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Rewari News: आय से अधिक संपत्ति केस में आबकारी विभाग का पूर्व कर्मचारी बरी
Fri, 18 Sep 2026 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 18 Sep 2026 11:57 PM IST
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रेवाड़ी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुमार की अदालत ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में आबकारी एवं कराधान विभाग के तत्कालीन कर्मचारी गांव रसगण निवासी विक्रम सिंह को बरी कर दिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वर्ष 2016 में मामले की जांच की थी। जांच में वर्ष 2004 से 2016 के बीच उनकी ज्ञात आय की तुलना में 15 लाख 33 हजार 430 रुपये अधिक खर्च किए जाने का आरोप सामने आया था।
जांच रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में विक्रम सिंह की कुल आय 23,68,401 रुपये थी, जबकि खर्च 39,01,831 रुपये बताया गया। जांच में वेतन, जीपीएफ, बैंक ऋण, पत्नी व ससुर से प्राप्त राशि समेत अन्य आय को शामिल किया गया था। वहीं, फ्लैट, जमीन, वाहन, बैंक खातों और अन्य लेनदेन की जांच की गई।
अभियोजन चलाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मांगी गई थी, लेकिन आवश्यक वैधानिक मंजूरी उपलब्ध नहीं थी। अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि जरूरी मंजूरी के अभाव में केस आगे चलाने का आधार नहीं बनता। इसके बाद अदालत ने विक्रम सिंह की अर्जी मंजूर करते हुए उसे मामले से बरी कर दिया।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में विक्रम सिंह की कुल आय 23,68,401 रुपये थी, जबकि खर्च 39,01,831 रुपये बताया गया। जांच में वेतन, जीपीएफ, बैंक ऋण, पत्नी व ससुर से प्राप्त राशि समेत अन्य आय को शामिल किया गया था। वहीं, फ्लैट, जमीन, वाहन, बैंक खातों और अन्य लेनदेन की जांच की गई।
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अभियोजन चलाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मांगी गई थी, लेकिन आवश्यक वैधानिक मंजूरी उपलब्ध नहीं थी। अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि जरूरी मंजूरी के अभाव में केस आगे चलाने का आधार नहीं बनता। इसके बाद अदालत ने विक्रम सिंह की अर्जी मंजूर करते हुए उसे मामले से बरी कर दिया।
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