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Rewari News: अवैध रूप से रह, रहे दो बांग्लादेशी पकड़े
Tue, 06 May 2025 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 06 May 2025 12:56 AM IST
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फोटो : 13बांग्लादेशियों से पूछताछ करती टीम। संवाद
- फोटो : mathura
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जाडरा गांव में एक ईंट भट्ठे पर अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है। दोनों ने अपने परिवार को बहादुरगढ़ भेज दिया था। सोमवार को दोनों खुद भी यहां से भागने की फिराक में थे। दोनों की पहचान बांग्लादेश के जिला कुड़ीग्राम के गांव खाईताड़ी (थाना फुलवाड़ी) निवासी शिवेन बर्मन और मुस्तफा निवासी गांव सतकूरापार (थाना नागेश्वरी) के रूप में हुई है।
सीआईडी, गुप्तचर विभाग व केंद्रीय खुफिया एजेंसी की टीम ने सोमवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों को ईंट भट्ठे से पकड़ा। पूछताछ में पता चला है कि शिवेन बर्मन करीब 23 और मुस्तफा 20 साल से रेवाड़ी में रह रहा था। खुफिया विभाग को सूचना मिली थी ये दोनों भागकर बहादुरगढ़ जाने वाले हैं। इसके बाद टीम ने दबिश देकर दोनों को काबू कर लिया।
पूछताछ में दोनों के पास कोई दस्तावेज नहीं मिले। दोनों ने बताया कि वे बांग्लादेश के मूल निवासी हैं। पुलिस की टीम दोनों से पूछताछ कर रही है कि बाकी उनके साथी कहां पर छिपे हुए हैं।
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रेवाड़ी छोड़कर आसपास के जिलों में जा रहे हैं बांग्लादेशी
पता चला है कई बांग्लादेशी रेवाड़ी छोड़कर आसपास के जिलों में जा रहे हैं। कुछ बांग्लादेशी ऐसे हैं, जो बांग्लादेश भागने के फिराक में हैं। पुलिस लगातार सर्च अभियान चलाकर ऐसे बांग्लादेशियों की पहचान कर रही है। रेवाड़ी में अभी 42 से अधिक बांग्लादेशी परिवार सहित पकड़े जा चुके हैं।
जाडरा गांव में पिछले माह भी पकड़े गए थे बांग्लादेशी
एक माह पहले ही जाडरा गांव स्थित ईंट भट्ठे पर 18 बांग्लादेशी पकड़े गए थे। पूछताछ में पता चला था कि एक परिवार तो यहां करीब 25 साल से रह रहा था, जबकि दो परिवार करीब 5 साल पहले आए थे। कुछ तो ऐसे लोग हैं, जो यहां पर जन्मे और अब जवान हो चुके हैं। सभी बांग्लादेश थाना फुलबारी, जिला कुड़ीग्राम के रहने वाले थे।
बांग्लादेश आना-जाना लगा रहता है इन लोगों का
भारत-बांग्लादेश के न्यू कूच बिहार सीमा से 13-13 हजार रुपये लेकर दलालों ने इन लोगों की भारत में एंट्री कराई थी। बताया जा रहा है कि बांग्लादेशी नागरिक एजेंट के जरिए सीमा पार कर यहां से अपने घर आते-जाते रहते हैं।
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रेवाड़ी। जाडरा गांव में एक ईंट भट्ठे पर अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है। दोनों ने अपने परिवार को बहादुरगढ़ भेज दिया था। सोमवार को दोनों खुद भी यहां से भागने की फिराक में थे। दोनों की पहचान बांग्लादेश के जिला कुड़ीग्राम के गांव खाईताड़ी (थाना फुलवाड़ी) निवासी शिवेन बर्मन और मुस्तफा निवासी गांव सतकूरापार (थाना नागेश्वरी) के रूप में हुई है।
सीआईडी, गुप्तचर विभाग व केंद्रीय खुफिया एजेंसी की टीम ने सोमवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों को ईंट भट्ठे से पकड़ा। पूछताछ में पता चला है कि शिवेन बर्मन करीब 23 और मुस्तफा 20 साल से रेवाड़ी में रह रहा था। खुफिया विभाग को सूचना मिली थी ये दोनों भागकर बहादुरगढ़ जाने वाले हैं। इसके बाद टीम ने दबिश देकर दोनों को काबू कर लिया।
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पूछताछ में दोनों के पास कोई दस्तावेज नहीं मिले। दोनों ने बताया कि वे बांग्लादेश के मूल निवासी हैं। पुलिस की टीम दोनों से पूछताछ कर रही है कि बाकी उनके साथी कहां पर छिपे हुए हैं।
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रेवाड़ी छोड़कर आसपास के जिलों में जा रहे हैं बांग्लादेशी
पता चला है कई बांग्लादेशी रेवाड़ी छोड़कर आसपास के जिलों में जा रहे हैं। कुछ बांग्लादेशी ऐसे हैं, जो बांग्लादेश भागने के फिराक में हैं। पुलिस लगातार सर्च अभियान चलाकर ऐसे बांग्लादेशियों की पहचान कर रही है। रेवाड़ी में अभी 42 से अधिक बांग्लादेशी परिवार सहित पकड़े जा चुके हैं।
जाडरा गांव में पिछले माह भी पकड़े गए थे बांग्लादेशी
एक माह पहले ही जाडरा गांव स्थित ईंट भट्ठे पर 18 बांग्लादेशी पकड़े गए थे। पूछताछ में पता चला था कि एक परिवार तो यहां करीब 25 साल से रह रहा था, जबकि दो परिवार करीब 5 साल पहले आए थे। कुछ तो ऐसे लोग हैं, जो यहां पर जन्मे और अब जवान हो चुके हैं। सभी बांग्लादेश थाना फुलबारी, जिला कुड़ीग्राम के रहने वाले थे।
बांग्लादेश आना-जाना लगा रहता है इन लोगों का
भारत-बांग्लादेश के न्यू कूच बिहार सीमा से 13-13 हजार रुपये लेकर दलालों ने इन लोगों की भारत में एंट्री कराई थी। बताया जा रहा है कि बांग्लादेशी नागरिक एजेंट के जरिए सीमा पार कर यहां से अपने घर आते-जाते रहते हैं।