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इनसो ने एमडीयू गेट पर जड़ा ताला, यूनिवर्सिटी प्रशासन बेबस
Updated Sat, 11 Nov 2017 02:34 AM IST
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इनसो ने एमडीयू गेट पर जड़ा ताला, यूनिवर्सिटी प्रशासन बना बेबस
- छात्र संघ चुनाव की बहाली और अन्य मांगों को लेकर किया आंदोलन
- इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला की अगुवाई में किया गया प्रदर्शन
- शिक्षामंत्री ने फोन कर राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिया 15 नवंबर तक का आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रदेश में छात्र संघ चुनाव की बहाली और अन्य छात्र मुद्दों को लेकर इनसो ने एमडीयू के गेट नंबर एक पर ताला जड़ दिया। घंटों तक यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर तालाबंदी रहने से प्रशासन पूरी तरह बेबस नजर आया। इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला की अगुवाई में यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का घेराव भी किया। इस पर यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने लिखित में और शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को फोन कर छात्र संघ चुनाव के मुद्दे पर 15 नवंबर तक फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
पूर्व घोषणा के अनुसार, इनसो कार्यकर्ता सुबह दस बजे यूनिवर्सिटी के गेट नंबर एक पर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय चौटाला की नेतृत्व में गेट पर ताला जड़ दिया। साथ ही कक्षाओं का बहिष्कार भी कर दिया। करीब एक घंटे तक यूनिवर्सिटी का कोई भी अधिकारी वहां पर नहीं पहुंचा, जिस पर इनसो कार्यकर्ता प्रशासनिक भवन में घुस गए। कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया की गैर मौजूदगी में रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज मौके पर पहुंचे। इस पर कार्यकर्ताओं और रजिस्ट्रार के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामला बढ़ने पर कुलपति ने फोन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला से बात की। काफी देर तक हुई वार्ता के बाद रजिस्ट्रार और डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. अजय राजन ने लिखित में आश्वासन दिया कि 15 नवंबर तक चुनाव को सरकार ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है। उधर, शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने भी दिग्विजय चौटाला को फोन पर आश्वासन दिया कि 15 नवंबर को बुलाई गई बैठक में चुनाव पर छात्र हित में निर्णय लिया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन खत्म किया गया। दिग्विजय चौटाला ने चेतावनी दी कि यदि 15 नवंबर तक निर्णय नहीं लिया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में रामवीर बडाला, अरविन्द गोस्वामी, रवि रेढू, भीष्म दहिया, प्रदीप शर्मा, मनजीत देशवाल, अमित नान्दल, दीपक मलिक, अज्जू धनखड़, नवीन शर्मा, मोहित साहू, अभिषेक देशवाल, साहिल देशवाल, गुरजीत राणा, सुरेन्द्र राठी, सीलक पूनिया, आशीष कुंडू, बबलू चौधरी, सेठी घनघस, उत्तम घनघस, मनदीप सुई, जतिन खिलेरी, अनुराग खटकड़ और अंकित आदि मौजूद रहे।
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भारी भीड़ देख हुए गदगद, दी बधाई
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखकर राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने सभी को बधाई दी। साथ ही इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि इनसो हमेशा छात्र हित के लिए आंदोलन करता है। छात्र कभी भी खुद को कमजोर न समझे। उनके हक की लड़ाई लड़ी जाएगी।
पुलिस फोर्स रही मौजूद
इनसो के प्रदर्शन को लेकर यूनिवर्सिटी के गेट से लेकर प्रशासनिक भवन तक भारी फोर्स को तैनात किया गया था। हालांकि कार्यकर्ताओं ने चेता दिया था कि वह शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। अगर किसी के साथ हाथापाई की गई तो विकट परिणाम भुगतने होंगे।
खुले रहे छोटे गेट
कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट बंद रखा, लेकिन इसके दोनों तरफ छोटे गेट खुले रहे। यूनिवर्सिटी में बड़े वाहन तो नहीं जा सके और न ही बाहर आ सके, लेकिन दुपहिया वाहन और पैदल छात्र-छात्राओं का आवागमन जारी रहा।
