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सीवरेज व्यवस्था ठप : परेशानी बन रहा बरसाती पानी
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:05 AM IST
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ठप सीवरेज व्यवस्था: परेशानी बन रहा बरसाती पानी
चरखी दादरी। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश गर्मी से राहत देने के साथ अब लोगों के लिए आफत बनने लगी है। शहर की सीवरेज व्यवस्था के साथ-साथ यातायात, बिजली व पेयजल व्यवस्था सुचारू न होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
बरसाती पानी जमा होने से सड़कों की हालत खस्ता हो चुकी है। कालोनियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों के बाहर भी बुरा हाल है। मानसून सत्र को लेकर पीडब्ल्यूडी, जन स्वास्थ्य व बिजली निगम की आधी-अधूरी तैयारियों की पोल खुलती नजर आ रही है। निचले हिस्से की कॉलोनियों में तो घरों तक पानी जा पहुंचा है। गली व मकान में पानी जमा रहने से कई मकानों में सीलन आ गई तो कुछेक की छत से मलबा भी गिरने लगा है। शनिवार सुबह बारिश के साथ आए अंधड़ में एक राजकीय स्कूल की दीवार भी ढह गई। शनिवार सुबह की 52 एमएम बारिश के बाद नारेबाजी कर स्थानीय लोगों ने रोष जताया।
प्री-मानसून की पहली बारिश से ही कई कॉलोनियों व मुख्य सड़कों पर जमा पानी कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग इससे पहले मानसून सत्र की तैयारियां लगभग पूरी होने का तर्क दे रहा था। फिलहाल शहर के करीब आधा दर्जन वार्डों में की मुख्य सड़कों व गलियों में डेढ़ से दो फुट तक बरसाती पानी जमा है।
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परेशान वार्डवासी अपने स्तर पर ही पानी निकासी का प्रबंध कर रहे हैं। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग ने झमाझम हुई दो बारिशों के बाद भी पानी निकासी के लिए मोटर या पंप सेट की व्यवस्था करने की जहमत नहीं उठाई है। विभाग का सारा फोकस केवल बरसाती नालों पर ही है। यहां विभाग ने पानी निकासी सुचारू रखने के लिए मोटरें लगा रखी हैं। जबकि कॉलोनियों की गलियों की सुध लेने अब तक विभाग के कर्मचारी नहीं पहुंचे हैं। बिजली निगम के सुचारु आपूर्ति करने के दावे भी खोखले नजर आ रहे हैं। शहर में बिजली संकट से लोग काफी परेशान है जबकि गांवों में तो स्थिति और विकट है। जिले के करीब 70 से 80 गांव ऐसे हैं जहां पिछले 80 घंटों से अधिक बिजली गुल रही है। शहर के कई बिजली फीडरों से जुड़ी दर्जनों कॉलोनियों में भी पिछले चार दिनों में दो बार ब्लैक आउट रह चुका है। वहीं, पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के चलते अब वाहन चालकों पर भारी पड़ रही हैं। जिले की दो दर्जन से अधिक सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। इन सड़कों के एस्टीमेट तैयार होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई। अब कई प्रमुख सड़कों पर गहरे गड्ढ़े बने होने के कारण ये तालाब का रूप ले चुकी हैं।
स्कूल की दीवार ढही, हादसा टला
सरदार झाडू सिंह चौक स्थित शहीद दलबीर सिंह राजकीय स्कूल की दीवार शनिवार सुबह आए अंधड़ व बारिश में ढह गई। गनीमत रही कि इससे कोई जान-माल की हानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल की इस दीवार का निर्माण सीमेंट के बजाय मिट्टी से करवा रखा था।
रावलधी-दिल्ली बाईपास बना तालाब
सबसे विकट हालात तो शहर के रावलधी-दिल्ली बाईपास पर बने हैं। इस सड़क पर करीब सौ मीटर डेढ़ फुट गहरे गड्ढ़े बने हुए हैं। बारिश का पानी इन गड्ढ़ों में भरा हुआ है लेकिन इसकी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इन गड्ढ़ों में अब भारी वाहन फंस रहे हैं और यहां की ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इससे पहले कई बार स्थानीय लोग इस सड़क के निर्माण की गुहार विभागीय अधिकारियों से लगा चुके हैं लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।
यहां है जलभराव की समस्या
