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शहर में अतिक्रमण हटाने पर झज्जर रोड पर हंगामा, लगा जाम
Updated Sat, 16 Dec 2017 02:25 AM IST
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शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर झज्जर रोड पर हंगामा, लगा जाम -----
स्कूटी अड़ा रोका काफिला, दुम दबाकर भागे अधिकारी
- मात्र दो दुकानदारों का उठाया सामान, उनमें से एक का बाद में छोड़ा
- लोग बोले - बिना पुलिस सुरक्षा बाजार में अतिक्रमण हटाने गए थे या खानापूर्ति करने
- एलओ बोले - अब ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवाकर पुलिस बल के साथ देंगे दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
बिना पुलिस सुरक्षा बाजार से अतिक्रमण हटाने गई निगम की टीम के उस समय हाथ-पैर फूल गए, जब दो युवकों ने स्कूटी अड़ाकर झज्जर रोड के पुल पर अधिकारियों का काफिला रोक दिया। काफी देर तक अधिकारी बेबस होकर गाड़ी में ही बैठे रहे। कुछ देर बाद युवकों के पास फोन आया, तभी उन्होंने निगम की गाड़ी के आगे से स्कूटी हटाई। अधिकारियों का दावा है कि बाद में युवक निगम आफिस आए और माफी मांगी। जबकि युवकों का कहना है कि उन्होंने कोई माफी नहीं मांगी।
गोहाना रोड : बच्चों की रिक्शा उठाते ही लपका दुकानदार
सबसे पहले टीम सुभाष रोड होते हुए टीम गोहाना अड्डा पर पहुंची। सबसे ज्यादा अतिक्रमण होने के बावजूद टीम ने सुभाष रोड पर किसी को कुछ नहीं कहा। गोहाना अड्डा पर साइकिल शॉप के बाहर रखी बच्चे की साइकिल रिक्शा उठाकर ट्रैक्टर-ट्राली में रख ली। इससे गुस्साया दुकानदार निगम कर्मचारी की तरफ लपका, लेकिन दूसरे कर्मचारी बीच में आ गए। बिना पुलिस के निगम के अधिकारियों की टीम ने वहां से खिसकना ही उचित समझा।
झज्जर रोड : हिम्मत है तो अवैध ऑटो और सड़क पर खड़े वाहन हटाकर दिखाओ
शांतमई चौक से होते हुए टीम झज्जर रोड पर पहुंची और एक साइकिल शॉप के बाहर रखी चार साइकिल उठाकर ट्रॉली में डाल ली। इस पर दुकानदार साहिल दुआ और सामने दूसरी दुकान के मालिक जतिन दुआ ने इसका विरोध किया। निगम कर्मचारियों और कर्मचारियों ने एक नहीं सुनी। काफिला आगे बढ़ने लगा, लेकिन दोनों युवकों ने पीछा करना नहीं छोड़ा। वैश्य महिला कॉलेज से पहले अधिकारियों को रोक लिया। एक बुजुर्ग निगम अधिकारी और युवक के बीच तो गरमागरमी तक हो गई। युवक ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर कारोबारियों को तंग किया जा रहा है। हिम्मत है तो अवैध ऑटो और सड़क किनारे वाहनों को हटाकर दिखाएं। निगम की टीम आगे बढ़ गई, लेकिन किसी भी दुकानदार का सामान उठाना तो दूर देखा तक नहीं।
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काठमंडी ओवरब्रिज : स्कूटी अड़ाकर रोक दिया काफिला
माहौल में आयी गरमी से घबराई निगम की टीम तेजी से काठमंडी की तरफ बढ़ी, लेकिन पुल के ऊपर ही झज्जर के उन दो युवकों ने एलओ की गाड़ी के आगे स्कूटी अड़ाकर काफिला रोक दिया, जिनकी झज्जर रोड पर दुकान के बाहर से निगम की टीम ने चार साइकिल उठाई थीं। किसी निगम अधिकारी या कर्मचारी की नीचे उतरकर युवकों को हटाने की हिम्मत नहीं हुई। वे असहाय की गाड़ी के अंदर बैठे रहे। रोड पर जाम लग गया। इसी बीच एक युवक के मोबाइल पर फोन आया। उसने खुद ही स्कूटी रास्ते से हटा ली। इसके बाद काफिला चुपचाप निगम कार्यालय में पहुंच गया।
निगम ने बिना जुर्माना दे दिया सामान
दुकानदार रोहित दुआ ने बताया कि निगम ने पूरे झज्जर रोड से उनका ही सामान उठाया। दूसरा, साइकिल खरीद ली गईं थीं। वहां से दूसरी जगह जानी थीं। ऐसे में निगम कैसे साइकिल जब्त कर सकता है। वे निगम कार्यालय पहुंचे, जहां साइकिल वापस दे दी गई।