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इनसो ने एमडीयू गेट पर जड़ा ताला, यूनिवर्सिटी प्रशासन बना बेबस
- छात्र संघ चुनाव की बहाली और अन्य मांगों को लेकर किया आंदोलन
- इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला की अगुवाई में किया गया प्रदर्शन
- शिक्षामंत्री ने फोन कर राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिया 15 नवंबर तक का आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रदेश में छात्र संघ चुनाव की बहाली और अन्य छात्र मुद्दों को लेकर इनसो ने एमडीयू के गेट नंबर एक पर ताला जड़ दिया। घंटों तक यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर तालाबंदी रहने से प्रशासन पूरी तरह बेबस नजर आया। इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला की अगुवाई में यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का घेराव भी किया। इस पर यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने लिखित में और शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को फोन कर छात्र संघ चुनाव के मुद्दे पर 15 नवंबर तक फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
पूर्व घोषणा के अनुसार, इनसो कार्यकर्ता सुबह दस बजे यूनिवर्सिटी के गेट नंबर एक पर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय चौटाला की नेतृत्व में गेट पर ताला जड़ दिया। साथ ही कक्षाओं का बहिष्कार भी कर दिया। करीब एक घंटे तक यूनिवर्सिटी का कोई भी अधिकारी वहां पर नहीं पहुंचा, जिस पर इनसो कार्यकर्ता प्रशासनिक भवन में घुस गए। कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया की गैर मौजूदगी में रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज मौके पर पहुंचे। इस पर कार्यकर्ताओं और रजिस्ट्रार के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामला बढ़ने पर कुलपति ने फोन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला से बात की। काफी देर तक हुई वार्ता के बाद रजिस्ट्रार और डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. अजय राजन ने लिखित में आश्वासन दिया कि 15 नवंबर तक चुनाव को सरकार ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है। उधर, शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने भी दिग्विजय चौटाला को फोन पर आश्वासन दिया कि 15 नवंबर को बुलाई गई बैठक में चुनाव पर छात्र हित में निर्णय लिया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन खत्म किया गया। दिग्विजय चौटाला ने चेतावनी दी कि यदि 15 नवंबर तक निर्णय नहीं लिया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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प्रदर्शन में रामवीर बडाला, अरविन्द गोस्वामी, रवि रेढू, भीष्म दहिया, प्रदीप शर्मा, मनजीत देशवाल, अमित नान्दल, दीपक मलिक, अज्जू धनखड़, नवीन शर्मा, मोहित साहू, अभिषेक देशवाल, साहिल देशवाल, गुरजीत राणा, सुरेन्द्र राठी, सीलक पूनिया, आशीष कुंडू, बबलू चौधरी, सेठी घनघस, उत्तम घनघस, मनदीप सुई, जतिन खिलेरी, अनुराग खटकड़ और अंकित आदि मौजूद रहे।
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भारी भीड़ देख हुए गदगद, दी बधाई
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखकर राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने सभी को बधाई दी। साथ ही इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि इनसो हमेशा छात्र हित के लिए आंदोलन करता है। छात्र कभी भी खुद को कमजोर न समझे। उनके हक की लड़ाई लड़ी जाएगी।
पुलिस फोर्स रही मौजूद
इनसो के प्रदर्शन को लेकर यूनिवर्सिटी के गेट से लेकर प्रशासनिक भवन तक भारी फोर्स को तैनात किया गया था। हालांकि कार्यकर्ताओं ने चेता दिया था कि वह शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। अगर किसी के साथ हाथापाई की गई तो विकट परिणाम भुगतने होंगे।
खुले रहे छोटे गेट
कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट बंद रखा, लेकिन इसके दोनों तरफ छोटे गेट खुले रहे। यूनिवर्सिटी में बड़े वाहन तो नहीं जा सके और न ही बाहर आ सके, लेकिन दुपहिया वाहन और पैदल छात्र-छात्राओं का आवागमन जारी रहा।