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Fri, 23 Jun 2017 01:21 AM IST
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:21 AM IST
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कटेंगे पेड़ फिर भी नहीं होगा ओवरब्रिज का निर्माण
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प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ स्थित बनीपुर चौक पर बनने वाला ओवरब्रिज ठंडे बस्ते में चला गया है। ऐसा वन विभाग की ओर से यहां पेड़ काटने की मंजूरी मिलने में लगी देरी से हुआ है। ओवरब्रिज बनने से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं से जहां राहत मिलती वहीं यातायात भी सुगम होता।
बनीपुर चौक सुरक्षा की दृष्टि से भी बड़ा संवेदनशील है। इसको देखकर एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने यहां ओवरब्रिज बनाना प्रस्तावित किया था। इसके लिए सड़क के दोनों तरफ खड़े पेड़ों की कटाई होनी थी। इसके लिए एनएचएआई ने वन विभाग में वर्ष 2010 में आवेदन किया, लेकिन परमिशन नहीं मिलने के कारण मामला अटका रहा। करीब छह साल बाद वन विभाग ने वर्ष-2016 सितंबर में इसकी अनुमति दी। ओवरब्रिज के लिए लिए जरूरी सर्विस रोड सहित अन्य चीजों के लिए पेड़ों की कटाई हो रही है। परमिशन में देरी की वजह से एनएचएआई ने बनीपुर चौक पर बनने वाला ओवरब्रिज का काम अब ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
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रुकती हैं जयपुर-दिल्ली की बसें, करीब 500 फैक्ट्रियां हैं यहां
बनीपुर चौक बहुत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 8 पर होने की वजह से यहां दिल्ली और जयपुर से गुजरने वाली बसें रुकती हैं। इसके अतिरिक्त ट्रक और ट्रॉले भी यहां रुकते हैं। समीप ही बावल औद्योगिक क्षेत्र है। यहां 500 फैक्ट्रियों में करीब बीस हजार कर्मचारी काम करते हैं। वह भी यहीं से होकर निकलते हैं। इसके अतिरिक्त रेवाड़ी से बावल जाने के लिए भी इस चौक को पार करना पड़ता है। इन सबको देखते हुए ही एनएचएआई ने यहां ओवरब्रिज बनाने का निर्णय लिया था। सर्वाधिक खराब स्थिति तो यहां सुबह और शाम के समय नजर आती है। फैक्ट्रियों की शिफ्ट छूटने और काम शुरू होने के कारण यहां वाहनों का जाम लग जाता है। पुलिस को घंटों जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
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हो चुकी है बड़ी दुर्घटनाएं
जनवरी माह में कुछ श्रमिक बस के इंतजार में बनीपुर चौक पर खड़े थे। तभी एक असंतुलित ट्रक ने श्रमिकों को टक्कर मार दी। इसमें तीन श्रमिकों की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त भी आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हालांकि समीप ही कसौला थाना स्थित है। 24 घंटे वहां पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं। लेकिन इसके बावजूद दुर्घटनाओं पर लगाम नहीं लग सकी है।

कंपनी अधिकारी भी कर चुके बैठक
इस ओवरब्रिज की मांग को लेकर पिछले दिनों एचएसएसआईडीसी में बावल औद्योगिक क्षेत्र के कंपनी प्रबंधकों ने एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की। वहां ओवरब्रिज के ठंडे बस्ते में जाने का पता लगा। एनएचएआई के अधिकारियों ने शीघ्र ही आला अधिकारियों से इस बाबत बात करने का आश्वासन दिया था।

सड़क दुर्घटना में युवक की मौत
इसी चौक पर बुधवार रात एक ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से आ रहा ट्रक उसमें घुस गया। इसमें एक युवक की मौत हो गई। कसौला थाना पुलिस ने बताया कि बुधवार देर रात टांकड़ी निवासी कृष्ण अपने गांव से ट्रक लेकर दिल्ली की ओर जा रहा था। एनएच -8 पर बनीपुर चौक के समीप सामने चल रहे एक अन्य ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया। इससे उसका ट्रक सामने वाले ट्रक में घुस गया। दुर्घटना में कृष्ण बुरी तरह घायल हो गया। उसे उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

यह सही है कुछ कारणों से पेड़ों की कटाई में देरी हुई लेकिन परमिशन मिलने के बाद हमने पेड़ों की कटाई शुरू कर दी है। - संदीप यादव, रेंज ऑफिसर, वन विभाग, बावल

वन विभाग में पेड़ काटने के लिए 2010 मेें आवेदन किया था। सात साल बाद जाकर इसकी इजाजत मिली। सर्विस रोड सहित अन्य काम होंगे। ओवरब्रिज का काम अभी ठंडे बस्ते में है। - चित्रांश, मैनेजर, टेक्निकल, एनएचएआई


मुझे ओवरब्रिज के ठंडे बस्ते में जाने की कोई जानकारी नहीं है। अगर काम रुका है तो इसके लिए एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर ओवरब्रिज बनवाया जाएगा। यह ओवरब्रिज बहुत जरूरी है। - डॉ. बनवारीलाल, जनस्वास्थ्य राज्ययंत्री
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