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जीएसटी के विरोध में साड़ी व्यापारी एसोसिएशन का धरना, मार्केट बंद कर जताया विरोध
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:05 AM IST
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हिसार (ब्यूरो)। केंद्र सरकार द्वारा साड़ी पर भी जीएसटी लागू करने के फैसले के खिलाफ हिसार के साड़ी व्यापारियों ने वीरवार को आर्य समाज मंदिर मार्केट में धरना दिया और विरोध स्वरूप सांकेतिक हड़ताल करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं। साड़ी व्यापारी एसोसिएशन के बैनर तले दिए गए धरने में काफी व्यापारियों ने हिस्सा लिया। सभी व्यापारियों ने एक सुर में जीएसटी का विरोध किया और इसे व्यापारियों को बर्बाद करने वाला बताया।
एसोसिएशन के प्रधान नितेश डालमिया ने बताया कि साड़ी महिलाओं की मूलभूत जरूरतों में से एक है। सरकार ने अब जीएसटी के तहत साड़ियों पर भी कर लगाने का फैसला किया है। इससे साड़ियां महंगी हो जाएंगी। इसके अलावा जीएसटी प्रणाली इतनी कठिन है कि व्यापारियों को अपना व्यापार छोड़कर जीएसटी की रिटर्न ही फाइल करने के लिए चक्कर लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वैसे भी साड़ी के व्यवसाय पर मंदे की मार पड़ी हुई है, ऐसे में जीएसटी लागू करने से साड़ी व्यापार चौपट हो जायेगा। एसोसिएशन के सचिव अनिल जैन ने मांग की कि सरकार तुरंत साड़ियों पर से जीएसटी के फैसले को वापस ले। सरकार एक कर प्रणाली लागू करना चाहती मगर जीएसटी को बहुत उलझन भरा बना दिया गया है। पहले की तरह इस कर प्रणाली में भी कई तरह के कर लगा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देगी तो वह अपने आंदोलन को और तेज करने पर मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर एसोसिएशन के कैशियर गोपाल अग्रवाल सहित अन्य व्यापारी भी उपस्थित थे।
फोटो - 56, 57
-सांकेतिक हड़ताल करके केन्द्र सरकार के फैसले पर जताया विरोध
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एसोसिएशन के प्रधान नितेश डालमिया ने बताया कि साड़ी महिलाओं की मूलभूत जरूरतों में से एक है। सरकार ने अब जीएसटी के तहत साड़ियों पर भी कर लगाने का फैसला किया है। इससे साड़ियां महंगी हो जाएंगी। इसके अलावा जीएसटी प्रणाली इतनी कठिन है कि व्यापारियों को अपना व्यापार छोड़कर जीएसटी की रिटर्न ही फाइल करने के लिए चक्कर लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वैसे भी साड़ी के व्यवसाय पर मंदे की मार पड़ी हुई है, ऐसे में जीएसटी लागू करने से साड़ी व्यापार चौपट हो जायेगा। एसोसिएशन के सचिव अनिल जैन ने मांग की कि सरकार तुरंत साड़ियों पर से जीएसटी के फैसले को वापस ले। सरकार एक कर प्रणाली लागू करना चाहती मगर जीएसटी को बहुत उलझन भरा बना दिया गया है। पहले की तरह इस कर प्रणाली में भी कई तरह के कर लगा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देगी तो वह अपने आंदोलन को और तेज करने पर मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर एसोसिएशन के कैशियर गोपाल अग्रवाल सहित अन्य व्यापारी भी उपस्थित थे।
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-सांकेतिक हड़ताल करके केन्द्र सरकार के फैसले पर जताया विरोध