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2442 ओवरलोड वाहनों से 8.14 करोड़ वसूले
Updated Thu, 26 Apr 2018 01:56 AM IST
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2442 ओवरलोड वाहनों से 8.14 करोड़ वसूले
चरखी दादरी।
ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाकर राजस्व अर्जित करने के मामले में चरखी दादरी जिला प्रदेश में सबसे आगे है। पिछले चार महीनों के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों के प्रयासों से जनवरी माह से अब तक राज्य सरकार को 8.14 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है। विभाग ने इसके लिए 21 टीमों का गठन किया है।
इस बारे में यातायात परिवहन कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि चरखी दादरी जिला में ओवरलोडिंग वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए उपायुक्त अजय सिंह तोमर के निर्देशों पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की 21 टीमें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इन टीमों की क्रमवार 24 घंटे की ड्यूटी रहती है। उपायुक्त के कड़े निर्देश हैं कि ओवरलोडिंग पर हर हालत में अंकुश लगना चाहिए। उन्होंने बताया कि नया जिला होने के नाते दादरी में संसाधन और मैन पावर की कमी है। इसके बावजूद गठित की गई टीमें लगातार कार्य कर रही हैं और इसी का नतीजा है कि दादरी जिला प्रदेश में ओवरलोडिंग वाहनों के चालानों से प्राप्त होने वाले राजस्व के मामले में सबसे आगे है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के प्रयासों को देखते हुए ओवरलोडिंग को खत्म करने के लिए खुद ट्रक यूनियन भी इस कार्य में सहयोग कर रही हैं। हाल ही में ट्रक यूनियन ने ओवरलोड वाहन नहीं चलाने का फैसला लिया था। उन्होंने बताया कि ओवरलोडिंग पर कार्यवाही से यातायात व्यवस्था में भी सुधार हुआ है। अब ओवरलोड वाहनों के कारण दुर्घटना के बहुत कम मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक ओवरलोड वाहनों के कुल 2442 चालान किए जा चुके हैं और इससे 8 करोड़ 14 लाख 87 हजार पए का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि जनवरी माह में ओवरलोडिंग के लिए कुल 672 चालान किए गए थे, जिनसे दो करोड़ 19 लाख 73 हजार 900 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसी प्रकार फरवरी माह में कुल 751 चालानों से दो करोड़ 42 लाख 81 हजार रुपए, मार्च माह में कुल 570 चालानों से एक करोड़ 87 लाख 18 हजार 400 रुपए और अप्रैल माह में अभी तक ओवरलोडिंग के 449 चालानों से एक करोड़ 65 लाख 13 हजार 700 रुपये का राजस्व सरकार को मिल चुका है।
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चरखी दादरी।
ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाकर राजस्व अर्जित करने के मामले में चरखी दादरी जिला प्रदेश में सबसे आगे है। पिछले चार महीनों के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों के प्रयासों से जनवरी माह से अब तक राज्य सरकार को 8.14 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है। विभाग ने इसके लिए 21 टीमों का गठन किया है।
इस बारे में यातायात परिवहन कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि चरखी दादरी जिला में ओवरलोडिंग वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए उपायुक्त अजय सिंह तोमर के निर्देशों पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की 21 टीमें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इन टीमों की क्रमवार 24 घंटे की ड्यूटी रहती है। उपायुक्त के कड़े निर्देश हैं कि ओवरलोडिंग पर हर हालत में अंकुश लगना चाहिए। उन्होंने बताया कि नया जिला होने के नाते दादरी में संसाधन और मैन पावर की कमी है। इसके बावजूद गठित की गई टीमें लगातार कार्य कर रही हैं और इसी का नतीजा है कि दादरी जिला प्रदेश में ओवरलोडिंग वाहनों के चालानों से प्राप्त होने वाले राजस्व के मामले में सबसे आगे है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के प्रयासों को देखते हुए ओवरलोडिंग को खत्म करने के लिए खुद ट्रक यूनियन भी इस कार्य में सहयोग कर रही हैं। हाल ही में ट्रक यूनियन ने ओवरलोड वाहन नहीं चलाने का फैसला लिया था। उन्होंने बताया कि ओवरलोडिंग पर कार्यवाही से यातायात व्यवस्था में भी सुधार हुआ है। अब ओवरलोड वाहनों के कारण दुर्घटना के बहुत कम मामले सामने आ रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक ओवरलोड वाहनों के कुल 2442 चालान किए जा चुके हैं और इससे 8 करोड़ 14 लाख 87 हजार पए का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि जनवरी माह में ओवरलोडिंग के लिए कुल 672 चालान किए गए थे, जिनसे दो करोड़ 19 लाख 73 हजार 900 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसी प्रकार फरवरी माह में कुल 751 चालानों से दो करोड़ 42 लाख 81 हजार रुपए, मार्च माह में कुल 570 चालानों से एक करोड़ 87 लाख 18 हजार 400 रुपए और अप्रैल माह में अभी तक ओवरलोडिंग के 449 चालानों से एक करोड़ 65 लाख 13 हजार 700 रुपये का राजस्व सरकार को मिल चुका है।
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