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कोसली दोहरे हत्याकांड के तीन आरोपी गिरफ्तार
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गोली मारकर दो युवकों की हत्या करने के मामले में आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। कोसली बाजार में दीपावली के दिन यशदेव उर्फ ईशु व अक्षय उर्फ बादशाह की हत्या करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बदमाशों ने अपना वर्चस्व जमाने के लिए हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। रेकी के बाद तीन शूटर्स ने दोनों युवकों की हत्या की थी। कोसली पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सहित हत्या करने वाले दो शूटर्स को गिरफ्तार किया है। अभी भी एक शूूटर्स पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता कोसली स्टेशन क्षेत्र निवासी प्रवीण पंघाल था।
गिरफ्तार किए गए शूटर्स राजस्थान के जिला अलवर के गांव गिलोठ निवासी अर्जुन उर्फ पवन उर्फ बंटी और गांव कोहारड़ निवासी प्रदीप उर्फ तुर्री है, जबकि गुरुग्राम के गांव बोहड़ा कलां निवासी सचिन उर्फ यूपी वाला फरार है। हत्या से पहले दोनों की रेकी करने वाले कोसली स्टेशन क्षेत्र निवासी हिमांशु को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को डीएसपी कोसली मुकेश कुमार ने पत्रकारवार्ता में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। डीएसपी मुकेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने जेल में बंद स्टेशन क्षेत्र निवासी प्रवीण पंघाल, सचिन उर्फ गोलू, अंबोली निवासी दीपक व भाकली निवासी हिमांशु को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर रिमांड पर लिया था।
पूछताछ में सामने आया कि यशदेव उर्फ यशु और प्रवीण पंघाल गुट के बीच क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई थी। दोनों पक्ष जब भी मौका मिलता एक-दूसरे गुट के सदस्यों के साथ मारपीट करते थे। यह रंजिश दोनों पक्षों के बीच कॉलेज में पढ़ने के समय से चली आ रही थी। वर्चस्व जमाने के लिए ही प्रवीण पंघाल गुट ने दोनों की हत्या करने की साजिश रची और इसके लिए गांव गिलोठ निवासी अर्जुन उर्फ पवन उर्फ बंटी, कोहारड़ निवासी प्रदीप उर्फ तुर्री और बोहड़ा कलां निवासी सचिन को बुलाया गया था।
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आरोपी हिमांशु करता था रेकी:
आरोपी सचिन, अर्जुन व प्रदीप हत्या करने के लिए स्कार्पियो गाड़ी में आए थे। स्टेशन क्षेत्र निवासी हिमांशु को रेकी के लिए बाजार में भेजा गया था और मोबाइल भी दिया गया था। दोनों के बाजार में आने के बारे में हिमांशु ने ही शूटर्स को सूचना दी थी। तीनों आरोपी स्कार्पियो गाड़ी को श्याम नगर से कृष्ण नगर जाने वाले मार्ग पर खड़ी कर बाजार तक पहुंचे और हत्या करने के बाद पैदल वापस गाड़ी तक गए थे। प्रवीण पंघाल ने हथियारों की व्यवस्था की थी। अवैध हथियार मध्यप्रदेश से मंगाए गए थे। पुलिस ने आरोपियों से हत्या की वारदात में प्रयुक्त तीन पिस्तौल, सात मैग्जिन, 15 कारतूस और स्कार्पियो गाड़ी बरामद कर ली है। पुलिस को अभी हत्या की साजिश में शामिल गांव बाबेपुर निवासी नीरज व गांव साल्हावास निवासी विक्की उर्फ डाकू और शूटर सचिन उर्फ यूपी वाला की तलाश है। आरोपी प्रवीण पंघाल कोसली के व्यापारी के साथ हुए 50 लाख की रंगदारी व हनी ट्रेप के मामले का मुख्य आरोपी भी है।
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25 अगस्त को भी किया था हमला:
गांव भाकली निवासी ईशु उर्फ यशदेव व अक्षय चार नवंबर को दीवाली के दिन कोसली के बाजार में कार में बैठे हुए थे। इसी दौरान मास्क लगाए पहुंचे बदमाशों ने दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर दोनों की हत्या कर दी थी। मृतक युवक यशदेव उर्फ ईशू की मां सुषमा देवी ने गांव भाकली निवासी फौजी जोखी, विरेंद्र उर्फ कर्नल, गांव धनिया का प्रवेश, गांव अंबोली निवासी दीपक, गांव साल्हावास निवासी डाकू उर्फ विक्की, रेलवे स्टेशन क्षेत्र निवासी गोलू उर्फ सचिन व प्रवीण और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। इससे पहले 25 अगस्त को भी यशदेव पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें पुलिस ने गांव भाकली निवासी हिमांशु, आंबोली निवासी दीपक, रेलवे स्टेशन क्षेत्र निवासी गोलू उर्फ सचिन, साल्हावास निवासी विक्की उर्फ डाकू, धनिया सहित सात-आठ युवकों के खिलाफ हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
