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1251 मेडिकल ऑफिसरों के लिए 5934 ने दी परीक्षा, 1575 रहे अनुपस्थित
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जांच करती गार्ड व हाथ पर बंधी डोर को उतारती परिक्षार्थी। संवाद
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 1252 मेडिकल ऑफिसरों की भर्ती की प्रक्रिया के तहत रविवार को स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से स्क्रिनिंग परीक्षा ली गई। इसमें आवेदन करने वाले 7509 उम्मीदवारों में से 5934 ने परीक्षा दी। परीक्षा में 1575 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वीना सिंह ने परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया। परीक्षा की निष्पक्षता के चलते महिला परीक्षार्थियों को बालों से रबर बैंड, नाक से नोजपिन ही नहीं, शादी का चूड़ा तक उतारना पड़ा। पुरुष परीक्षार्थियों को भी पर्स, बेल्ट व बाइक-कार की चाबियां बाहर छोड़नी पड़ी।
रविवार को पीजीआई व एमडीयू परिसर में मेडिकल ऑफिसरों की भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा हुई। इसके लिए उम्मीदवार सुबह 10 से केंद्रों के बाहर पहुंचना शुरू हो गए। सुबह 11 बजे तक काफी भीड़ इकट्ठा हो चुकी थी। उम्मीदवारों को करीब 11 बजे बाद परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। दोपहर साढ़े बारह बजे शुरू होने वाली परीक्षा के लिए दोपहर 12 बजे बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। केंद्रों में प्रवेश से पूर्व दो जगह उम्मीदवारों को जांच की गई। मेटल डिटेक्टर के जरिये हर उम्मीदवार की जांच करने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया गया। इस दौरान बालों में लगे रबर बैंड, नाक की नोजपिन, बेल्ट, पर्स, बाइक व कारों की चाबियां ही नहीं, नव विवाहिताओं का चूड़ा तक उतरवा दिया गया। केंद्र में केवल अपना अनुक्रमांक व एक आईडी ले जाने की छूट रही।
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स्वास्थ्य महानिदेशक ने किया केंद्रों का दौरा
दोपहर 12 बजे बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों की टीमें प्रश्न पत्र लेकर विभिन्न केंद्र की ओर रवाना हुई। इसके बाद दोपहर बजे तक परीक्षा चली। परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वीना सिंह भी विभिन्न केंद्रों पर पहुंची। यहां परीक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए उसकी निष्पक्षता को परखा। संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर परीक्षा से जुड़ी जानकारी ली। परीक्षा व्यवस्था के लिए विवि प्रशासन व डॉ. अंतरीक्ष की सराहना करते हुए कहा कि पूरी पारदर्शिता से शांतिपूवर्क परीक्षा करवाई गई है। इसके लिए 10 उड़नदस्ते नियुक्त किए गए थे।
29 परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंतरीक्ष ने कहा कि कुलपति डॉ. अनिता सक्सेना के निर्देशन में पारदर्शिता के साथ परीक्षा कराने के लिए बेहतर व्यवस्था की गई। मेडिकल अफसरों के 1252 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए हुई स्क्रीनिंग परीक्षा में 5934 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। परीक्षा करीब 1575 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे। परीक्षा के लिए स्कोलर रोजरी, वैश्य लॉ कालेज, वैश्य पॉलिटेक्निक, वैश्य पब्लिक स्कूल, वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शिक्षा भारती विद्यालय, गर्वमेंट कालेज फॉर वूमेन, मॉडल स्कूल, एमडीयू लॉ विभाग, यूआईईटी, कम्प्यूटर ब्लॉक, मैकेनिकल ब्लॉक, नर्सिंग कालेज, डेंटल कालेज, यूएचएस के प्रशासनिक भवन समेत 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए जैमर
परीक्षा की निष्पक्षता के लिए विवि की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इसमें पुलिस के साथ पीजीआईएमएस के सुरक्षा कर्मचारी शामिल रहे। परीक्षार्थियों को दो जगह स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। इनका आधार कार्ड से ऑनलाइन मिलान किया गया। ऐसा किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना से बचने के लिए किया गया। अवांछित तत्वों को परीक्षा से दूर रखने के लिए हर केंद्र पर मोबाइल जैमर का प्रयोग किया गया। डीजीएचएस की ओर से डॉ. वीके. बंसल, डॉ. प्रवीण सेठी, डॉ. जेएस पूनिया व डॉ. आरएस पूनिया को आब्जर्वर नियुक्त किया गया। इन्होंने सभी केंद्रों का निरीक्षण किया।
वेबसाइट पर अपलोड होंगे परीक्षा पत्र व आंसर की
