{"_id":"5a1b3a524f1c1b8b688b517a","slug":"31511733842-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पार्क के पेड़ काटने पर विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पार्क के पेड़ काटने पर विरोध
Updated Mon, 27 Nov 2017 03:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पार्क के पेड़ों को काटने पर विरोध
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सेक्टर तीन स्थित पार्क में ठेकेदार द्वारा चाहर दिवारी के कार्य की आड़ में हरे-भरे पेड़ों को काटने पर सेक्टर वासियों ने विरोध जताया है। स्थानीय लोगों के विरोध के चलते ठेकेदार और उसके कर्मचारी बीच में ही काम छोड़ कर भाग गए। सेक्टर निवासियों में रोष है कि हरे-भरे वृक्षों को क्यों काटा जा रहा है, जबकि यह कानूनन जुर्म है।
स्थानीय लोगों आरोप लगाया कि पहले भी ठेकेदार सेक्टर के दूसरे पार्कों में पेड़ों को काटकर लकड़ी बेच चुका है। रविवार को भी ठेकेदार अपने कारिंदों को साथ में लेकर पार्क में पहुंचा तथा वहां पहुंचकर निर्मम तरीके से पेड़ों को काटने लगा। इस पर सेक्टर निवासी सुरेंद्र मलिक, सतीश दहिया, वजीर अहलावत, शमशेर दलाल, जसबीर हुड्डा, बलजीत राणा, राजेंद्र धनखड़, सतबीर राणा, हवा सिंह राणा, कर्मबीर, दर्शन, राजेंद्र मलिक व विरेंद्र मलिक वहां पहुंच गये तथा ठेकेदार को हरे-भरे पेड़ न काटने को कहा। इस पर ठेकेदार नहीं माना तथा उसने अपने कारिंदों को काम जारी रखने के लिए कहा। जब सेक्टर वासियों ने इसका कड़ाई के साथ विरोध किया तो ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया। विरोध कर रहे लोगों ने बताया कि उन्हें हुडा विभाग की नीतियां बिल्कुल समझ में नहीं आ रही हैं। पहले से बनी चाहर दिवारी को गिराकर दोबारा बनवाना कौन सा विकास कार्य है और उस पर पार्क के पेड़ों को काटना तो और भी गलत है। वहीं आमजन ने आरोप लगाया कि ठेकेदार निर्माण सामग्री में भी धांधली कर रहा है। सही तरीके से कार्य न करने के कारण वे उसकी शिकायत वन विभाग व हुडा प्रशासक से करेंगे।
विज्ञापन
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सेक्टर तीन स्थित पार्क में ठेकेदार द्वारा चाहर दिवारी के कार्य की आड़ में हरे-भरे पेड़ों को काटने पर सेक्टर वासियों ने विरोध जताया है। स्थानीय लोगों के विरोध के चलते ठेकेदार और उसके कर्मचारी बीच में ही काम छोड़ कर भाग गए। सेक्टर निवासियों में रोष है कि हरे-भरे वृक्षों को क्यों काटा जा रहा है, जबकि यह कानूनन जुर्म है।
स्थानीय लोगों आरोप लगाया कि पहले भी ठेकेदार सेक्टर के दूसरे पार्कों में पेड़ों को काटकर लकड़ी बेच चुका है। रविवार को भी ठेकेदार अपने कारिंदों को साथ में लेकर पार्क में पहुंचा तथा वहां पहुंचकर निर्मम तरीके से पेड़ों को काटने लगा। इस पर सेक्टर निवासी सुरेंद्र मलिक, सतीश दहिया, वजीर अहलावत, शमशेर दलाल, जसबीर हुड्डा, बलजीत राणा, राजेंद्र धनखड़, सतबीर राणा, हवा सिंह राणा, कर्मबीर, दर्शन, राजेंद्र मलिक व विरेंद्र मलिक वहां पहुंच गये तथा ठेकेदार को हरे-भरे पेड़ न काटने को कहा। इस पर ठेकेदार नहीं माना तथा उसने अपने कारिंदों को काम जारी रखने के लिए कहा। जब सेक्टर वासियों ने इसका कड़ाई के साथ विरोध किया तो ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया। विरोध कर रहे लोगों ने बताया कि उन्हें हुडा विभाग की नीतियां बिल्कुल समझ में नहीं आ रही हैं। पहले से बनी चाहर दिवारी को गिराकर दोबारा बनवाना कौन सा विकास कार्य है और उस पर पार्क के पेड़ों को काटना तो और भी गलत है। वहीं आमजन ने आरोप लगाया कि ठेकेदार निर्माण सामग्री में भी धांधली कर रहा है। सही तरीके से कार्य न करने के कारण वे उसकी शिकायत वन विभाग व हुडा प्रशासक से करेंगे।
विज्ञापन