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शॉर्टकट के चक् कर में खतरे में डाल रहे दूसरों की जिदंगी
Updated Fri, 11 Aug 2017 01:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के साढ़े चार किलोमीटर लंबे बाईपास पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए कई जगहों पर अवैध कट बना लिए हैं। लोग शॉर्टकट के चक्कर में दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। रोजाना दो से तीन हादसे भी हो रहे हैं, हालांकि गनीमत यह है कि अभी तक कोई बड़ी दुघर्टना नहीं घटी। लेकिन बाइक का आपस में टकराना यहां रोजाना की आम बात है, फिर भी न तो शॉर्टकट का मोह छोड़ रहे हैं और न ही प्रशासन इन पर कोई कार्रवाई कर रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से हादसे होने के कारण इन अवैध कटों को कई बार बंद करने के साथ ही यहां पर पत्थर आदि भी डाले गए, लेकिन सख्ती न होने के कारण यातायात नियम तोड़ने वाले मनचाहे कट बना लेते हैं।
बावल रोड स्थित आईओसी चौक से लेकर दिल्ली रोड स्थित अभय सिंह चौक तक लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब साढ़े नौ करोड़ की लागत से नई सड़क के साथ डिवाइडर और दोनों तरफ नई फुटपाथ का निर्माण किया था। लेकिन निर्माण के दौरान ही कई लोगों ने डिवाइडर तोड़ रास्ते बना लिए हैं, जबकि बाइपास पर सर्विस रोड से लेकर छह चौक बने हैं।
युवक से लेकर बुजुर्ग तक तोड़ रहे नियम
देश को आजाद हुए 70 साल होने को हैं। शिक्षा का स्तर सुधरने का भी खूब दावा किया जाता है। लेकिन नैतिक शिक्षा की कमी के चलते युवक एवं नियमों को ताक पर रखना शान समझते हैं। यातायात नियमों को तोड़ने में युवकों के साथ बड़े भी पीछे नहीं हैं। यहीं कारण है कि शहर बाईपास पर युवकों से लेकर बुजुर्ग तक अवैध कट पार करते समय हादसों का शिकार हो रहे हैं। युवक से लेकर सभी आयु वर्ग के लोग शांति लोक के सामने, सेक्टर-4 स्थित डिस्पेंसरी के पास बनाए गए कटों को पार करते देखा जा सकता है।
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क्या कहते हैं लोग
खुद की जिम्मेदारी समझना प्रत्येक इंसान का पहला कर्तव्य होना चाहिए। यदि हम ठीक हैं तो प्रशासन को भी जवाबदेही होना पड़ेगा। लेकिन यदि हम खुुद ही अपनी जिंदगी के साथ खिलवाड़ करेंगे तो यह परिवार के साथ देश की भी हानि होगी। -अनिल पाल्हावास, सामाजिक कार्यकर्ता
प्रशासन को भी लोगों की सुविधा के हिसाब से चौक-चौराहों का निर्माण करना चाहिए। कई बार लोगों को कट के अभाव में किमी. तक का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। हालांकि अवैध कटों को जायज नहीं ठहराया जा सकता है। इन अवैध कटों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं।
-राजेश कौशिक, निवासी साउथ सिटी
सरकारी रोड पर किसी तरह का निजी व्यक्ति द्वारा बदलाव करना अपराध है। वहीं अवैध कट बनाकर लोग खुद ही अपनी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हैं। प्रशासन के साथ लोगों को भी अपनी सुरक्षा के लिए अलर्ट रहना जरूरी है।
राजेंद्र सिंह, एडवोकेट
प्रशासनिक जवाबदेही के साथ लोगों को अपनी ड्यूटी भी समझनी जरूरी है। बाइपास पर अवैध कट बनाकर लोग अपनी जिंदगी के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। कई बार देखा गया है कि लोगों के द्वारा बरती गई लापरवाही दूसरे की जिंदगी तक छीन लेती है। ऐसे में लोगों को मानसिकता भी बदलने की आवश्यकता है। -प्रो. अनिरुद्ध, सामाजिक कार्यकर्ता
यूं तो डिवाइडर ठीक करना संबंधित विभाग का काम है। लेकिन पुलिस ऐसे लोगों का चालान भी करती हैं। नियमों को ताक पर रखकर वाहन नहीं चलाने दिया जाएगा। -हरीसिंह, एसएचओ, ट्रैफिक
