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Rewari News: धर्म की रक्षा के लिए साहिबजादों ने दिया सर्वोच्च बलिदान
Fri, 26 Dec 2025 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 26 Dec 2025 11:59 PM IST
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आईजीयू में बाल दिवस मनाते विवि प्रशासन। स्रोत : विवि
- फोटो : दाऊदयाल स्टेडियम मेंआयोजित सांसद खेल कार्यक्रम में सम्मानित किए खिलाड़ी एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिंह एव अन्य जनप्रतिनिधि। स्रोत: विभाग
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में छात्र कल्याण विभाग की तरफ से गुरु गोबिंद सिंह के वीर साहिबजादों फतेह सिंह और जोरावर सिंह के बलिदान की स्मृति में वीर बाल दिवस मनाया गया। इस दौरान कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए साहिबजादों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह एवं फतेह सिंह का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने साहिबजादों के चित्र पर पुष्पार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कुलसचिव ने बताया कि जब माता गुजरी के साथ दोनों साहिबजादे गुरु गोबिंद सिंह जी से बिछुड़ गए थे, तब उन्हें मुगल सेना द्वारा बंदी बना लिया गया।
इस्लाम स्वीकार न करने पर दोनों साहिबज़ादों को अत्यंत कम आयु में जीवित दीवार में चिनवा दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाता है, जिससे युवाओं को राष्ट्रभक्ति और धर्मरक्षा की प्रेरणा मिलती रहे।
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उन्होंने कहा कि साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह एवं फतेह सिंह का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने साहिबजादों के चित्र पर पुष्पार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कुलसचिव ने बताया कि जब माता गुजरी के साथ दोनों साहिबजादे गुरु गोबिंद सिंह जी से बिछुड़ गए थे, तब उन्हें मुगल सेना द्वारा बंदी बना लिया गया।
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इस्लाम स्वीकार न करने पर दोनों साहिबज़ादों को अत्यंत कम आयु में जीवित दीवार में चिनवा दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाता है, जिससे युवाओं को राष्ट्रभक्ति और धर्मरक्षा की प्रेरणा मिलती रहे।
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