{"_id":"6240a8552faee101c43aa0d4","slug":"wheels-of-buses-will-remain-jammed-for-two-days-due-to-workers-strike-rewari-news-rtk6422386158","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मियों की हड़ताल से दो दिन जाम रहेंगे बसों के पहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मियों की हड़ताल से दो दिन जाम रहेंगे बसों के पहिए
विज्ञापन
रोडवेज डिपो में खड़ी बसें। फाइल फोटो
- फोटो : Rewari
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। हरियाणा रोडवेज साझा मोर्चा की ओर से जुड़े यूनियनों के पदाधिकारी व सदस्यों ने 28 व 29 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। रोडवेज कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण रोडवेज बसें नहीं चलेगी। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही परिवहन विभाग को करीब 34 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। उधर, रोडवेज प्रशासन की कर्मचारी नेताओं से बात चल रही है, ताकि हड़ताल को रोका जा सके। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने को अडिग हैं।
यूनियन के सदस्यों ने बताया कि काफी समय से नई बसों की मांग कर्मचारियों ने की थी, मगर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के कर्मचारी इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हिस्सा लेंगे। इसमें आल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन सहित अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर दो दिन रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण यात्रियों को परेशानी होगी। वैसे तो परिवहन विभाग के मुख्य सचिव ने सभी महाप्रबंधकों की वीसी लेकर बसों का संचालन सुचारु रखने के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं।
रोडवेज के महाप्रबंधक रवीश हुड्डा ने बताया कि उनके यहां 147 बसे हैं, जिनसे रोजाना करीब 17 लाख रुपये की आमदनी होती है। ऐसे में दो दिन हड़ताल रहा तो विभाग को करीब 34 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए कर्मचारियों से सहयोग करने का अनुरोध किया गया है। कर्मचारी दो दिनों की हड़ताल पर रहेंगे। प्रशासन की ओर से बसों के संचालन के लिए मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगायी गई है।
विज्ञापन
-----------------------
कर्मचारी बोले-निजीकरण पर रोक लगे, नई बसों को डिपो में किया जाए शामिल
महकमों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। रोडवेज में भी निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा नई बसों को रोडवेज डिपो शामिल किया जाए। ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके। काफी समय से नई बसों की मांग को लेकर कर्मचारी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन मांगों को लेकर अब तक सुनवाई नहीं हो पाई है।
-रवि कुमार, प्रधान हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन
-------------------------
महकमों का निजीकरण करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इसलिए कर्मचारियों ने दो दिनों के लिए हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा कर्मचारियों की मांग है कि पुरानी पेंशन बहाल किया जाए। इसके लिए कर्मचारियों ने काफी समय से मांग की थी। इसके अलावा 1992 से 2003 के बीच लगे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए।
राजपाल, प्रधान हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन
--------------------------
आखिर सरकार कर्मचारियों का कब तक शोषण करेगी। विभाग में कई पद खाली हैं जो अभी तक नहीं भरे गए हैं। रिक्त पदों को भरकर रोजगार के अवसर दिए जाए। कर्मचारियों का बोनस काफी समय से पेंडिंग है। इसके अलावा परिचालक व लिपिक का वेतनमान बढ़ाने को लेकर सरकार से बार-बार गुहार लगाई जाती रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नही हो पाया है।
छवि कुमार, प्रधान हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिया सहयोग
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी फेडरेशनों के आह्वान पर 28 और 29 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए जिले में कर्मचारी यूनियन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब उठ खड़ी हुई हैं। एआईयूटीयूसी के राज्य अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र सिंह की आज कुछ कर्मचारी संगठनों के नेताओं से इस विषय पर बातचीत हुई और इस हड़ताल को लेकर रणनीति बना ली गई। बाद में कामरेड ने कहा कि इस हड़ताल में एआईयूटीयूसी की सभी यूनियनें शामिल होंगी। इनके अलावा अन्य कर्मचारी यूनियन भी हड़ताल में अपना सहयोग दे रही हैं। बावल और धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों पर इसका गहरा असर पड़ेगा।
विज्ञापन
यूनियन के सदस्यों ने बताया कि काफी समय से नई बसों की मांग कर्मचारियों ने की थी, मगर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के कर्मचारी इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हिस्सा लेंगे। इसमें आल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन सहित अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर दो दिन रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण यात्रियों को परेशानी होगी। वैसे तो परिवहन विभाग के मुख्य सचिव ने सभी महाप्रबंधकों की वीसी लेकर बसों का संचालन सुचारु रखने के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
रोडवेज के महाप्रबंधक रवीश हुड्डा ने बताया कि उनके यहां 147 बसे हैं, जिनसे रोजाना करीब 17 लाख रुपये की आमदनी होती है। ऐसे में दो दिन हड़ताल रहा तो विभाग को करीब 34 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए कर्मचारियों से सहयोग करने का अनुरोध किया गया है। कर्मचारी दो दिनों की हड़ताल पर रहेंगे। प्रशासन की ओर से बसों के संचालन के लिए मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगायी गई है।
विज्ञापन
-----------------------
कर्मचारी बोले-निजीकरण पर रोक लगे, नई बसों को डिपो में किया जाए शामिल
महकमों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। रोडवेज में भी निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा नई बसों को रोडवेज डिपो शामिल किया जाए। ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके। काफी समय से नई बसों की मांग को लेकर कर्मचारी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन मांगों को लेकर अब तक सुनवाई नहीं हो पाई है।
-रवि कुमार, प्रधान हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन
-------------------------
महकमों का निजीकरण करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इसलिए कर्मचारियों ने दो दिनों के लिए हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा कर्मचारियों की मांग है कि पुरानी पेंशन बहाल किया जाए। इसके लिए कर्मचारियों ने काफी समय से मांग की थी। इसके अलावा 1992 से 2003 के बीच लगे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए।
राजपाल, प्रधान हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन
--------------------------
आखिर सरकार कर्मचारियों का कब तक शोषण करेगी। विभाग में कई पद खाली हैं जो अभी तक नहीं भरे गए हैं। रिक्त पदों को भरकर रोजगार के अवसर दिए जाए। कर्मचारियों का बोनस काफी समय से पेंडिंग है। इसके अलावा परिचालक व लिपिक का वेतनमान बढ़ाने को लेकर सरकार से बार-बार गुहार लगाई जाती रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नही हो पाया है।
छवि कुमार, प्रधान हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिया सहयोग
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी फेडरेशनों के आह्वान पर 28 और 29 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए जिले में कर्मचारी यूनियन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब उठ खड़ी हुई हैं। एआईयूटीयूसी के राज्य अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र सिंह की आज कुछ कर्मचारी संगठनों के नेताओं से इस विषय पर बातचीत हुई और इस हड़ताल को लेकर रणनीति बना ली गई। बाद में कामरेड ने कहा कि इस हड़ताल में एआईयूटीयूसी की सभी यूनियनें शामिल होंगी। इनके अलावा अन्य कर्मचारी यूनियन भी हड़ताल में अपना सहयोग दे रही हैं। बावल और धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों पर इसका गहरा असर पड़ेगा।