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रेवाड़ी।
शहर के साढ़े चार किलोमीटर लंबे बाईपास पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए कई जगहों पर अवैध कट बना लिए हैं। लोग शॉर्टकट के चक्कर में दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। रोजाना दो से तीन हादसे भी हो रहे हैं, हालांकि गनीमत यह है कि अभी तक कोई बड़ी दुघर्टना नहीं घटी। लेकिन बाइक का आपस में टकराना यहां रोजाना की आम बात है, फिर भी न तो शॉर्टकट का मोह छोड़ रहे हैं और न ही प्रशासन इन पर कोई कार्रवाई कर रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से हादसे होने के कारण इन अवैध कटों को कई बार बंद करने के साथ ही यहां पर पत्थर आदि भी डाले गए, लेकिन सख्ती न होने के कारण यातायात नियम तोड़ने वाले मनचाहे कट बना लेते हैं।
बावल रोड स्थित आईओसी चौक से लेकर दिल्ली रोड स्थित अभय सिंह चौक तक लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब साढ़े नौ करोड़ की लागत से नई सड़क के साथ डिवाइडर और दोनों तरफ नई फुटपाथ का निर्माण किया था। लेकिन निर्माण के दौरान ही कई लोगों ने डिवाइडर तोड़ रास्ते बना लिए हैं, जबकि बाइपास पर सर्विस रोड से लेकर छह चौक बने हैं।
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युवक से लेकर बुजुर्ग तक तोड़ रहे नियम
देश को आजाद हुए 70 साल होने को हैं। शिक्षा का स्तर सुधरने का भी खूब दावा किया जाता है। लेकिन नैतिक शिक्षा की कमी के चलते युवक एवं नियमों को ताक पर रखना शान समझते हैं। यातायात नियमों को तोड़ने में युवकों के साथ बड़े भी पीछे नहीं हैं। यहीं कारण है कि शहर बाईपास पर युवकों से लेकर बुजुर्ग तक अवैध कट पार करते समय हादसों का शिकार हो रहे हैं। युवक से लेकर सभी आयु वर्ग के लोग शांति लोक के सामने, सेक्टर-4 स्थित डिस्पेंसरी के पास बनाए गए कटों को पार करते देखा जा सकता है।
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क्या कहते हैं लोग
खुद की जिम्मेदारी समझना प्रत्येक इंसान का पहला कर्तव्य होना चाहिए। यदि हम ठीक हैं तो प्रशासन को भी जवाबदेही होना पड़ेगा। लेकिन यदि हम खुुद ही अपनी जिंदगी के साथ खिलवाड़ करेंगे तो यह परिवार के साथ देश की भी हानि होगी। -अनिल पाल्हावास, सामाजिक कार्यकर्ता
प्रशासन को भी लोगों की सुविधा के हिसाब से चौक-चौराहों का निर्माण करना चाहिए। कई बार लोगों को कट के अभाव में किमी. तक का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। हालांकि अवैध कटों को जायज नहीं ठहराया जा सकता है। इन अवैध कटों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं।
-राजेश कौशिक, निवासी साउथ सिटी
सरकारी रोड पर किसी तरह का निजी व्यक्ति द्वारा बदलाव करना अपराध है। वहीं अवैध कट बनाकर लोग खुद ही अपनी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हैं। प्रशासन के साथ लोगों को भी अपनी सुरक्षा के लिए अलर्ट रहना जरूरी है।
राजेंद्र सिंह, एडवोकेट
प्रशासनिक जवाबदेही के साथ लोगों को अपनी ड्यूटी भी समझनी जरूरी है। बाइपास पर अवैध कट बनाकर लोग अपनी जिंदगी के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। कई बार देखा गया है कि लोगों के द्वारा बरती गई लापरवाही दूसरे की जिंदगी तक छीन लेती है। ऐसे में लोगों को मानसिकता भी बदलने की आवश्यकता है। -प्रो. अनिरुद्ध, सामाजिक कार्यकर्ता
यूं तो डिवाइडर ठीक करना संबंधित विभाग का काम है। लेकिन पुलिस ऐसे लोगों का चालान भी करती हैं। नियमों को ताक पर रखकर वाहन नहीं चलाने दिया जाएगा। -हरीसिंह, एसएचओ, ट्रैफिक