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युवा वोटरों पर टिकी राजनीतिक निगाहें

Sat, 13 Apr 2019 02:22 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2019 02:22 AM IST
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युवा वोटरों पर टिकी राजनीतिक निगाहें
रोहतक। दुनिया के सबसे युवा देश में लोकसभा चुनाव का खुमार छाया है। युवा मतदाताओं पर इस बार के चुनाव परिणाम निर्भर करेंगे। प्रदेश में भी युवा वोटरों की संख्या के चलते यही स्थिति बनी हुई है। हरियाणा में करीब 65 प्रतिशत युवा वोटर हैं। ऐसे में हर राजनीतिक दल की निगाहें युवा वोटरों पर टिकी हैं। यही नहीं युवा संगठन भी चुनाव में अहम भूमिका रखते हैं। युवा वोटरों का बड़ा हिस्सा प्रदेश के राजनीतिक गढ़ रोहतक में बताया जा रहा है। इस वोट बैंक को भुनाने के लिए हर दल ने अपनी छात्र इकाई को सक्रिय करते हुए प्रचार व जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है।
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रोहतक में 7.56 लाख वोटरों में से 50 प्रतिशत युवा वोटर
लोकसभा क्षेत्र रोहतक में बुधवार शाम तक करीब सात लाख 56 हजार 500 वोटर सूची में शामिल हो चुके हैं। इनमें से करीब 50 प्रतिशत युवा वोटर बताए जा रहे हैं। इस हिसाब से रोहतक लोस क्षेत्र में करीब 3.78 लाख युवा वोटर बनते हैं। यह बड़ा वोट बैंक है। यही वजह है कि हर दल युवाओं को लुभाने में जुट गया है।
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रोहतक में रोज पढ़ने आते हैं 40 हजार विद्यार्थी
प्रदेश के युवाओं का बड़ा हिस्सा रोहतक में बताया जा रहा है। इसकी वजह यहां चार विश्वविद्यालय व 15 महाविद्यालयों के अलावा दर्जनों कोचिंग सेंटर बताए जा रहे हैं। यहां रोजाना करीब 40 हजार से ज्यादातर युवा शिक्षा के लिए आते जाते हैं। जबकि शेष रोहतक में ही रहकर अध्ययन या खेल गतिविधियों में शामिल होते हैं। जिले के चार विश्वविद्यालयों में ए प्लस ग्रेड पाने वाला एमडीयू, उत्तर भारत का बड़ा कला विवि स्टेट यूनिवर्सिटी, प्रदेश का एकमात्र स्वास्थ्य विवि के अलावा बाबा मस्तनाथ विवि शामिल हैं।
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छात्र संगठनों की सदस्यता का लौजिक
लोकसभा चुनाव की आहट के साथ राजनीतिक दलों ने अपनी छात्र इकाई को अलर्ट कर दिया है। इसकी वजह इन इकाईयों से जुड़े युवा वोटर हैं। राजनीतिक दल छात्र संगठनों की सदस्यता का लौजिक लेकर चल रहे हैं। इसके तहत हर इकाई के पास अपना मजबूत वोट बैंक है। एबीवीपी अपने साथ सबसे अधिक युवा होने का दावा कर रही है तो इनसो, एनएसयूआई व एसएफआई भी अपने मजबूत साथियों के अलग नहीं होने का दम भर रहे हैं। फिलहाल ये सभी छात्र संगठन अपने-अपने दलों के प्रत्याशियों की जीत को लेकर प्रचार में जुटे हुए हैं।
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