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इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल करें विद्यार्थी : सुनील
Tue, 17 Feb 2026 11:13 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:13 PM IST
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कार्यक्रम में भाग लेते विद्यार्थी। स्रोत : कॉलेज
बावल। कृषि महाविद्यालय बावल में एनएसएस शिविर का आयोजन किया। इसमें डिजिटल साक्षरता विषय पर गोष्ठी हुई। इसमें मुख्य वक्ता राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के अतिरिक्त जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुनील कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि ठगी से बचने के लिए इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल करें।
उन्होंने मजबूत पासवर्ड रखने, संदिग्ध लिंक से बचने और व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाकर ही साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
साइबर क्राइम विभाग के एएसआई इकबाल ने डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपराधी सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और ठगी का प्रयास करते हैं।
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कहा कि ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत संबंधित विभाग को सूचना देनी चाहिए। विभाग के हरिओम ने फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे मामलों से बचाव के उपाय बताए।
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मबीर यादव ने डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर जोर दिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमरजीत ने आभार व्यक्त किया।
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उन्होंने मजबूत पासवर्ड रखने, संदिग्ध लिंक से बचने और व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाकर ही साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
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साइबर क्राइम विभाग के एएसआई इकबाल ने डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपराधी सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और ठगी का प्रयास करते हैं।
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कहा कि ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत संबंधित विभाग को सूचना देनी चाहिए। विभाग के हरिओम ने फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे मामलों से बचाव के उपाय बताए।
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मबीर यादव ने डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर जोर दिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमरजीत ने आभार व्यक्त किया।