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माजरा में एम्स निर्माण का रास्ता साफ, सरकार व किसानों के बीच मुआवजे पर बनी सहमति
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एम्स निर्माण को लेकर बैठक लेते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल।
- फोटो : Rewari
आखिर 6 साल से लंबित जिले के माजरा गांव में एम्स निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सरकार, प्रशासन व किसानों के बीच शनिवार को घंटों चली बैठक के बाद 40 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा और एक एससीओ पर किसान सहमत हो गए हैं।
बता दें कि माजरा के किसान 50 लाख रुपये प्रति एकड़ की मांग कर रहे थे, जबकि सरकार कलेक्टर रेट 28 लाख व पांच लाख रुपये अतिरिक्त देने पर अड़ी हुई थी। लेकिन किसानों की ओर से मुआवजा निर्धारण का फैसला केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर छोड़े जाने के बाद कुछ हद तक सहमति बनती नजर आ रही थी। बैठक के दौरान ही प्रशासन के अधिकारियों ने किसानों से हस्ताक्षर करा लिए हैं। आगामी दो दिनों में सभी किसानों के हस्ताक्षर कराने के बाद मंजूरी के लिए फाइल एम्स उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। बता दें कि उच्चाधिकारी अक्तूबर में माजरा में प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। रास्ता साफ होने के साथ ही कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर 6 साल से एम्स निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे एम्स संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया। हालांकि समिति की ओर से फैसले का स्वागत किया गया है।
127 दिन तक चली थी भूख हड़ताल
वर्ष 2015 में सीएम मनोहरलाल ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की मौजूदगी में बावल की रैली में मनेठी गांव में एम्स निर्माण की घोषणा की थी। लेकिन 2018 में मसानी बैराज पहुंचे सीएम की ओर दबाव में घोषणा कराने की बात कहने के बाद बिगड़ गया था। दो अक्टूबर 2018 से धरना और एक नवंबर 2018 से एम्स संघर्ष समिति की ओर से भूख हड़ताल शुरू कर दी गई थी। 127 दिनों तक धरना चला था, इतना ही नहीं हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने मनेठी से रेवाड़ी तक पैदल मार्च भी किया था। एनडीए-1 सरकार के पहले कार्यकाल के अंतिम बजट में प्रोजेक्ट को शामिल करते ही 5 फरवरी 2019 को धरना खत्म किया गया। कैबिनेट ने मंजूरी देते हुए 1299 करोड़ रुपये के बजट का आवंटन भी कर दिया था। मगर मई में केंद्रीय वन सलाहकार समिति ने उक्त जमीन को अरावली की भूमि बताकर आपत्ति लगा दी। सालभर वन क्षेत्र और गैर वन क्षेत्र के साथ ही राजनीतिक मुद्दा बना रहा। इसके बाद विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मनेठी पहुंचे सीएम ने कहा था कि लोग अरावली से अलग जमीन दें तो सरकारी रेट पर भूमि खरीदकर एम्स निर्माण करा देंगे।
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माजरा में एम्स निर्माण का रास्ता साफ : सहकारिता मंत्री
सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) माजरा में बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयास सफल रहे हैं। माजरा गांव के लोगों ने एम्स निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि पोर्टल पर अपलोड की, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। मुआवजे व एसओपी पर सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल कलेक्टर रेट से अधिक कीमत देने पर सहमत हो गए हैं।
राव व सहकारिता मंत्री के प्रयास से मिला एम्स
केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के राजनैतिक सचिव रवि यादव ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह व डॉ. बनवारी लाल के प्रयास से यह प्रोजेक्ट मिला है। माजरा में एम्स के निर्माण से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, झुंझुनू व अलवर जिले के लोगों को सुविधा होगी। रवि यादव ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने एम्स निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी मजबूत पक्ष रखा था।
दो दिन में तैयार कर लिए जाएंगे सहमति पत्र : डीसी
डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा कि माजरा गांव के लोगों की सहमति व अपलोड की गई भूमि का रिकॉर्ड सोमवार को भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एम्स के निर्माण से लोगों को फायदा होगा। उन्होंने एसडीएम रेवाड़ी रविंद्र यादव को दो दिन में अपलोड की गई भूमि की सहमति लेकर पेपर तैयार करने के लिए कहा है।
माजरा गांव के रहेंगे हमेशा ऋणी : संघर्ष समिति
एम्स निर्माण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठक में गांव माजरा-भालखी में एम्स निर्माण के लिए 40 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा एवं 500 वर्ग गज एससीओ (शॉप कम ऑफिस) पर समझौता हुआ है। इस बैठक में एम्स संघर्ष समिति को जिला प्रशासन ने नहीं बुलाया, फिर भी समिति इस फैसले का स्वागत करती है। एम्स संघर्ष समिति ने इसके लिए सभी क्षेत्रवासियों बुजुर्गों, माताओं एवं बहनों द्वारा 127 दिन लंबे संघर्ष के दौरान दिए गए योगदान के लिए अपना आभार प्रकट किया। एम्स संघर्ष समिति के प्रवक्ता कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट एवं समिति के अध्यक्ष श्योताज सिंह ने कहा कि यह क्षेत्र माजरा गांव के किसानों का सदैव ऋणी रहेगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
एम्स निर्माण को लेकर शनिवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में हुई बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल, डीसी यशेंद्र सिंह, एसडीएम रेवाड़ी रविंद्र यादव, केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह राजनैतिक सचिव रवि यादव के अलावा माजरा गांव के यशु प्रधान, जितेंद्र यादव, देशराज सरपंच, परिक्षत, दिलबाग, रामौतार, रामकुंवार, नरेंद्र आचार्य, विपिन कुमार, जितेंद्र कुमार, राजेश कुमार, विकास कुमार, सुखबीर पूर्व सरपंच, बलवान सिंह व रामनरेश आदि मौजूद रहे।
