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मुख्यमंत्री से मिलकर उद्योगपति औद्योगिक इकाइयों को बचाने की लगाएंगे गुहार
Updated Wed, 18 Jul 2018 02:48 AM IST
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मुख्यमंत्री से मिलकर उद्योगपति औद्योगिक इकाइयों को बचाने की लगाएंगे गुहार
- स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक में उठाया गया 222 इंडस्ट्रियल प्लॉटों का मुद्दा
- 2009 में प्लाट आवंटित करने के बाद 2015 में आवंटन को निरस्त होने से उद्यमी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की एक बैठक बुधवार को कुताना बस्ती स्थित एचएसआईआईडीसी में प्रधान केएल चावला की अध्यक्षता में हुई। जिसमें आवंटन के बाद निरस्त कर दिए 222 इंडस्ट्रियल प्लॉटों के मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि इस मसले पर मुख्यमंत्री से उद्योगपतियों का एक प्रतिनिधिमंडल मिलेगा और उनकी औद्योगिक इकाइयों को बचाने की गुहार लगाई जाएगी।
प्रधान केएल चावला ने बताया कि 2008 में एचएसआईआईडीसी ने 222 औद्योगिक प्लॉटों की बिक्री के लिए विज्ञापन जारी किया और आवेदन करने वालों को 2009 में प्लाट आवंटित कर दिए गए। उद्योगपतियों ने रजिस्ट्री कराई और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करा लिया, लेकिन सरकार की गलत नीतियों के कारण हाईकोर्ट के आदेश पर 2015 में सभी प्लाटों का आवंटन निरस्त कर दिया गया। हाईकोर्ट ने आवंटन प्रक्रिया को गलत बताते हुए यह फैसला दिया। इस मामले में राज्य सरकार ने उद्योगपतियों को कोई राहत नहीं दी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय पर स्टे लगा दिया। तब से प्लाट मालिक अधर में लटके हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के जरिए मामले की हल निकलाने का निर्देश दिया, लेकिन सरकार ने बात नहीं बढ़ाई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को कई बाद पत्र लिखा गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। ऐसे में अब उनसे मिलने के लिए समय मांगा गया है। उम्मीद है कि समस्या का हल निकलेगा। बैठक में गुलशन नारंग, निखिल आनंद, गौरव, मुकेश आंनद, अमित गुगनानी, अमित मनचंदा, अंकुर गुगनानी, विजय गुप्ता, सुरेश कुमार, महेश कुमार, सुरेंद्र, शेखर मिनोचा, अरविंद स्वामी, महेंद्र पाल, राम देव आदि सहित अन्य उद्योगपति मौजूद रहे।
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- स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक में उठाया गया 222 इंडस्ट्रियल प्लॉटों का मुद्दा
- 2009 में प्लाट आवंटित करने के बाद 2015 में आवंटन को निरस्त होने से उद्यमी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की एक बैठक बुधवार को कुताना बस्ती स्थित एचएसआईआईडीसी में प्रधान केएल चावला की अध्यक्षता में हुई। जिसमें आवंटन के बाद निरस्त कर दिए 222 इंडस्ट्रियल प्लॉटों के मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि इस मसले पर मुख्यमंत्री से उद्योगपतियों का एक प्रतिनिधिमंडल मिलेगा और उनकी औद्योगिक इकाइयों को बचाने की गुहार लगाई जाएगी।
प्रधान केएल चावला ने बताया कि 2008 में एचएसआईआईडीसी ने 222 औद्योगिक प्लॉटों की बिक्री के लिए विज्ञापन जारी किया और आवेदन करने वालों को 2009 में प्लाट आवंटित कर दिए गए। उद्योगपतियों ने रजिस्ट्री कराई और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करा लिया, लेकिन सरकार की गलत नीतियों के कारण हाईकोर्ट के आदेश पर 2015 में सभी प्लाटों का आवंटन निरस्त कर दिया गया। हाईकोर्ट ने आवंटन प्रक्रिया को गलत बताते हुए यह फैसला दिया। इस मामले में राज्य सरकार ने उद्योगपतियों को कोई राहत नहीं दी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय पर स्टे लगा दिया। तब से प्लाट मालिक अधर में लटके हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के जरिए मामले की हल निकलाने का निर्देश दिया, लेकिन सरकार ने बात नहीं बढ़ाई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को कई बाद पत्र लिखा गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। ऐसे में अब उनसे मिलने के लिए समय मांगा गया है। उम्मीद है कि समस्या का हल निकलेगा। बैठक में गुलशन नारंग, निखिल आनंद, गौरव, मुकेश आंनद, अमित गुगनानी, अमित मनचंदा, अंकुर गुगनानी, विजय गुप्ता, सुरेश कुमार, महेश कुमार, सुरेंद्र, शेखर मिनोचा, अरविंद स्वामी, महेंद्र पाल, राम देव आदि सहित अन्य उद्योगपति मौजूद रहे।
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