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Rewari News: नहर में पानी आना बंद, आज से फिर शुरू राशनिंग

Mon, 22 Apr 2024 02:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 22 Apr 2024 02:42 AM IST
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Water stops coming into the canal, rationing starts again from today
रेवाड़ी। शहर में करीब तीन लाख की आबादी को फिर से पानी की समस्या के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जवाहर लाल नेहरू नहर में रविवार को पानी आना बंद हो गया है। अब जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार से राशनिंग शुरू कर दी जाएगी।
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राशनिंग के तहत शहर के एक हिस्से को एक दिन और दूसरे हिस्से को दूसरे दिन पानी दिया जाएगा। यह सिलसिला नहर में पानी आने तक जारी रहेगा। नहर में 5 अप्रैल को पानी आया था। इसके बाद विभाग की ओर से प्रतिदिन पानी दिया जा रहा था। बता दें कि शहर में पेयजल राशनिंग का सिलसिला करीब चार साल से चल रहा है।
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नहरी पानी का शेड्यूल पहले 16-16 दिन का था। यानी 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। दो साल से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन बंद रहता है।
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विभाग के पानी स्टोर करने के लिए टैंकों की भारी कमी है। कालाका वाटर वर्कर्स पर पांच और लिसाना में तीन वाटर टैंक हैं। लिसाना में एक वाटर टैंक का निर्माण होने से कुछ हद तक आधे शहर की समस्या दूर हुई है। दोनों वाटर वर्कर्स प्लांटों की क्षमता को देखते हुए शहर में पानी की डिमांड पूरी करना आसान नहीं है। इसके लिए कम से कम चार वाटर टैंकों के साथ नए वाटर वर्कर्स की आवश्यकता है। वाटर वर्कर्स का निर्माण करने के लिए विभाग को कम से कम पांच एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग की ओर से लंबे समय से जमीन की खोज की जा रही है।

इंसेटआबादी के हिसाब से स्टोरेज क्षमता कम

शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्कर्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्कर्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास कालाका वाटर वर्कर्स में पांच और लिसाना में पानी के तीन स्टोरेज टैंक हैं। टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता है। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में भी काफी कनेक्शन किए जा चुके है। जो बिना रजिस्टर्ड हुए चल रहे है। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है।
आने वाले समय में और बढ़ेगी परेशानी
एक माह में गर्मी पूरी तरह अपने चरम पर पहुंचने वाली है। हर साल की तरह इस बार शहर के लोगों को भारी गर्मी में किस्तों में ही पानी मिलेगा। नहरी पानी समय पर नहीं आने की स्थिति में शहर के लोगों को एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ेगा। स्टोरेज की क्षमता कम होने के कारण गर्मी के मौसम में पानी की आपूर्ति अल्टरनेट-डे करता आ रहा है। समस्या उस समय और भी विकराल हो जाती है, जब नहरी पानी का आपूर्ति में विलंब हो जाता है। शहर के लोगों को टैंकरों से पानी खरीदना पड़ता है। शहर में पानी की किल्लत का मामला विधानसभा तक गूंज चुका है। सरकार अतिरिक्त वाटर वर्कर्स का निर्माण कराने के लिए पैसा देने के लिए तैयार है, लेकिन अभी तक जनस्वास्थ्य विभाग को वाटर वर्क्स के लिए जमीन नहीं मिल पाई है।



50 करोड़ का तैयार किया था एस्टीमेट

जनस्वास्थ्य विभाग ने नया वाटर वर्कर्स बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया था। सरकार इसके लिए पैसा जारी करने के लिए भी तैयार थी, लेकिन शहर के आसपास पंचायत की जमीन नहीं मिलने के कारण विभाग ने एस्टीमेट सरेंडर कर दिया। विभाग की ओर से गांव चांदावास सहित कई जगह जमीन भी देखी गई, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
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जवाहरलाल नेहरू नहर पानी की सप्लाई बंद हो गई है। अब नहर में पानी आने तक पानी की सप्लाई एक दिन छोड़कर एक दिन की जाएगी। लोगों से अपील है कि पानी को व्यर्थ न बहाएं। - हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग

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नया वाटर वर्कर्स बनाने के लिए विभाग तैयार है, लेकिन जगह नहीं मिलने के कारण योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही। दो साल से जगह की तलाश की जा रही है। वाटर वर्कर्स के लिए पिछले दिनों जमीन फाइनल होने वाली थी, लेकिन उसमें कुछ बाधा आ गई। अब फिर से उचित जमीन की तलाश की जा रही है।-विनय चौहान, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग
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