dr-mouthful-rohtak-news-c-17-roh1020-501554-2024-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंदरूनी रूप से मजबूत व्यक्ति आत्महत्या की नहीं सोचेगा : डाॅ. कौर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंदरूनी रूप से मजबूत व्यक्ति आत्महत्या की नहीं सोचेगा : डाॅ. कौर
विज्ञापन
रोहतक। मानसिक स्वास्थ्य का महत्व रेखांकित कर आत्महत्या की रोकथाम के लिए मनोवैज्ञानिक पहल जरूरी है। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के तत्वावधान में- इंडिविजुअल लाइफ एंड वेलनेस मैटर्स विषय पर पब्लिक टॉक का आयोजन किया गया।
मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्षता में प्रो. सर्वदीप कोहली ने बताया कि कार्यक्रम में बतौर रिसोर्स पर्सन मनोचिकित्सक डाॅ. डीके पुरी व क्लिनिकल साइकोलोजिस्ट डाॅ. पवन कुमार ने शिरकत की। भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्ष डाॅ. शरणजीत कौर ने कहा कि आत्महत्या के कई कारण हैं। व्यक्तित्व फैक्टर, फैमिली फैक्टर व बाह्य फैक्टर अहम हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं मजबूत करना होगा। अंदरूनी रूप से मजबूत व्यक्ति आत्महत्या की नहीं सोचेगा।
कार्यक्रम की संयोजक प्रो. शालिनी सिंह ने इस पब्लिक टॉक की थीम पर प्रकाश डाला। रिसोर्स पर्सन प्रतिष्ठित मनोचिकित्सक डाॅ. डीके पुरी ने आत्महत्या के विविध कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आत्महत्या की मनोवृत्ति को पहचानने व इसकी के रोकथाम के लिए प्रभावी हस्तक्षेप की जानकारी दी। क्लिनिकल साइकोलोजिस्ट डाॅ. पवन कुमार ने आत्महत्या की रोकथाम के लिए मनोवैज्ञानिक जागरूकता के लिए जरूरी प्रयासों पर फोकस किया। आभार प्रदर्शन कार्यक्रम समन्वयक डाॅ. शशि रश्मि ने किया। मंदीप कुमार व अजय ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग समेत अन्य विभागों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्षता में प्रो. सर्वदीप कोहली ने बताया कि कार्यक्रम में बतौर रिसोर्स पर्सन मनोचिकित्सक डाॅ. डीके पुरी व क्लिनिकल साइकोलोजिस्ट डाॅ. पवन कुमार ने शिरकत की। भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्ष डाॅ. शरणजीत कौर ने कहा कि आत्महत्या के कई कारण हैं। व्यक्तित्व फैक्टर, फैमिली फैक्टर व बाह्य फैक्टर अहम हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं मजबूत करना होगा। अंदरूनी रूप से मजबूत व्यक्ति आत्महत्या की नहीं सोचेगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम की संयोजक प्रो. शालिनी सिंह ने इस पब्लिक टॉक की थीम पर प्रकाश डाला। रिसोर्स पर्सन प्रतिष्ठित मनोचिकित्सक डाॅ. डीके पुरी ने आत्महत्या के विविध कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आत्महत्या की मनोवृत्ति को पहचानने व इसकी के रोकथाम के लिए प्रभावी हस्तक्षेप की जानकारी दी। क्लिनिकल साइकोलोजिस्ट डाॅ. पवन कुमार ने आत्महत्या की रोकथाम के लिए मनोवैज्ञानिक जागरूकता के लिए जरूरी प्रयासों पर फोकस किया। आभार प्रदर्शन कार्यक्रम समन्वयक डाॅ. शशि रश्मि ने किया। मंदीप कुमार व अजय ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग समेत अन्य विभागों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी शामिल हुए।
विज्ञापन