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बता दें कि माजरा के किसान 50 लाख रुपये प्रति एकड़ की मांग कर रहे थे, जबकि सरकार कलेक्टर रेट 28 लाख व पांच लाख रुपये अतिरिक्त देने पर अड़ी हुई थी। लेकिन किसानों की ओर से मुआवजा निर्धारण का फैसला केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर छोड़े जाने के बाद कुछ हद तक सहमति बनती नजर आ रही थी। बैठक के दौरान ही प्रशासन के अधिकारियों ने किसानों से हस्ताक्षर करा लिए हैं। आगामी दो दिनों में सभी किसानों के हस्ताक्षर कराने के बाद मंजूरी के लिए फाइल एम्स उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। बता दें कि उच्चाधिकारी अक्तूबर में माजरा में प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। रास्ता साफ होने के साथ ही कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर 6 साल से एम्स निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे एम्स संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया। हालांकि समिति की ओर से फैसले का स्वागत किया गया है।
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127 दिन तक चली थी भूख हड़ताल
वर्ष 2015 में सीएम मनोहरलाल ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की मौजूदगी में बावल की रैली में मनेठी गांव में एम्स निर्माण की घोषणा की थी। लेकिन 2018 में मसानी बैराज पहुंचे सीएम की ओर दबाव में घोषणा कराने की बात कहने के बाद बिगड़ गया था। दो अक्टूबर 2018 से धरना और एक नवंबर 2018 से एम्स संघर्ष समिति की ओर से भूख हड़ताल शुरू कर दी गई थी। 127 दिनों तक धरना चला था, इतना ही नहीं हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने मनेठी से रेवाड़ी तक पैदल मार्च भी किया था। एनडीए-1 सरकार के पहले कार्यकाल के अंतिम बजट में प्रोजेक्ट को शामिल करते ही 5 फरवरी 2019 को धरना खत्म किया गया। कैबिनेट ने मंजूरी देते हुए 1299 करोड़ रुपये के बजट का आवंटन भी कर दिया था। मगर मई में केंद्रीय वन सलाहकार समिति ने उक्त जमीन को अरावली की भूमि बताकर आपत्ति लगा दी। सालभर वन क्षेत्र और गैर वन क्षेत्र के साथ ही राजनीतिक मुद्दा बना रहा। इसके बाद विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मनेठी पहुंचे सीएम ने कहा था कि लोग अरावली से अलग जमीन दें तो सरकारी रेट पर भूमि खरीदकर एम्स निर्माण करा देंगे।
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माजरा में एम्स निर्माण का रास्ता साफ : सहकारिता मंत्री
सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) माजरा में बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयास सफल रहे हैं। माजरा गांव के लोगों ने एम्स निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि पोर्टल पर अपलोड की, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। मुआवजे व एसओपी पर सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल कलेक्टर रेट से अधिक कीमत देने पर सहमत हो गए हैं।
राव व सहकारिता मंत्री के प्रयास से मिला एम्स
केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के राजनैतिक सचिव रवि यादव ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह व डॉ. बनवारी लाल के प्रयास से यह प्रोजेक्ट मिला है। माजरा में एम्स के निर्माण से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, झुंझुनू व अलवर जिले के लोगों को सुविधा होगी। रवि यादव ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने एम्स निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी मजबूत पक्ष रखा था।
दो दिन में तैयार कर लिए जाएंगे सहमति पत्र : डीसी
डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा कि माजरा गांव के लोगों की सहमति व अपलोड की गई भूमि का रिकॉर्ड सोमवार को भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एम्स के निर्माण से लोगों को फायदा होगा। उन्होंने एसडीएम रेवाड़ी रविंद्र यादव को दो दिन में अपलोड की गई भूमि की सहमति लेकर पेपर तैयार करने के लिए कहा है।
माजरा गांव के रहेंगे हमेशा ऋणी : संघर्ष समिति
एम्स निर्माण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठक में गांव माजरा-भालखी में एम्स निर्माण के लिए 40 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा एवं 500 वर्ग गज एससीओ (शॉप कम ऑफिस) पर समझौता हुआ है। इस बैठक में एम्स संघर्ष समिति को जिला प्रशासन ने नहीं बुलाया, फिर भी समिति इस फैसले का स्वागत करती है। एम्स संघर्ष समिति ने इसके लिए सभी क्षेत्रवासियों बुजुर्गों, माताओं एवं बहनों द्वारा 127 दिन लंबे संघर्ष के दौरान दिए गए योगदान के लिए अपना आभार प्रकट किया। एम्स संघर्ष समिति के प्रवक्ता कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट एवं समिति के अध्यक्ष श्योताज सिंह ने कहा कि यह क्षेत्र माजरा गांव के किसानों का सदैव ऋणी रहेगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
एम्स निर्माण को लेकर शनिवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में हुई बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल, डीसी यशेंद्र सिंह, एसडीएम रेवाड़ी रविंद्र यादव, केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह राजनैतिक सचिव रवि यादव के अलावा माजरा गांव के यशु प्रधान, जितेंद्र यादव, देशराज सरपंच, परिक्षत, दिलबाग, रामौतार, रामकुंवार, नरेंद्र आचार्य, विपिन कुमार, जितेंद्र कुमार, राजेश कुमार, विकास कुमार, सुखबीर पूर्व सरपंच, बलवान सिंह व रामनरेश आदि मौजूद रहे।