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डॉक्टरों ने लाई डिटेक्टर टेस्ट से किया इनकार
Updated Wed, 04 Oct 2017 02:47 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई के लेबर रूम से बच्चा चोरी मामले में डॉक्टरों ने पुलिस जांच में शामिल होने से इनकार कर दिया है। एसआईटी ने पांच डॉक्टरों को लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए शामिल किया था। जबकि तीन नर्स, चतुर्थ श्रेणी चार कर्मचारी और एक अन्य मरीज के दो सहायक लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हो गये हैं। उन्होंने पुलिस को लिखित में भी मंजूरी दे दी है। बुधवार को पुलिस सभी के लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए कोर्ट में याचिका दायर करेगी।
दो मरीज सहायकों का भी होगा लाई डिटेक्टर, संख्या हुई 14
एसआईटी ने पीजीआई के पांच डॉक्टर सहित स्टाफ के 12 लोगों की लाई डिटेक्टर टेस्ट में शामिल किया गया। यह सभी लोग बच्चा चोरी होने के दिन विभाग में ही ड्यूटी कर रहे थे। इनमें डॉ. निशा, डॉ. गीतांजली, डॉ. हिना फातिमा, डॉ. जहां, डॉ. प्रीति सहित नर्स बलजीत कौर और अन्य कर्मचारी शामिल थे। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी डॉ. रविंद्र ने बताया कि सभी डॉक्टरों ने लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से मना कर दिया है। उन्होंने बताया कि लाई डिटेक्टर की सूची में प्रियंका नाम के मरीज के दो सहायकों को भी शामिल किया गया है। अब इनकी संख्या 14 हो गई है, जिनमें से नौ लोगों ने लिखित में मंजूरी दी है।
पूछताछ के लिए बुलाया, नहीं पहुंची एक भी डॉक्टर
डीएसपी रविंद्र का कहना है कि मंगलवार को भी पूछताछ का सिलसिला जारी रहा। इस कड़ी में पांचों डॉक्टरों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मगर शाम तक एक भी डॉक्टर थाने में नहीं पहुंचा। जबकि अन्य कर्मचारी अपने बयान दर्ज करवाने आये। डीएसपी का कहना है कि यदि जांच में किसी भी डॉक्टर की भूमिका सामने आई तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, मामले में गठित विशेष दस टीमों ने मंगलवार को गांव-गांव जाकर बच्चे की तलाश की। करीब 10 गांव में बच्चे को तलाश किया गया। इस दौरान ग्रामीणों से भी मदद मांगी गई।
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रोहतक।
पीजीआई के लेबर रूम से बच्चा चोरी मामले में डॉक्टरों ने पुलिस जांच में शामिल होने से इनकार कर दिया है। एसआईटी ने पांच डॉक्टरों को लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए शामिल किया था। जबकि तीन नर्स, चतुर्थ श्रेणी चार कर्मचारी और एक अन्य मरीज के दो सहायक लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए तैयार हो गये हैं। उन्होंने पुलिस को लिखित में भी मंजूरी दे दी है। बुधवार को पुलिस सभी के लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए कोर्ट में याचिका दायर करेगी।
दो मरीज सहायकों का भी होगा लाई डिटेक्टर, संख्या हुई 14
एसआईटी ने पीजीआई के पांच डॉक्टर सहित स्टाफ के 12 लोगों की लाई डिटेक्टर टेस्ट में शामिल किया गया। यह सभी लोग बच्चा चोरी होने के दिन विभाग में ही ड्यूटी कर रहे थे। इनमें डॉ. निशा, डॉ. गीतांजली, डॉ. हिना फातिमा, डॉ. जहां, डॉ. प्रीति सहित नर्स बलजीत कौर और अन्य कर्मचारी शामिल थे। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी डॉ. रविंद्र ने बताया कि सभी डॉक्टरों ने लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से मना कर दिया है। उन्होंने बताया कि लाई डिटेक्टर की सूची में प्रियंका नाम के मरीज के दो सहायकों को भी शामिल किया गया है। अब इनकी संख्या 14 हो गई है, जिनमें से नौ लोगों ने लिखित में मंजूरी दी है।
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पूछताछ के लिए बुलाया, नहीं पहुंची एक भी डॉक्टर
डीएसपी रविंद्र का कहना है कि मंगलवार को भी पूछताछ का सिलसिला जारी रहा। इस कड़ी में पांचों डॉक्टरों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मगर शाम तक एक भी डॉक्टर थाने में नहीं पहुंचा। जबकि अन्य कर्मचारी अपने बयान दर्ज करवाने आये। डीएसपी का कहना है कि यदि जांच में किसी भी डॉक्टर की भूमिका सामने आई तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, मामले में गठित विशेष दस टीमों ने मंगलवार को गांव-गांव जाकर बच्चे की तलाश की। करीब 10 गांव में बच्चे को तलाश किया गया। इस दौरान ग्रामीणों से भी मदद मांगी गई।
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