शहर के वार्ड नंबर 13, गांधी नगर से ढाणी फाटक रोड, नगर परिषद कार्यालय, बस स्टैंड वर्कशॉप परिसर, पीएनबी के सामने वाली गली, कबीर बस्ती, काठमंडी रोड, पुरानी सब्जी मंडी, केएन स्कूल वाली गली, घिकाड़ा मोड़, एसपी आवास के बाहर, एसडीएम व डीएसपी आवास के सामने, कोर्ट कांप्लेक्स सड़क, पुरानी अनाज मंडी रोड, पुरानी गोशाला रोड आदि जगहों पर इस समय जलभराव की समस्या बनी है।
हमारी गली में बरसाती पानी की निकासी के कोई प्रबंध नहीं हैं। पिछले लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश में गली का पानी बेडरूम, रसोईघर व मंदिर तक जा पहुंचा है। घर में रखा इलेक्ट्रानिक्स सामान भी पानी में भीग चुका है। जल्द से जल्द पानी निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।
गुरुदास उर्फ जीडी मास्टर, गोशाला मोड़ निवासी
करीब आधा दर्जन से ज्यादा मकानों की दीवारों में जलभराव के चलते नमी आ गई है। मेरी कॉलोनी के एक-दो मकानों की छतों से भी मलबा टूटकर गिरा है। गोशाला रोड पर भी दो से ढाई फुट पानी जमा है लेकिन प्रशासन की ओर से पानी निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं किए जा रहे हैं।
राजकुमार लांबा, वार्ड नंबर 13 निवासी
सड़क की हालत खस्ता है। आए दिन वाहन सड़क पर बने गड्ढ़ों में धंस कर खराब हो रहे हैं। इतना ही नहीं हमारे मकानों के बाहर बरसाती पानी जमा है। सड़क के पुन: निर्माण की मांग कई बार उठा चुके हैं लेकिन पीडब्ल्यूडी व जिला प्रशासन ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया।
मोनू साहू, दुकानदार
थोड़ी सी बारिश में ही गली में दो से तीन फुट पानी जमा हो जाता है। पानी की निकासी के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं। कॉलोनी की नालियां भी ओवरफ्लो कर रही हैं। सीवरेज व्यवस्था भी मेरी कॉलोनी में दम तोड़े हुए है। प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान करवाना चाहिए।
हेमंत, हरि नगर निवासी
वर्जन::
हम नालों की सफाई करवा रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारी वार्ड-वार्ड पहुंचकर नालियों की भी सफाई कर रहे हैं। अगर अन्य प्रबंध करने की जरूरत पड़ी तो वह भी हम कर देंगे।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद
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चरखी दादरी। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश गर्मी से राहत देने के साथ अब लोगों के लिए आफत बनने लगी है। शहर की सीवरेज व्यवस्था के साथ-साथ यातायात, बिजली व पेयजल व्यवस्था सुचारू न होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
बरसाती पानी जमा होने से सड़कों की हालत खस्ता हो चुकी है। कालोनियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों के बाहर भी बुरा हाल है। मानसून सत्र को लेकर पीडब्ल्यूडी, जन स्वास्थ्य व बिजली निगम की आधी-अधूरी तैयारियों की पोल खुलती नजर आ रही है। निचले हिस्से की कॉलोनियों में तो घरों तक पानी जा पहुंचा है। गली व मकान में पानी जमा रहने से कई मकानों में सीलन आ गई तो कुछेक की छत से मलबा भी गिरने लगा है। शनिवार सुबह बारिश के साथ आए अंधड़ में एक राजकीय स्कूल की दीवार भी ढह गई। शनिवार सुबह की 52 एमएम बारिश के बाद नारेबाजी कर स्थानीय लोगों ने रोष जताया।
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प्री-मानसून की पहली बारिश से ही कई कॉलोनियों व मुख्य सड़कों पर जमा पानी कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग इससे पहले मानसून सत्र की तैयारियां लगभग पूरी होने का तर्क दे रहा था। फिलहाल शहर के करीब आधा दर्जन वार्डों में की मुख्य सड़कों व गलियों में डेढ़ से दो फुट तक बरसाती पानी जमा है।
