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Rohtak News: राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटाए 22253 मामले
Sun, 14 Dec 2025 02:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 14 Dec 2025 02:51 AM IST
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रोहतक। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को दोनों पक्षों की सहमति से 22 हजार से ज्यादा मामलों में 6.98 करोड़ रुपये का निपटान किया। इसमें 90 प्रतिशत मामले बैंक वसूली, एनआई एक्ट, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, राजस्व, बिजली व पानी के बिलों से संबंधित रहे।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि शनिवार को जिला कोर्ट परिसर व महम उपमंडल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इसके लिए छह बेंच जिला कोर्ट व एक महम कोर्ट में लगाई गई। रोहतक कोर्ट परिसर में एडीजे अनिल कौशिक, फैमिली प्रिंसिपल जज संगीता राय, सीजेएम मोहम्मद सगीर, जेएमआईसी कर्ण दीप, रवलीन कौर व ममता और सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट अमित श्योराण की बेंच बनाई गई।
2620 मामलों में नहीं हो सकी सहमति
राष्ट्रीय लोक अदालत में 24,873 मामलों की सुनवाई की गई। इसमें से 22,253 का दोनों पक्षों की सहमति से निपटाया गया। दोनों पक्षों के बीच 6,98,24,575 रुपये की समझौता राशि तय हुई। इसमें 90 प्रतिशत से ज्यादा मामले बैंक की ओर से लोन वसूली, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, समझौता राशि देकर आपराधिक मामलों के निपटारे, वैवाहिक विवाद, राजस्व, बिजली व पानी के बिलों से संबंधित मामले रहे।
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बिजली बिल माफ होने की अफवाह सुनकर पहुंंचे लोग
अदालत के बाहर तैनात पुलिसकर्मी ने बताया कि सुबह कुछ लोग आए और पूछा कि क्या बिजली के बिल भी राष्ट्रीय लोक अदालत में माफ हो रहे हैं। उनको पूछताछ करने के लिए अंदर भेजा गया। इसके बाद वे लौट गए। उनको बताया गया कि बिल माफ नहीं हो रहा बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से राशि तय होती है।
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जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि शनिवार को जिला कोर्ट परिसर व महम उपमंडल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इसके लिए छह बेंच जिला कोर्ट व एक महम कोर्ट में लगाई गई। रोहतक कोर्ट परिसर में एडीजे अनिल कौशिक, फैमिली प्रिंसिपल जज संगीता राय, सीजेएम मोहम्मद सगीर, जेएमआईसी कर्ण दीप, रवलीन कौर व ममता और सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट अमित श्योराण की बेंच बनाई गई।
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2620 मामलों में नहीं हो सकी सहमति
राष्ट्रीय लोक अदालत में 24,873 मामलों की सुनवाई की गई। इसमें से 22,253 का दोनों पक्षों की सहमति से निपटाया गया। दोनों पक्षों के बीच 6,98,24,575 रुपये की समझौता राशि तय हुई। इसमें 90 प्रतिशत से ज्यादा मामले बैंक की ओर से लोन वसूली, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, समझौता राशि देकर आपराधिक मामलों के निपटारे, वैवाहिक विवाद, राजस्व, बिजली व पानी के बिलों से संबंधित मामले रहे।
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बिजली बिल माफ होने की अफवाह सुनकर पहुंंचे लोग
अदालत के बाहर तैनात पुलिसकर्मी ने बताया कि सुबह कुछ लोग आए और पूछा कि क्या बिजली के बिल भी राष्ट्रीय लोक अदालत में माफ हो रहे हैं। उनको पूछताछ करने के लिए अंदर भेजा गया। इसके बाद वे लौट गए। उनको बताया गया कि बिल माफ नहीं हो रहा बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से राशि तय होती है।