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि देर रात तक सभी परीक्षा पत्र व आंसर की विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। इसके बाद उम्मीदवारों को आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया जाएगा। अंतिम आंसर की अपलोड करने के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा। इस मौके पर डीन डॉ. कुलदीप सिंह लालर, सहायक रजिस्ट्रार बीआर शर्मा, सहायक जयभगवान शर्मा समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वीना सिंह ने परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया। परीक्षा की निष्पक्षता के चलते महिला परीक्षार्थियों को बालों से रबर बैंड, नाक से नोजपिन ही नहीं, शादी का चूड़ा तक उतारना पड़ा। पुरुष परीक्षार्थियों को भी पर्स, बेल्ट व बाइक-कार की चाबियां बाहर छोड़नी पड़ी।
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रविवार को पीजीआई व एमडीयू परिसर में मेडिकल ऑफिसरों की भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा हुई। इसके लिए उम्मीदवार सुबह 10 से केंद्रों के बाहर पहुंचना शुरू हो गए। सुबह 11 बजे तक काफी भीड़ इकट्ठा हो चुकी थी। उम्मीदवारों को करीब 11 बजे बाद परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। दोपहर साढ़े बारह बजे शुरू होने वाली परीक्षा के लिए दोपहर 12 बजे बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। केंद्रों में प्रवेश से पूर्व दो जगह उम्मीदवारों को जांच की गई। मेटल डिटेक्टर के जरिये हर उम्मीदवार की जांच करने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया गया। इस दौरान बालों में लगे रबर बैंड, नाक की नोजपिन, बेल्ट, पर्स, बाइक व कारों की चाबियां ही नहीं, नव विवाहिताओं का चूड़ा तक उतरवा दिया गया। केंद्र में केवल अपना अनुक्रमांक व एक आईडी ले जाने की छूट रही।
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स्वास्थ्य महानिदेशक ने किया केंद्रों का दौरा
दोपहर 12 बजे बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों की टीमें प्रश्न पत्र लेकर विभिन्न केंद्र की ओर रवाना हुई। इसके बाद दोपहर बजे तक परीक्षा चली। परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वीना सिंह भी विभिन्न केंद्रों पर पहुंची। यहां परीक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए उसकी निष्पक्षता को परखा। संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर परीक्षा से जुड़ी जानकारी ली। परीक्षा व्यवस्था के लिए विवि प्रशासन व डॉ. अंतरीक्ष की सराहना करते हुए कहा कि पूरी पारदर्शिता से शांतिपूवर्क परीक्षा करवाई गई है। इसके लिए 10 उड़नदस्ते नियुक्त किए गए थे।
29 परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंतरीक्ष ने कहा कि कुलपति डॉ. अनिता सक्सेना के निर्देशन में पारदर्शिता के साथ परीक्षा कराने के लिए बेहतर व्यवस्था की गई। मेडिकल अफसरों के 1252 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए हुई स्क्रीनिंग परीक्षा में 5934 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। परीक्षा करीब 1575 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे। परीक्षा के लिए स्कोलर रोजरी, वैश्य लॉ कालेज, वैश्य पॉलिटेक्निक, वैश्य पब्लिक स्कूल, वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शिक्षा भारती विद्यालय, गर्वमेंट कालेज फॉर वूमेन, मॉडल स्कूल, एमडीयू लॉ विभाग, यूआईईटी, कम्प्यूटर ब्लॉक, मैकेनिकल ब्लॉक, नर्सिंग कालेज, डेंटल कालेज, यूएचएस के प्रशासनिक भवन समेत 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए जैमर
परीक्षा की निष्पक्षता के लिए विवि की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इसमें पुलिस के साथ पीजीआईएमएस के सुरक्षा कर्मचारी शामिल रहे। परीक्षार्थियों को दो जगह स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। इनका आधार कार्ड से ऑनलाइन मिलान किया गया। ऐसा किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना से बचने के लिए किया गया। अवांछित तत्वों को परीक्षा से दूर रखने के लिए हर केंद्र पर मोबाइल जैमर का प्रयोग किया गया। डीजीएचएस की ओर से डॉ. वीके. बंसल, डॉ. प्रवीण सेठी, डॉ. जेएस पूनिया व डॉ. आरएस पूनिया को आब्जर्वर नियुक्त किया गया। इन्होंने सभी केंद्रों का निरीक्षण किया।
वेबसाइट पर अपलोड होंगे परीक्षा पत्र व आंसर की
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि देर रात तक सभी परीक्षा पत्र व आंसर की विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। इसके बाद उम्मीदवारों को आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया जाएगा। अंतिम आंसर की अपलोड करने के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा। इस मौके पर डीन डॉ. कुलदीप सिंह लालर, सहायक रजिस्ट्रार बीआर शर्मा, सहायक जयभगवान शर्मा समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

पीजीआई में मेडिकल ऑफिसर के लिय स्क्रीनिंग परिक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों की जांच करता गार्?- फोटो : RohtakCity