फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   पीजीआई में हड़ताल

पीजीआई में हड़ताल

Tue, 03 Oct 2017 03:23 AM IST
Updated Tue, 03 Oct 2017 03:23 AM IST
विज्ञापन
पीजीआई में हड़ताल
पीजीआई में देर रात अनिश्चितकालीन हड़ताल
विज्ञापन

- पीजीआई थाना पुलिस ने रेजिडेंट डॉक्टर को बुलाया था पूछताछ के लिए, आरोप: लाइव डिटेक्टर टेस्ट के लिए मना करने पर की अभद्रता
- कुलपति ने भी मामले से झाड़ा पल्ला, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई में देर रात रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी। डॉक्टरों की हड़ताल के चलते पीजीआई के वार्ड, लेबर रूम और इमरजेंसी में अफरातफरी मच गई। इमरजेंसी सर्विस रोके जाने से मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को समस्या का सामना करना पड़ा। आन फानन में सीनियर डॉक्टरों को पीजीआई प्रबंधन ने हड़ताल की सूचना दी और इमरजेंसी सर्विस देने के लिए कहा। हालत ये रही कि लेबर रूम से करीब 12 डिलीवरी के आए मरीजों को परिजन निजी अस्पतालों में ले गए। वहीं एस्मा लगने के बावजूद डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से पीजीआई प्रबंधन ने देर रात विभागीय अधिकारियों को भी जानकारी दी।
दरअसल बच्चा चोरी मामले में सुबह साढ़े दस बजे रेजिडेंट डॉक्टर हिना, डॉ. गीतांजलि, डॉ. प्रीति, डॉ. ओमकार, स्टाफ नर्स बलजीत कौर, स्वीपर मंजू और संतोष, बेयरर निर्मला और रानी को पीजीआई थाना एसएचओ राकेश सैनी ने बुलाया। डॉ. हिना का आरोप है कि एसएचओ ने कुलपति से परमिशन की बात कहते हुए थाने में आने को कहा। जब डॉ. हिना वहां पहुंची तो एसएचओ ने उनसे लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने के लिए कहा। इसके लिए फार्म में हस्ताक्षर करने को कहा। आरोप है कि डॉ. हिना ने जब इस संबंध में पीजीआई प्रशासन से अनुमति लेने की बात कही तो एसएचओ सैनी ने उनसे अभद्रता की। इसके बाद डॉ. हिना के साथ सभी उठकर चल दिए और रेजिडेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सभी पदाधिकारी और रेजिडेंट डॉक्टर कुलपति से मिलने पहुंचे।
विज्ञापन


कुलपति ने झाड़ा पल्ला, तो लिया फैसला
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. जंगवीर ग्रेवाल ने बताया कि कुलपति से जब पुलिस कार्रवाई और डॉक्टर से अभद्रता की बात बताई तो उन्होंने इससे पल्ला झाड़ लिया। आरोप है कि कुलपति ने कहा कि वह पुलिस कार्रवाई में कुछ नहीं कर सकते हैं और वह भी इसमें सहयोग करें। आरोप है कि कुलपति ने कहा कि अग्रिम जमानत ले लो, मैं कुछ नहीं कर सकता। इससे नाराज डॉक्टर पीजीआई इमरजेंसी के सामने एकजुट हुए और हड़ताल की घोषणा शुरू कर दी। वहीं डॉ. जंगवीर ने कहा कि डॉक्टरों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। सुरक्षा की जिम्मेदारी पीजीआई प्रशासन की है न कि डॉक्टरों की। वह परिजनों के साथ हैं। कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन



आरोप : एसएचओ बोले, अग्रिम जमानत लो वरना जेल जाओगे
डॉ. हिना का आरोप है कि जब उन्होंने लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए सीनियर डॉक्टर से बात करने को कहा तो उन्होंने अभद्रता की। आरोप है कि एसएचओ राकेश सैनी ने उनके ऊपर फार्म को फेंक दिया और खुद को पीजीआई प्रशासन से सीनियर बताते हुए जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने कहा, अग्रिम जमानत ले लो वरना जेल भेज देंगे।


वर्जन-
बच्चा चोरी मामले में कुछ डॉक्टर सहित स्टाफ संदिग्ध हैं। पूछताछ के लिए डॉक्टर को बुलाया गया था। उनसे कोई अभद्रता नहीं की गई है। जो आरोप लगाए गए हैं वह गलत है।
राकेश सैनी, एसएचओ, पीजीआई थाना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed