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रेलवे स्टेशन पर लगेंगे 40 सीसीटीवी कैमरे, तार बिछाने का काम पूरा
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रोहतक। रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म एवं स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए रेलवे बोर्ड की ओर से विभिन्न चिह्नित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि किसी घटना या दुर्घटना होने पर जांच में पारदर्शिता लाई जा सके और अपराध पर नियंत्रण किया जा सके। स्टेशन पर 40 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए केबल बिछा दी गई है। कैमरों के डायरेक्शन तय करके ब्रैकेट लगाए जा चुके हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो रेल मंडल के अधिकारियों की सख्ती के चलते तय हुआ है कि 25 दिसंबर तक रेलवे स्टेशन पर आने वाला हर यात्री सीसीटीवी कैमरे की नजर में होगा। जिसकी मॉनीटरिंग न सिर्फ रोहतक स्टेशन बल्कि सीधे दिल्ली कंट्रोल रूम पर भी होगी। इसके अलावा स्थानीय रेलवे स्टेशन पर कंट्रोल रूम बनाने के लिए चिह्नित तीन स्थानों में से एक का फैसला तीन-चार दिन में हो जाएगा।
रेलवे स्टेशन पर आने-जाने के चार मुख्य रास्ते हैं, जिनमें एक रास्ता टिकट विंडो, दूसरा निकासी, तीसरा आरपीएफ थाने के नजदीक और चौथा वैश्य कॉलेज की तरफ है। इसके अलावा कई चोर रास्ते हैं, जिनसे न सिर्फ असामाजिक तत्व बल्कि बिना टिकट यात्री बेखौफ होकर आवागमन करते हैं। यही नहीं, सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की वजह से स्टेशन पर कई वारदात होने पर भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। फरवरी 2019 में रेल महाप्रबंधक ने स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए थे। इंजीनियरों ने सर्कुलेटिंग एरिया, मुख्य गेट के अलावा प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर 40 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए तारों का जाल बिछाकर ब्रैकेट लगा दिए हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों को कंट्रोल रूम का स्थान तय नहीं होने की सूचना पहुंचने की भनक से बुधवार को स्थानीय अधिकारी हरकत में आ गए हैं। तीन-चार दिन में कंट्रोल रूम का स्थान तय करना सुनिश्चित कर लिया है। 25 दिसंबर तक कैमरे लगाकर संचालित करवा दिए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद स्टेशन पर नजर न सिर्फ रोहतक के कंट्रोल रूम से होगी बल्कि सीधे दिल्ली कंट्रोल रूम पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी भी रखेंगे।
ये बड़ी वारदात हो चुकी
- आठ महीने पहले माल गोदाम से चंद कदम दूरी पर एक व्यक्ति की पत्थरों से कुचलकर हत्या की गई। इस दौरान खोजी कुत्ते ने संकेत दिया कि अपराधी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से होते हुए आए थे मगर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की वजह से आज तक अज्ञात हत्यारोपियों को पता नहीं चल सका।
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- आठ माह पहले गरीब रथ एक्सप्रेस में बदमाशों ने मकड़ौली रेलवे क्रॉसिंग के पास डकैती डाली थी। यूपी की सहारनपुर पुलिस ने जब बदमाशों को दबोचा तो उन्होंने खुलासा किया था कि वह रेलवे स्टेशन रोहतक से ट्रेन के अंदर वारदात करने के लिए सवार हुए थे।
ये तीन स्थान चुने हैं कंट्रोल रूम के लिए
आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल रूम के लिए दिव्यांग शौचालय के नजदीक बना पुस्तकालय, स्टेशन पर बना स्टोर रूम और आरपीएफ थाने के नजदीक छोटा कमरा बनाना तय हुआ है। कंट्रोल रूम बनाने के स्थान का अंतिम फैसला स्टेशन अधीक्षक और आरडब्ल्यू को लेना है।
एक-दूसरे पर नजर रखेंगे कैमरे
इंजीनियरों ने बताया कि स्टेशन पर कैमरों का डायरेक्शन आमने-सामने रखा गया है ताकि यदि कोई एक कैमरे से छेड़छाड़ करेगा तो वह दूसरे कैमरे की नजरों में कैद हो जाएगा।