वर्जन
- निगम की टीम ने शुक्रवार को चेतावनी के तौर पर शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। अब पुलिस को साथ लेकर सख्ती से कदम उठाया जाएगा।
- कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी, नगर निगम
आखिर कैसे हटेगा शहर में अतिक्रमण, व्यापारी नेताओं ने उठाए सवाल -----
मंत्री ऑफिस से आया फोन, निगम अधिकारियों ने बिना जुर्माना लौटाया सामान
- झज्जर रोड सामान उठाने पर रोका था स्कूटी अड़ाकर काफिला
- व्यापारी नेता बोले, यूं तो कैसे होगा जाम का समाधान
- युवकों ने दोबारा अतिक्रमण न करने का भरोसा दिया, इसलिए किया फोन : भाटिया
- निगम के अधिकारी फोन पर खामोश, डीटीपी बोले, चेतावनी तक था आज का अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान राजनीति की भेंट चढ़ने लगा है। निगम की टीम ने शुक्रवार को मुश्किल से हिम्मत करके बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए कदम बढ़ाया था, लेकिन कार्रवाई से पहले नेताओं के दबाव में अधिकारियों को जब्त सामान बिना जुर्माने के लौटाना पड़ा। पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष ही नहीं, व्यापारी नेताओं ने भी सवाल उठाया है।
नगर निगम अधिकारियों ने 7 दिसंबर को शहर के एक दर्जन व्यापारी नेताओं की मीटिंग लेकर अतिक्रमण हटाने में सहयोग मांगा था। साथ ही चेताया था कि 14 दिसंबर तक व्यापारी दुकानों के बाहर से सामान हटा लें, नहीं तो निगम सामान जब्त कर लेगा। उस समय भी 52 मार्केट प्रधान होने के बावजूद एक दर्जन व्यापारी नेताओं को ही बुलाने पर सवाल उठे थे। अब अल्टीमेटम अगले दिन कार्रवाई भी सवालों के घेरे में आ गई है।
मैंने तो पहले दिन ही अधिकारियों को मीटिंग में बोला था कि निष्पक्षता से कार्रवाई करेंगे तो वे उनके साथ हैं। पालिका बाजार से भी निगम की टीम ने शुक्रवार को दो बोर्ड उठाए। दो दुकानदार उनके पास आए। मैंने साफ मना कर दिया कि मैं किसी को फोन नहीं करूंगा। क्योंकि अतिक्रमण हटने में ही सभी दुकानदारों को फायदा है।
- गुलशन निझावन, प्रधान पालिका बाजार
राजनीतिक दबाव में न आएं अधिकारी
पहले तो निगम बाजारों में घोषणा करवाता है कि सड़क पर सामान रखा तो जब्त कर लिया जाएगा। बाद में वापस में भी नहीं लौटाएंगे। अब बिना जुर्माने के ही सामान दिया जा रहा है। इससे बाजार में गलत संदेश जाएगा। अधिकारियों को राजनीति दबाव में नहीं आना चाहिए।
- हेमंत बख्शी, प्रधान रेलवे रोड प्रथम खंड ट्रेडर्स एसोसिएशन
जब मैं मंत्री कार्यालय में था, मेरे पास झज्जर रोड के दो युवक आए थे। युवकों ने कहा कि वे आगे फिर सड़क पर अतिक्रमण नहीं करेंगे। इसके बाद उन्होंने निगम अधिकारियों को फोन करके सामान लौटाने के लिए कहा। उनका फर्ज सड़क से अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ व्यापारियों को सही पटरी पर भी लाना है।
- रमेश भाटिया, लोकसभा प्रभारी, भाजपा
युवकों ने स्कूटी गाड़ी के आगे अड़ाकर सरकारी कार्य में बाधा डाली। निगम कार्यालय आकर पुलिस कार्रवाई के पूरे कागजात तैयार कर लिए थे, लेकिन युवकों ने बाद में गलती मानी। इसके बाद सामान बिना जुर्माने लौटा दिया। भाजपा नेता के फोन के बारे में उसे पता नहीं।
- आनंद मित्तल, एलओ नगर निगम
निगम ने झज्जर रोड रोड पर केवल उनकी दुकान के बाहर से चार साइकिल उठाईं। जबकि वे उन्हें ग्राहक को बेच चुके थे। जब निगम की टीम ने सामान वापस नहीं किया तो वे मंत्री के कार्यालय पहुंचे और भाजपा नेता रमेश भाटिया से अधिकारियों को फोन कराया। फोन आते ही निगम अधिकारियों ने सामान दे दिया। मैंने कोई माफी नहीं मांगी।