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गिरफ्तार किए गए शूटर्स राजस्थान के जिला अलवर के गांव गिलोठ निवासी अर्जुन उर्फ पवन उर्फ बंटी और गांव कोहारड़ निवासी प्रदीप उर्फ तुर्री है, जबकि गुरुग्राम के गांव बोहड़ा कलां निवासी सचिन उर्फ यूपी वाला फरार है। हत्या से पहले दोनों की रेकी करने वाले कोसली स्टेशन क्षेत्र निवासी हिमांशु को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को डीएसपी कोसली मुकेश कुमार ने पत्रकारवार्ता में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। डीएसपी मुकेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने जेल में बंद स्टेशन क्षेत्र निवासी प्रवीण पंघाल, सचिन उर्फ गोलू, अंबोली निवासी दीपक व भाकली निवासी हिमांशु को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर रिमांड पर लिया था।
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पूछताछ में सामने आया कि यशदेव उर्फ यशु और प्रवीण पंघाल गुट के बीच क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई थी। दोनों पक्ष जब भी मौका मिलता एक-दूसरे गुट के सदस्यों के साथ मारपीट करते थे। यह रंजिश दोनों पक्षों के बीच कॉलेज में पढ़ने के समय से चली आ रही थी। वर्चस्व जमाने के लिए ही प्रवीण पंघाल गुट ने दोनों की हत्या करने की साजिश रची और इसके लिए गांव गिलोठ निवासी अर्जुन उर्फ पवन उर्फ बंटी, कोहारड़ निवासी प्रदीप उर्फ तुर्री और बोहड़ा कलां निवासी सचिन को बुलाया गया था।
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आरोपी हिमांशु करता था रेकी:
आरोपी सचिन, अर्जुन व प्रदीप हत्या करने के लिए स्कार्पियो गाड़ी में आए थे। स्टेशन क्षेत्र निवासी हिमांशु को रेकी के लिए बाजार में भेजा गया था और मोबाइल भी दिया गया था। दोनों के बाजार में आने के बारे में हिमांशु ने ही शूटर्स को सूचना दी थी। तीनों आरोपी स्कार्पियो गाड़ी को श्याम नगर से कृष्ण नगर जाने वाले मार्ग पर खड़ी कर बाजार तक पहुंचे और हत्या करने के बाद पैदल वापस गाड़ी तक गए थे। प्रवीण पंघाल ने हथियारों की व्यवस्था की थी। अवैध हथियार मध्यप्रदेश से मंगाए गए थे। पुलिस ने आरोपियों से हत्या की वारदात में प्रयुक्त तीन पिस्तौल, सात मैग्जिन, 15 कारतूस और स्कार्पियो गाड़ी बरामद कर ली है। पुलिस को अभी हत्या की साजिश में शामिल गांव बाबेपुर निवासी नीरज व गांव साल्हावास निवासी विक्की उर्फ डाकू और शूटर सचिन उर्फ यूपी वाला की तलाश है। आरोपी प्रवीण पंघाल कोसली के व्यापारी के साथ हुए 50 लाख की रंगदारी व हनी ट्रेप के मामले का मुख्य आरोपी भी है।
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25 अगस्त को भी किया था हमला:
गांव भाकली निवासी ईशु उर्फ यशदेव व अक्षय चार नवंबर को दीवाली के दिन कोसली के बाजार में कार में बैठे हुए थे। इसी दौरान मास्क लगाए पहुंचे बदमाशों ने दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर दोनों की हत्या कर दी थी। मृतक युवक यशदेव उर्फ ईशू की मां सुषमा देवी ने गांव भाकली निवासी फौजी जोखी, विरेंद्र उर्फ कर्नल, गांव धनिया का प्रवेश, गांव अंबोली निवासी दीपक, गांव साल्हावास निवासी डाकू उर्फ विक्की, रेलवे स्टेशन क्षेत्र निवासी गोलू उर्फ सचिन व प्रवीण और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। इससे पहले 25 अगस्त को भी यशदेव पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें पुलिस ने गांव भाकली निवासी हिमांशु, आंबोली निवासी दीपक, रेलवे स्टेशन क्षेत्र निवासी गोलू उर्फ सचिन, साल्हावास निवासी विक्की उर्फ डाकू, धनिया सहित सात-आठ युवकों के खिलाफ हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।