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Rohtak News: सर्दी में 35 टन तिल का करोबार होने का अनुमान
Wed, 10 Dec 2025 02:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 10 Dec 2025 02:29 AM IST
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30-शहर की पुरानी अनाज मंडी में एक दुकान से तिल की खरीदारी के लिए पहुंचे ग्राहक। संवाद
रोहतक। सर्दी के साथ ही लोग अपनी व परिवार की सेहत का ख्याल रखते हुए तिल की खरीदारी करने लगे हैं। जिले में राजस्थान व गुजरात से तिल का आयात होता है। सर्दी में लड्डू से लेकर रेवड़ी तक में तिल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके सेवन से गर्माहट मिलती है।
पुरानी अनाज मंडी के कारोबारी नितिन और रोहित का मानना है कि सर्दी के सीजन में जिले में लगभग 35 टन तिल का कारोबार हो सकता है। रोहतक में दिल्ली के रास्ते तिल की ज्यादातर आवक होती है।
उन्होंने बताया कि शहर की पुरानी अनाज मंडी, नई अनाज मंडी, पुरानी सब्जी मंडी, रेलवे रोड, गांधी कैंप मार्केट, बड़ा बाजार, बाबरा मार्केट व दुर्गा काॅलोनी एवं शिवाजी काॅलोनी मार्केट सहित 1500 से अधिक दुकानों पर तिल मिलता है।
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बाजारों में दो प्रकार का तिल मिलता है। एक सफेद और दूसरा भूरे रंग का। हालांकि, काले रंग का तिल भी होता है लेकिन उसका प्रयोग खाने में कम किया जाता है।
वहीं, पीजीआईएमएस की डाइटीशियन पूनम ने बताया कि तिल में प्रोटीन व वसा के अलावा कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, फॉस्फोरस पाया जाता है जिसकी वजह से इसकी सर्दी में मांग अधिक होती है।
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पुरानी अनाज मंडी के कारोबारी नितिन और रोहित का मानना है कि सर्दी के सीजन में जिले में लगभग 35 टन तिल का कारोबार हो सकता है। रोहतक में दिल्ली के रास्ते तिल की ज्यादातर आवक होती है।
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उन्होंने बताया कि शहर की पुरानी अनाज मंडी, नई अनाज मंडी, पुरानी सब्जी मंडी, रेलवे रोड, गांधी कैंप मार्केट, बड़ा बाजार, बाबरा मार्केट व दुर्गा काॅलोनी एवं शिवाजी काॅलोनी मार्केट सहित 1500 से अधिक दुकानों पर तिल मिलता है।
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बाजारों में दो प्रकार का तिल मिलता है। एक सफेद और दूसरा भूरे रंग का। हालांकि, काले रंग का तिल भी होता है लेकिन उसका प्रयोग खाने में कम किया जाता है।
वहीं, पीजीआईएमएस की डाइटीशियन पूनम ने बताया कि तिल में प्रोटीन व वसा के अलावा कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, फॉस्फोरस पाया जाता है जिसकी वजह से इसकी सर्दी में मांग अधिक होती है।