सर्कुलेटिंग एरिया और स्टेशन पर 40 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए तार बिछाकर ब्रैकेट लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। अब कंट्रोल रूम का स्थान तय होते ही उपकरण स्थापित करवा दिए जाएंगे। इसके साथ ही कैमरे लगाने का काम शुरू होगा। 25 दिसंबर तक कैमरे संचालित करवा दिए जाएंगे। स्टेशन की मॉनीटरिंग न सिर्फ रोहतक के कंट्रोल रूम से होगी बल्कि दिल्ली से भी शुरू हो जाएगी।
- रूपेश झा, डिप्टी मैनेजर टेलीकॉम विभाग रेलवे
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रेलवे स्टेशन पर आने-जाने के चार मुख्य रास्ते हैं, जिनमें एक रास्ता टिकट विंडो, दूसरा निकासी, तीसरा आरपीएफ थाने के नजदीक और चौथा वैश्य कॉलेज की तरफ है। इसके अलावा कई चोर रास्ते हैं, जिनसे न सिर्फ असामाजिक तत्व बल्कि बिना टिकट यात्री बेखौफ होकर आवागमन करते हैं। यही नहीं, सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की वजह से स्टेशन पर कई वारदात होने पर भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। फरवरी 2019 में रेल महाप्रबंधक ने स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए थे। इंजीनियरों ने सर्कुलेटिंग एरिया, मुख्य गेट के अलावा प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर 40 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए तारों का जाल बिछाकर ब्रैकेट लगा दिए हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों को कंट्रोल रूम का स्थान तय नहीं होने की सूचना पहुंचने की भनक से बुधवार को स्थानीय अधिकारी हरकत में आ गए हैं। तीन-चार दिन में कंट्रोल रूम का स्थान तय करना सुनिश्चित कर लिया है। 25 दिसंबर तक कैमरे लगाकर संचालित करवा दिए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद स्टेशन पर नजर न सिर्फ रोहतक के कंट्रोल रूम से होगी बल्कि सीधे दिल्ली कंट्रोल रूम पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी भी रखेंगे।
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ये बड़ी वारदात हो चुकी
- आठ महीने पहले माल गोदाम से चंद कदम दूरी पर एक व्यक्ति की पत्थरों से कुचलकर हत्या की गई। इस दौरान खोजी कुत्ते ने संकेत दिया कि अपराधी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से होते हुए आए थे मगर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की वजह से आज तक अज्ञात हत्यारोपियों को पता नहीं चल सका।
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- आठ माह पहले गरीब रथ एक्सप्रेस में बदमाशों ने मकड़ौली रेलवे क्रॉसिंग के पास डकैती डाली थी। यूपी की सहारनपुर पुलिस ने जब बदमाशों को दबोचा तो उन्होंने खुलासा किया था कि वह रेलवे स्टेशन रोहतक से ट्रेन के अंदर वारदात करने के लिए सवार हुए थे।
ये तीन स्थान चुने हैं कंट्रोल रूम के लिए
आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल रूम के लिए दिव्यांग शौचालय के नजदीक बना पुस्तकालय, स्टेशन पर बना स्टोर रूम और आरपीएफ थाने के नजदीक छोटा कमरा बनाना तय हुआ है। कंट्रोल रूम बनाने के स्थान का अंतिम फैसला स्टेशन अधीक्षक और आरडब्ल्यू को लेना है।
एक-दूसरे पर नजर रखेंगे कैमरे
इंजीनियरों ने बताया कि स्टेशन पर कैमरों का डायरेक्शन आमने-सामने रखा गया है ताकि यदि कोई एक कैमरे से छेड़छाड़ करेगा तो वह दूसरे कैमरे की नजरों में कैद हो जाएगा।
सर्कुलेटिंग एरिया और स्टेशन पर 40 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए तार बिछाकर ब्रैकेट लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। अब कंट्रोल रूम का स्थान तय होते ही उपकरण स्थापित करवा दिए जाएंगे। इसके साथ ही कैमरे लगाने का काम शुरू होगा। 25 दिसंबर तक कैमरे संचालित करवा दिए जाएंगे। स्टेशन की मॉनीटरिंग न सिर्फ रोहतक के कंट्रोल रूम से होगी बल्कि दिल्ली से भी शुरू हो जाएगी।
- रूपेश झा, डिप्टी मैनेजर टेलीकॉम विभाग रेलवे