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दो जमा पांच संगठन
Updated Mon, 07 May 2018 02:24 AM IST
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फ्लैग : दो जमा पांच जन आंदोलन के अध्यक्ष ने दी सीएम को चुनौती, बोले
हेडिंग : जिले की किसी भी सीट से लड़ लें चुनाव, लोकप्रियता का हो जाएगा अहसास
सत्ता के दम पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
दो जमा पांच जन आंदोलन के अध्यक्ष एडवोकेट सतबीर हुड्डा का कहना है कि प्रदेश सरकार के इशारे पर अधिकारियों और पुलिस ने मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले लोगों को जबरन उठाकर जेल में ठूंस दिया। अगर सीएम को अपनी लोकप्रियता पर इतना भरोसा है कि वे रोहतक जिले की किसी भी विधानसभा से चुनाव लड़कर देख लें, वे उनके खिलाफ चुनाव लड़कर हकीकत का अहसास करवा देंगे। हुड्डा रविवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संगठन के सदस्य 3 मई को सीएम से मिलने के लिए छोटूराम धर्मशाला से चलकर कैनाल रेस्ट हाउस आए थे। उन्हें रेस्ट हाउस के बाहर खड़ा कर दिया गया। 20 मिनट के बाद एसडीएम ने कहा कि यहां से उठकर और आगे चले जाओ। सत्यवीर सिंह ने कहा कि मैंने एसडीए को कहा कि वे पहले आठ अप्रैल को इसी जगह सीएम से मिले थे। एसडीएम ने इस बात को नहीं समझा। संगठन के लोगों को जबरन बसों में ठूंसकर जेल में छोड़ दिया गया। वे गरीबों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ाने की मांग उठा रहे थे। इसके बावजूद उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। वे उत्पीड़न के खिलाफ अदालत में याचिका दायर करेंगे। इस मौके पर रोहतास सिंहमार व अर्जुन सिंह प्रजापत भी मौजूद रहे।
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हेडिंग : जिले की किसी भी सीट से लड़ लें चुनाव, लोकप्रियता का हो जाएगा अहसास
सत्ता के दम पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
दो जमा पांच जन आंदोलन के अध्यक्ष एडवोकेट सतबीर हुड्डा का कहना है कि प्रदेश सरकार के इशारे पर अधिकारियों और पुलिस ने मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले लोगों को जबरन उठाकर जेल में ठूंस दिया। अगर सीएम को अपनी लोकप्रियता पर इतना भरोसा है कि वे रोहतक जिले की किसी भी विधानसभा से चुनाव लड़कर देख लें, वे उनके खिलाफ चुनाव लड़कर हकीकत का अहसास करवा देंगे। हुड्डा रविवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संगठन के सदस्य 3 मई को सीएम से मिलने के लिए छोटूराम धर्मशाला से चलकर कैनाल रेस्ट हाउस आए थे। उन्हें रेस्ट हाउस के बाहर खड़ा कर दिया गया। 20 मिनट के बाद एसडीएम ने कहा कि यहां से उठकर और आगे चले जाओ। सत्यवीर सिंह ने कहा कि मैंने एसडीए को कहा कि वे पहले आठ अप्रैल को इसी जगह सीएम से मिले थे। एसडीएम ने इस बात को नहीं समझा। संगठन के लोगों को जबरन बसों में ठूंसकर जेल में छोड़ दिया गया। वे गरीबों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ाने की मांग उठा रहे थे। इसके बावजूद उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। वे उत्पीड़न के खिलाफ अदालत में याचिका दायर करेंगे। इस मौके पर रोहतास सिंहमार व अर्जुन सिंह प्रजापत भी मौजूद रहे।
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