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Rewari News: ग्रामीण सफाई कर्मचारी बोले-मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो तेज होगा आंदोलन
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण सफाई कर्मचारी। स्रोत : यूनियन
रेवाड़ी। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन सीटू के आह्वान पर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को नौवें दिन भी जारी रही। नेहरू पार्क में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बाद में महाराणा प्रताप चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान राजकुमार ने की। मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष नवल किशोर ने किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में सरकार की वादाखिलाफी को लेकर भारी रोष देखने को मिला।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले 19 वर्षों से शोषण और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। गांवों में सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें स्थायी नौकरी, उचित वेतन और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि भीषण गर्मी, बारिश और कठिन परिस्थितियों में काम करने के बावजूद सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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24 और 25 मई को नरवाना में महापड़ाव
धरने के दौरान घोषणा की गई कि 24 और 25 मई को नरवाना में कृष्ण बेदी के खिलाफ 24 घंटे का महापड़ाव लगाया जाएगा जिसमें प्रदेशभर से ग्रामीण सफाई कर्मचारी भाग लेंगे। प्रदर्शन में सीटू जिला उपाध्यक्ष रामकुमार, सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र, नगर पालिका अध्यक्ष ईश्वर सिंह बोड़वाल, राज्य सचिव पूनम, सिंचाई विभाग उपाध्यक्ष पवन कुमार, नाहड़ ब्लॉक प्रधान सोनू, बावल ब्लॉक प्रधान नवल किशोर, धारूहेड़ा ब्लॉक प्रधान राजकुमार, जिला सचिव मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
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ये हैं मुख्य मांगें
यूनियन ने सरकार के सामने अपनी मांगें दोहराते हुए कहा कि कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का किया जाए और 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए। कर्मचारियों ने 400 की आबादी पर एक स्थायी कर्मचारी की भर्ती, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26 से 27 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने, वर्दी व धुलाई भत्ता बढ़ाने और मृतक कर्मचारियों के परिजनों को स्थायी नौकरी देने की मांग उठाई।
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कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान राजकुमार ने की। मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष नवल किशोर ने किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में सरकार की वादाखिलाफी को लेकर भारी रोष देखने को मिला।
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वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले 19 वर्षों से शोषण और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। गांवों में सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें स्थायी नौकरी, उचित वेतन और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि भीषण गर्मी, बारिश और कठिन परिस्थितियों में काम करने के बावजूद सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और व्यापक रूप दिया जाएगा।
24 और 25 मई को नरवाना में महापड़ाव
धरने के दौरान घोषणा की गई कि 24 और 25 मई को नरवाना में कृष्ण बेदी के खिलाफ 24 घंटे का महापड़ाव लगाया जाएगा जिसमें प्रदेशभर से ग्रामीण सफाई कर्मचारी भाग लेंगे। प्रदर्शन में सीटू जिला उपाध्यक्ष रामकुमार, सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र, नगर पालिका अध्यक्ष ईश्वर सिंह बोड़वाल, राज्य सचिव पूनम, सिंचाई विभाग उपाध्यक्ष पवन कुमार, नाहड़ ब्लॉक प्रधान सोनू, बावल ब्लॉक प्रधान नवल किशोर, धारूहेड़ा ब्लॉक प्रधान राजकुमार, जिला सचिव मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
ये हैं मुख्य मांगें
यूनियन ने सरकार के सामने अपनी मांगें दोहराते हुए कहा कि कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का किया जाए और 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए। कर्मचारियों ने 400 की आबादी पर एक स्थायी कर्मचारी की भर्ती, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26 से 27 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने, वर्दी व धुलाई भत्ता बढ़ाने और मृतक कर्मचारियों के परिजनों को स्थायी नौकरी देने की मांग उठाई।