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दो दिवसीय कृषि मेले में किसानों को मिलेगी उन्नत खेती की जानकारी : डॉ. बलबीर
Tue, 15 Sep 2026 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:56 PM IST
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बावल। जिले के किसानों के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में आयोजित होने वाला कृषि मेला (रबी) उपयोगी साबित होगा। विश्वविद्यालय में 1 व 2 अक्तूबर को कृषि मेले का आयोजन किया जाएगा। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। इस बार मेले का विषय सतत कपास उत्पादन-फसल विविधीकरण एवं जल संसाधन सुरक्षा रखा गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र बावल के कोऑर्डिनेटर डॉ. बलबीर ने बताया कि मेले में किसानों को रबी फसलों की उन्नत किस्मों, आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के बारे में वैज्ञानिक जानकारी दी जाएगी। रेवाड़ी जैसे कृषि प्रधान जिले के किसानों के लिए यहां विश्वविद्यालय की ओर से अनुशंसित उन्नत बीज, बायोफर्टिलाइजर और कृषि साहित्य भी उपलब्ध रहेगा।
उन्होंने बताया कि मेले में बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि मशीनरी और यंत्र बनाने वाली कंपनियां अपनी तकनीक प्रदर्शित करेंगी। किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों की कार्यप्रणाली, कीमत और उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी।
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विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्म पर वैज्ञानिकों द्वारा उगाई गई फसलों और अपनाई गई तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही मेले में कृषि, पशुपालन और गृह विज्ञान से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रश्नोत्तरी सभाएं होंगी।
किसान मिट्टी, सिंचाई जल और रोगग्रस्त पौधों की वैज्ञानिक जांच भी करा सकेंगे। दोनों दिन फसल प्रतियोगिता आयोजित होगी। किसानों के लिए वॉटर प्रूफ पंडाल की व्यवस्था भी रहेगी।
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कृषि विज्ञान केंद्र बावल के कोऑर्डिनेटर डॉ. बलबीर ने बताया कि मेले में किसानों को रबी फसलों की उन्नत किस्मों, आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के बारे में वैज्ञानिक जानकारी दी जाएगी। रेवाड़ी जैसे कृषि प्रधान जिले के किसानों के लिए यहां विश्वविद्यालय की ओर से अनुशंसित उन्नत बीज, बायोफर्टिलाइजर और कृषि साहित्य भी उपलब्ध रहेगा।
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उन्होंने बताया कि मेले में बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि मशीनरी और यंत्र बनाने वाली कंपनियां अपनी तकनीक प्रदर्शित करेंगी। किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों की कार्यप्रणाली, कीमत और उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी।
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विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्म पर वैज्ञानिकों द्वारा उगाई गई फसलों और अपनाई गई तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही मेले में कृषि, पशुपालन और गृह विज्ञान से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रश्नोत्तरी सभाएं होंगी।
किसान मिट्टी, सिंचाई जल और रोगग्रस्त पौधों की वैज्ञानिक जांच भी करा सकेंगे। दोनों दिन फसल प्रतियोगिता आयोजित होगी। किसानों के लिए वॉटर प्रूफ पंडाल की व्यवस्था भी रहेगी।