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रोहतक में बरेली के श्रद्धालुओं का हादसा फाइल नंबर-तीन
Updated Thu, 06 Sep 2018 03:08 AM IST
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रोहतक। बरेली के मुरादपुर की सात वर्षीय मासूम मोहिनी भी अपने पिता हरीश के साथ राजस्थान के गोगा मेड़ी धाम के दर्शन कर लौट रही थी। पीजीआई में मोहिनी ने बताया कि हादसे के समय वह गाड़ी में अंदर अपने पिता के साथ बैठी हुई थी। अचानक ही देखते ही देखते अंकल और आंटी ने गाड़ी से कूदना शुरू कर दिया। उसने सोचा की बदमाश आ गए हैं। जिसके कारण मोहिनी गाड़ी से कूदकर पास के ही एक खेत में जा छिपी। हादसे के बाद मोहिनी को तलाश किया तो वह लापता मिली। बाद में पिता के पुकारने पर किसी तरह डरी-सहमी मोहिनी खेत से निकल सकी।
सोहन ने बताया कि हादसा स्थल से पांच मिनट पहले ही वह ट्रक की छत से उतरकर नीचे आ गया था। उसके अलावा दो और श्रद्धालु भी उसी समय छत से नीचे आ पहुंचे थे, वरना वह भी तार की चपेट में आ सकते थे।
चालक महेश का कहना है कि वह धीमी गति से मिनी ट्रक को लेकर आ रहा था। जैसे ही हिसार रोहतक हाईवे पर पहुंचा तो अचानक ही बिजली के तार नीचे लटके थे। उसने तार देखकर ब्रेक मारने का भी प्रयास किया। मगर तब तक छत पर बैठे श्रद्धालु तार की चपेट में आ चुके थे।
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देर रात तक भी टूटे तार को जोड़ना नहीं समझा मुनासिब
हादसे के बावजूद बिजली निगम की लापरवाही देखने को मिली। देर रात तक टूटा तार सड़क किनारे ही पड़ा रहा। तार को बिजली निगम के कर्मचारियों ने जोड़ना तक मुनासिब नहीं समझा। इसको लेकर ग्रामीणों में भी विभाग के अधिकारियों के प्रति आक्रोश था।
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सोहन ने बताया कि हादसा स्थल से पांच मिनट पहले ही वह ट्रक की छत से उतरकर नीचे आ गया था। उसके अलावा दो और श्रद्धालु भी उसी समय छत से नीचे आ पहुंचे थे, वरना वह भी तार की चपेट में आ सकते थे।
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चालक महेश का कहना है कि वह धीमी गति से मिनी ट्रक को लेकर आ रहा था। जैसे ही हिसार रोहतक हाईवे पर पहुंचा तो अचानक ही बिजली के तार नीचे लटके थे। उसने तार देखकर ब्रेक मारने का भी प्रयास किया। मगर तब तक छत पर बैठे श्रद्धालु तार की चपेट में आ चुके थे।
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देर रात तक भी टूटे तार को जोड़ना नहीं समझा मुनासिब
हादसे के बावजूद बिजली निगम की लापरवाही देखने को मिली। देर रात तक टूटा तार सड़क किनारे ही पड़ा रहा। तार को बिजली निगम के कर्मचारियों ने जोड़ना तक मुनासिब नहीं समझा। इसको लेकर ग्रामीणों में भी विभाग के अधिकारियों के प्रति आक्रोश था।