- जतिन सुनेजा, दुकानदार झज्जर रोड
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शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर झज्जर रोड पर हंगामा, लगा जाम -----
स्कूटी अड़ा रोका काफिला, दुम दबाकर भागे अधिकारी
- मात्र दो दुकानदारों का उठाया सामान, उनमें से एक का बाद में छोड़ा
- लोग बोले - बिना पुलिस सुरक्षा बाजार में अतिक्रमण हटाने गए थे या खानापूर्ति करने
- एलओ बोले - अब ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवाकर पुलिस बल के साथ देंगे दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
बिना पुलिस सुरक्षा बाजार से अतिक्रमण हटाने गई निगम की टीम के उस समय हाथ-पैर फूल गए, जब दो युवकों ने स्कूटी अड़ाकर झज्जर रोड के पुल पर अधिकारियों का काफिला रोक दिया। काफी देर तक अधिकारी बेबस होकर गाड़ी में ही बैठे रहे। कुछ देर बाद युवकों के पास फोन आया, तभी उन्होंने निगम की गाड़ी के आगे से स्कूटी हटाई। अधिकारियों का दावा है कि बाद में युवक निगम आफिस आए और माफी मांगी। जबकि युवकों का कहना है कि उन्होंने कोई माफी नहीं मांगी।
गोहाना रोड : बच्चों की रिक्शा उठाते ही लपका दुकानदार
सबसे पहले टीम सुभाष रोड होते हुए टीम गोहाना अड्डा पर पहुंची। सबसे ज्यादा अतिक्रमण होने के बावजूद टीम ने सुभाष रोड पर किसी को कुछ नहीं कहा। गोहाना अड्डा पर साइकिल शॉप के बाहर रखी बच्चे की साइकिल रिक्शा उठाकर ट्रैक्टर-ट्राली में रख ली। इससे गुस्साया दुकानदार निगम कर्मचारी की तरफ लपका, लेकिन दूसरे कर्मचारी बीच में आ गए। बिना पुलिस के निगम के अधिकारियों की टीम ने वहां से खिसकना ही उचित समझा।
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शांतमई चौक से होते हुए टीम झज्जर रोड पर पहुंची और एक साइकिल शॉप के बाहर रखी चार साइकिल उठाकर ट्रॉली में डाल ली। इस पर दुकानदार साहिल दुआ और सामने दूसरी दुकान के मालिक जतिन दुआ ने इसका विरोध किया। निगम कर्मचारियों और कर्मचारियों ने एक नहीं सुनी। काफिला आगे बढ़ने लगा, लेकिन दोनों युवकों ने पीछा करना नहीं छोड़ा। वैश्य महिला कॉलेज से पहले अधिकारियों को रोक लिया। एक बुजुर्ग निगम अधिकारी और युवक के बीच तो गरमागरमी तक हो गई। युवक ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर कारोबारियों को तंग किया जा रहा है। हिम्मत है तो अवैध ऑटो और सड़क किनारे वाहनों को हटाकर दिखाएं। निगम की टीम आगे बढ़ गई, लेकिन किसी भी दुकानदार का सामान उठाना तो दूर देखा तक नहीं।
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माहौल में आयी गरमी से घबराई निगम की टीम तेजी से काठमंडी की तरफ बढ़ी, लेकिन पुल के ऊपर ही झज्जर के उन दो युवकों ने एलओ की गाड़ी के आगे स्कूटी अड़ाकर काफिला रोक दिया, जिनकी झज्जर रोड पर दुकान के बाहर से निगम की टीम ने चार साइकिल उठाई थीं। किसी निगम अधिकारी या कर्मचारी की नीचे उतरकर युवकों को हटाने की हिम्मत नहीं हुई। वे असहाय की गाड़ी के अंदर बैठे रहे। रोड पर जाम लग गया। इसी बीच एक युवक के मोबाइल पर फोन आया। उसने खुद ही स्कूटी रास्ते से हटा ली। इसके बाद काफिला चुपचाप निगम कार्यालय में पहुंच गया।
निगम ने बिना जुर्माना दे दिया सामान
दुकानदार रोहित दुआ ने बताया कि निगम ने पूरे झज्जर रोड से उनका ही सामान उठाया। दूसरा, साइकिल खरीद ली गईं थीं। वहां से दूसरी जगह जानी थीं। ऐसे में निगम कैसे साइकिल जब्त कर सकता है। वे निगम कार्यालय पहुंचे, जहां साइकिल वापस दे दी गई।
वर्जन