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परेशान वार्डवासी अपने स्तर पर ही पानी निकासी का प्रबंध कर रहे हैं। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग ने झमाझम हुई दो बारिशों के बाद भी पानी निकासी के लिए मोटर या पंप सेट की व्यवस्था करने की जहमत नहीं उठाई है। विभाग का सारा फोकस केवल बरसाती नालों पर ही है। यहां विभाग ने पानी निकासी सुचारू रखने के लिए मोटरें लगा रखी हैं। जबकि कॉलोनियों की गलियों की सुध लेने अब तक विभाग के कर्मचारी नहीं पहुंचे हैं। बिजली निगम के सुचारु आपूर्ति करने के दावे भी खोखले नजर आ रहे हैं। शहर में बिजली संकट से लोग काफी परेशान है जबकि गांवों में तो स्थिति और विकट है। जिले के करीब 70 से 80 गांव ऐसे हैं जहां पिछले 80 घंटों से अधिक बिजली गुल रही है। शहर के कई बिजली फीडरों से जुड़ी दर्जनों कॉलोनियों में भी पिछले चार दिनों में दो बार ब्लैक आउट रह चुका है। वहीं, पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के चलते अब वाहन चालकों पर भारी पड़ रही हैं। जिले की दो दर्जन से अधिक सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। इन सड़कों के एस्टीमेट तैयार होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई। अब कई प्रमुख सड़कों पर गहरे गड्ढ़े बने होने के कारण ये तालाब का रूप ले चुकी हैं।
स्कूल की दीवार ढही, हादसा टला
सरदार झाडू सिंह चौक स्थित शहीद दलबीर सिंह राजकीय स्कूल की दीवार शनिवार सुबह आए अंधड़ व बारिश में ढह गई। गनीमत रही कि इससे कोई जान-माल की हानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल की इस दीवार का निर्माण सीमेंट के बजाय मिट्टी से करवा रखा था।
रावलधी-दिल्ली बाईपास बना तालाब
सबसे विकट हालात तो शहर के रावलधी-दिल्ली बाईपास पर बने हैं। इस सड़क पर करीब सौ मीटर डेढ़ फुट गहरे गड्ढ़े बने हुए हैं। बारिश का पानी इन गड्ढ़ों में भरा हुआ है लेकिन इसकी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इन गड्ढ़ों में अब भारी वाहन फंस रहे हैं और यहां की ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इससे पहले कई बार स्थानीय लोग इस सड़क के निर्माण की गुहार विभागीय अधिकारियों से लगा चुके हैं लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।
यहां है जलभराव की समस्या
शहर के वार्ड नंबर 13, गांधी नगर से ढाणी फाटक रोड, नगर परिषद कार्यालय, बस स्टैंड वर्कशॉप परिसर, पीएनबी के सामने वाली गली, कबीर बस्ती, काठमंडी रोड, पुरानी सब्जी मंडी, केएन स्कूल वाली गली, घिकाड़ा मोड़, एसपी आवास के बाहर, एसडीएम व डीएसपी आवास के सामने, कोर्ट कांप्लेक्स सड़क, पुरानी अनाज मंडी रोड, पुरानी गोशाला रोड आदि जगहों पर इस समय जलभराव की समस्या बनी है।
हमारी गली में बरसाती पानी की निकासी के कोई प्रबंध नहीं हैं। पिछले लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश में गली का पानी बेडरूम, रसोईघर व मंदिर तक जा पहुंचा है। घर में रखा इलेक्ट्रानिक्स सामान भी पानी में भीग चुका है। जल्द से जल्द पानी निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।
गुरुदास उर्फ जीडी मास्टर, गोशाला मोड़ निवासी
करीब आधा दर्जन से ज्यादा मकानों की दीवारों में जलभराव के चलते नमी आ गई है। मेरी कॉलोनी के एक-दो मकानों की छतों से भी मलबा टूटकर गिरा है। गोशाला रोड पर भी दो से ढाई फुट पानी जमा है लेकिन प्रशासन की ओर से पानी निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं किए जा रहे हैं।
राजकुमार लांबा, वार्ड नंबर 13 निवासी
सड़क की हालत खस्ता है। आए दिन वाहन सड़क पर बने गड्ढ़ों में धंस कर खराब हो रहे हैं। इतना ही नहीं हमारे मकानों के बाहर बरसाती पानी जमा है। सड़क के पुन: निर्माण की मांग कई बार उठा चुके हैं लेकिन पीडब्ल्यूडी व जिला प्रशासन ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया।
मोनू साहू, दुकानदार
थोड़ी सी बारिश में ही गली में दो से तीन फुट पानी जमा हो जाता है। पानी की निकासी के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं। कॉलोनी की नालियां भी ओवरफ्लो कर रही हैं। सीवरेज व्यवस्था भी मेरी कॉलोनी में दम तोड़े हुए है। प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान करवाना चाहिए।
हेमंत, हरि नगर निवासी
वर्जन::
हम नालों की सफाई करवा रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारी वार्ड-वार्ड पहुंचकर नालियों की भी सफाई कर रहे हैं। अगर अन्य प्रबंध करने की जरूरत पड़ी तो वह भी हम कर देंगे।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद