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Rewari News: सरपंचों ने की ग्राम सभा में 40 प्रतिशत हाजिरी का नियम हटाने की मांग
Mon, 09 Feb 2026 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 09 Feb 2026 11:57 PM IST
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मांगों को लेकर बीडीपीओ अनिल यादव को ज्ञापन देते खंड नाहड़ की पंचायत एसोसिएशन। स्रोत : एसोसिएशन
कोसली। खंड नाहड़ की पंचायत एसोसिएशन ने ग्राम सभाओं में 40 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होने के नियम को रद्द करने की मांग की है। इसके लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन बीडीपीओ अनिल यादव को सौंपा है।
एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम सभाओं में 40 प्रतिशत हाजिरी अनिवार्य करने के कारण खंड के अधिकांश गांवों में ग्राम सभाएं सफल नहीं हो पा रही हैं। बार-बार बैठक बुलाने के बावजूद कोरम पूरा नहीं हो पाता, जिससे विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
महेंद्र सिंह ने कहा कि ग्राम सभाओं में आमतौर पर हर घर से केवल एक मुखिया ही भाग ले सकता है। इसके अलावा अधिकांश ग्रामीण अपने निजी कार्यों, रोजगार या अन्य कारणों से ग्राम सभा में उपस्थित नहीं हो पाते। ऐसे में 40 प्रतिशत हाजिरी की शर्त पूरी करना व्यावहारिक रूप से कठिन हो गया है।
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उन्होंने बताया कि इसी वजह से पूरे खंड नाहड़ के गांवों में ग्राम सभाएं नहीं हो पा रही हैं और विकास से जुड़े प्रस्ताव व एजेंडा पास नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में एजेंडा पारित न होने से न केवल पंचायतों के विकास कार्य रुके हुए हैं, बल्कि आम नागरिक भी परेशान हैं। सरकार की इस व्यवस्था का सीधा असर गांवों में सड़क, नाली, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के कार्यों पर पड़ रहा है।
सरपंच एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि ग्राम सभा में 40 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता को हटाया जाए, ताकि गांवों में विकास कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकें।
इस संबंध में बीडीपीओ अनिल यादव ने बताया कि खंड नाहड़ पंचायत एसोसिएशन के नेतृत्व में सरपंचों ने ज्ञापन सौंपा है, जिसे उच्च अधिकारियों और सरकार तक भेज दिया जाएगा।
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एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम सभाओं में 40 प्रतिशत हाजिरी अनिवार्य करने के कारण खंड के अधिकांश गांवों में ग्राम सभाएं सफल नहीं हो पा रही हैं। बार-बार बैठक बुलाने के बावजूद कोरम पूरा नहीं हो पाता, जिससे विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
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महेंद्र सिंह ने कहा कि ग्राम सभाओं में आमतौर पर हर घर से केवल एक मुखिया ही भाग ले सकता है। इसके अलावा अधिकांश ग्रामीण अपने निजी कार्यों, रोजगार या अन्य कारणों से ग्राम सभा में उपस्थित नहीं हो पाते। ऐसे में 40 प्रतिशत हाजिरी की शर्त पूरी करना व्यावहारिक रूप से कठिन हो गया है।
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उन्होंने बताया कि इसी वजह से पूरे खंड नाहड़ के गांवों में ग्राम सभाएं नहीं हो पा रही हैं और विकास से जुड़े प्रस्ताव व एजेंडा पास नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में एजेंडा पारित न होने से न केवल पंचायतों के विकास कार्य रुके हुए हैं, बल्कि आम नागरिक भी परेशान हैं। सरकार की इस व्यवस्था का सीधा असर गांवों में सड़क, नाली, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के कार्यों पर पड़ रहा है।
सरपंच एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि ग्राम सभा में 40 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता को हटाया जाए, ताकि गांवों में विकास कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकें।
इस संबंध में बीडीपीओ अनिल यादव ने बताया कि खंड नाहड़ पंचायत एसोसिएशन के नेतृत्व में सरपंचों ने ज्ञापन सौंपा है, जिसे उच्च अधिकारियों और सरकार तक भेज दिया जाएगा।