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Rewari News: अस्पताल में वेंटिलेटर तो है पर विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं
Sun, 04 Aug 2024 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 04 Aug 2024 12:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर के नागरिक अस्पताल में पांच वेंटिलेटर उपलब्ध हैं लेकिन इसके विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रशिक्षण देकर काम चलाया जाता है। यदि मरीज को ज्यादा समय रखने की जरूरत होती है तो उसे रेफर करना पड़ता है।
वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों की कमी है। कोरोना काल में अस्पताल को पांच वेंटिलेटर मिले थे। उन वेंटिलेटर का उपयोग अब ना के बराबर हो रहा है। ऐसे में मरीज भी काफी परेशान रहते हैं। मामले में सबसे अहम बात यह है कि जब अस्पताल प्रबंधन के पास वेंटिलेटर के लिए कोई विशेष चिकित्सक ही नहीं है तो आखिर इतने समय तक कैसे काम चलाया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी वेंटिलेटर रूम में कुछ निर्माण का कार्य होना है, जिस वजह से अब मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। निर्माण कार्य अब शुरू होगा। उस समय भी लोगों को परेशान होना पड़ता था, फिर भी इस और कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया।
अस्पताल में दो तरह के मरीजों को रेफर किया जाता है। एक मरीज वह होते हैं जो अस्पताल में आते ही गंभीर हालत में होते हैं। जैसे सड़क दुर्घटना या फिर झगड़े में लगी चोट के कारण। दूसरा उन मरीजों को रेफर किया जाता है जिनका उपचार कई दिन से अस्पताल में ही चल रहा होता है, लेकिन सुधार नहीं होने पर उनकी हालत पहले से ज्यादा खराब होने लगती है। ऐसी स्थिति में अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को पीजीआई रेफर कर देते हैं। इससे रेफर मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि कई दिनों तक उन्हें घर से दूर पीजीआई में रहना पड़ता है। जिससे लोगों का काम-धंधा तो छूटता ही है साथ ही वहां बार-बार चक्कर लगाने में भी परेशानी होती है। परंतु स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है। अधिकारियों की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है।
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वर्जन:
नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में निर्माण कार्य शुरू किया गया है। अस्पताल में वेंटिलेटर के लिए कोई विशेषज्ञ नहीं है। लेकिन मरीजों को परेशानी नहीं आए। इसे लेकर डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया गया है। कार्य पूरा होने के बाद फिर से वेंटिलेटर की सुविधा मिल सकेगी। -डॉ. अशोक कुमार, पीएमओ
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रेवाड़ी। शहर के नागरिक अस्पताल में पांच वेंटिलेटर उपलब्ध हैं लेकिन इसके विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रशिक्षण देकर काम चलाया जाता है। यदि मरीज को ज्यादा समय रखने की जरूरत होती है तो उसे रेफर करना पड़ता है।
वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों की कमी है। कोरोना काल में अस्पताल को पांच वेंटिलेटर मिले थे। उन वेंटिलेटर का उपयोग अब ना के बराबर हो रहा है। ऐसे में मरीज भी काफी परेशान रहते हैं। मामले में सबसे अहम बात यह है कि जब अस्पताल प्रबंधन के पास वेंटिलेटर के लिए कोई विशेष चिकित्सक ही नहीं है तो आखिर इतने समय तक कैसे काम चलाया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी वेंटिलेटर रूम में कुछ निर्माण का कार्य होना है, जिस वजह से अब मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। निर्माण कार्य अब शुरू होगा। उस समय भी लोगों को परेशान होना पड़ता था, फिर भी इस और कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया।
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अस्पताल में दो तरह के मरीजों को रेफर किया जाता है। एक मरीज वह होते हैं जो अस्पताल में आते ही गंभीर हालत में होते हैं। जैसे सड़क दुर्घटना या फिर झगड़े में लगी चोट के कारण। दूसरा उन मरीजों को रेफर किया जाता है जिनका उपचार कई दिन से अस्पताल में ही चल रहा होता है, लेकिन सुधार नहीं होने पर उनकी हालत पहले से ज्यादा खराब होने लगती है। ऐसी स्थिति में अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को पीजीआई रेफर कर देते हैं। इससे रेफर मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि कई दिनों तक उन्हें घर से दूर पीजीआई में रहना पड़ता है। जिससे लोगों का काम-धंधा तो छूटता ही है साथ ही वहां बार-बार चक्कर लगाने में भी परेशानी होती है। परंतु स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है। अधिकारियों की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है।
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वर्जन:
नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में निर्माण कार्य शुरू किया गया है। अस्पताल में वेंटिलेटर के लिए कोई विशेषज्ञ नहीं है। लेकिन मरीजों को परेशानी नहीं आए। इसे लेकर डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया गया है। कार्य पूरा होने के बाद फिर से वेंटिलेटर की सुविधा मिल सकेगी। -डॉ. अशोक कुमार, पीएमओ