- निगम की टीम ने शुक्रवार को चेतावनी के तौर पर शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। अब पुलिस को साथ लेकर सख्ती से कदम उठाया जाएगा।
- कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी, नगर निगम
आखिर कैसे हटेगा शहर में अतिक्रमण, व्यापारी नेताओं ने उठाए सवाल -----
मंत्री ऑफिस से आया फोन, निगम अधिकारियों ने बिना जुर्माना लौटाया सामान
- झज्जर रोड सामान उठाने पर रोका था स्कूटी अड़ाकर काफिला
- व्यापारी नेता बोले, यूं तो कैसे होगा जाम का समाधान
- युवकों ने दोबारा अतिक्रमण न करने का भरोसा दिया, इसलिए किया फोन : भाटिया
- निगम के अधिकारी फोन पर खामोश, डीटीपी बोले, चेतावनी तक था आज का अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान राजनीति की भेंट चढ़ने लगा है। निगम की टीम ने शुक्रवार को मुश्किल से हिम्मत करके बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए कदम बढ़ाया था, लेकिन कार्रवाई से पहले नेताओं के दबाव में अधिकारियों को जब्त सामान बिना जुर्माने के लौटाना पड़ा। पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष ही नहीं, व्यापारी नेताओं ने भी सवाल उठाया है।
नगर निगम अधिकारियों ने 7 दिसंबर को शहर के एक दर्जन व्यापारी नेताओं की मीटिंग लेकर अतिक्रमण हटाने में सहयोग मांगा था। साथ ही चेताया था कि 14 दिसंबर तक व्यापारी दुकानों के बाहर से सामान हटा लें, नहीं तो निगम सामान जब्त कर लेगा। उस समय भी 52 मार्केट प्रधान होने के बावजूद एक दर्जन व्यापारी नेताओं को ही बुलाने पर सवाल उठे थे। अब अल्टीमेटम अगले दिन कार्रवाई भी सवालों के घेरे में आ गई है।
मैंने तो पहले दिन ही अधिकारियों को मीटिंग में बोला था कि निष्पक्षता से कार्रवाई करेंगे तो वे उनके साथ हैं। पालिका बाजार से भी निगम की टीम ने शुक्रवार को दो बोर्ड उठाए। दो दुकानदार उनके पास आए। मैंने साफ मना कर दिया कि मैं किसी को फोन नहीं करूंगा। क्योंकि अतिक्रमण हटने में ही सभी दुकानदारों को फायदा है।
- गुलशन निझावन, प्रधान पालिका बाजार
राजनीतिक दबाव में न आएं अधिकारी
पहले तो निगम बाजारों में घोषणा करवाता है कि सड़क पर सामान रखा तो जब्त कर लिया जाएगा। बाद में वापस में भी नहीं लौटाएंगे। अब बिना जुर्माने के ही सामान दिया जा रहा है। इससे बाजार में गलत संदेश जाएगा। अधिकारियों को राजनीति दबाव में नहीं आना चाहिए।
- हेमंत बख्शी, प्रधान रेलवे रोड प्रथम खंड ट्रेडर्स एसोसिएशन
जब मैं मंत्री कार्यालय में था, मेरे पास झज्जर रोड के दो युवक आए थे। युवकों ने कहा कि वे आगे फिर सड़क पर अतिक्रमण नहीं करेंगे। इसके बाद उन्होंने निगम अधिकारियों को फोन करके सामान लौटाने के लिए कहा। उनका फर्ज सड़क से अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ व्यापारियों को सही पटरी पर भी लाना है।
- रमेश भाटिया, लोकसभा प्रभारी, भाजपा
युवकों ने स्कूटी गाड़ी के आगे अड़ाकर सरकारी कार्य में बाधा डाली। निगम कार्यालय आकर पुलिस कार्रवाई के पूरे कागजात तैयार कर लिए थे, लेकिन युवकों ने बाद में गलती मानी। इसके बाद सामान बिना जुर्माने लौटा दिया। भाजपा नेता के फोन के बारे में उसे पता नहीं।
- आनंद मित्तल, एलओ नगर निगम
निगम ने झज्जर रोड रोड पर केवल उनकी दुकान के बाहर से चार साइकिल उठाईं। जबकि वे उन्हें ग्राहक को बेच चुके थे। जब निगम की टीम ने सामान वापस नहीं किया तो वे मंत्री के कार्यालय पहुंचे और भाजपा नेता रमेश भाटिया से अधिकारियों को फोन कराया। फोन आते ही निगम अधिकारियों ने सामान दे दिया। मैंने कोई माफी नहीं मांगी।
- जतिन सुनेजा, दुकानदार झज्जर रोड