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Rewari News: निजी खेल नर्सरी का मामला निदेशालय स्तर पर अटका
Tue, 10 Jun 2025 12:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 10 Jun 2025 12:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सरकारी खेल नर्सरी के साथ ही निजी खेल नर्सरी शुरू करने की भी योजना बनाई है, लेकिन निजी संस्थाओं में नर्सरी जनवरी से बंद है। अधिकारियों का कहना है कि नर्सरी का मामला निदेशालय स्तर पर अटका हुआ है।
इस वर्ष मार्च में आवेदन लेने व ग्राउंड रिपोर्ट के बाद भी निजी नर्सरियों की सूची अभी तक जारी नहीं की गई है। जबकि सरकारी खेल सेंटर और ग्राम पंचायतों व सरकारी स्कूलों में अप्रैल में ही शुरू हो चुकी हैं।
गत वर्ष 62 स्थानों पर खेल नर्सरी चलाई गई थी, जिनमें से दो बंद हो गई थी। इस तरह इस बार मार्च में नर्सरी के लिए विभाग ने आवेदन भी मांगे लिए थे। इसके बाद खेल विभाग ने कमेटी बनाकर आवेदन करने वाले संस्थानों की ग्राउंड रिपोर्ट लेकर भी विभाग के पास भेज दी थी, अप्रैल व मई बीत चुका है।
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निजी स्कूलों में पिछले वर्ष शुरू की खेल नर्सरियों के संचालकों ने बताया कि नर्सरी में चयनित खिलाड़ियों को पूरा वर्ष सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। नर्सरी जहां देरी से शुरू होती हैं, वहीं जनवरी में बंद हो जाती हैं। करीब 6 से 7 महीने ही लाभ मिल पाता है। जबकि अप्रैल से मार्च तक 12 महीने लाभ मिलना चाहिए। ऐसे में मार्च में ही आवेदन सहित सभी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए, ताकि अप्रैल से नर्सरी शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि समय पर नर्सरियों का संचालन होना चाहिए। इससे खेल प्रतिभाएं भी निखर सकती हैं।-
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वर्जन:
अभी निजी नर्सरियों की विभाग से मंजूरी नहीं मिली है। मामला निदेशालय स्तर का है। हमने लिस्ट भेज दी थी।-- ममता, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी
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रेवाड़ी। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सरकारी खेल नर्सरी के साथ ही निजी खेल नर्सरी शुरू करने की भी योजना बनाई है, लेकिन निजी संस्थाओं में नर्सरी जनवरी से बंद है। अधिकारियों का कहना है कि नर्सरी का मामला निदेशालय स्तर पर अटका हुआ है।
इस वर्ष मार्च में आवेदन लेने व ग्राउंड रिपोर्ट के बाद भी निजी नर्सरियों की सूची अभी तक जारी नहीं की गई है। जबकि सरकारी खेल सेंटर और ग्राम पंचायतों व सरकारी स्कूलों में अप्रैल में ही शुरू हो चुकी हैं।
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गत वर्ष 62 स्थानों पर खेल नर्सरी चलाई गई थी, जिनमें से दो बंद हो गई थी। इस तरह इस बार मार्च में नर्सरी के लिए विभाग ने आवेदन भी मांगे लिए थे। इसके बाद खेल विभाग ने कमेटी बनाकर आवेदन करने वाले संस्थानों की ग्राउंड रिपोर्ट लेकर भी विभाग के पास भेज दी थी, अप्रैल व मई बीत चुका है।
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निजी स्कूलों में पिछले वर्ष शुरू की खेल नर्सरियों के संचालकों ने बताया कि नर्सरी में चयनित खिलाड़ियों को पूरा वर्ष सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। नर्सरी जहां देरी से शुरू होती हैं, वहीं जनवरी में बंद हो जाती हैं। करीब 6 से 7 महीने ही लाभ मिल पाता है। जबकि अप्रैल से मार्च तक 12 महीने लाभ मिलना चाहिए। ऐसे में मार्च में ही आवेदन सहित सभी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए, ताकि अप्रैल से नर्सरी शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि समय पर नर्सरियों का संचालन होना चाहिए। इससे खेल प्रतिभाएं भी निखर सकती हैं।-
वर्जन:
अभी निजी नर्सरियों की विभाग से मंजूरी नहीं मिली है। मामला निदेशालय स्तर का है। हमने लिस्ट भेज दी थी।