फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   rewari news, plot, allotment, seven, years

आवंटन के सात साल बाद भी नहीं मिला प्लाट का कब्जा

Mon, 15 Aug 2016 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 15 Aug 2016 12:09 AM IST
विज्ञापन
rewari news, plot, allotment, seven, years
panchayat - फोटो : amar ujala
 सीएम विंडो, एडीसी, डीडीपीओ, बीडीपीओ, सरपंच और न जाने कितने नेता मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से आवंटित बीपीएल प्लॉट का कब्जा दिलवाने के लिए शिकायत लगा चुके एक दिव्यांग बीपीएल कार्डधारक आज भी इस लाभ से महरूम है। प्लाट आवंटन के सात साल बीतने के बाद भी कार्डधारक को कब्जा नहीं मिला है। मामला खंड खोल के गांव आलियावास का है। गांव आलियावास निवासी सुभाषचंद भारद्वाज सहित 19 लोगों को वर्ष 2009 में तत्कालीन सरकार की तरफ से बीपीएल प्लॉट आवंटित किए थे। आरोप है कि इन लोगों को प्लॉट के कागज जरूर मिले लेकिन कब्जा नहीं। जब गांव में कब्जा लेने के लिए आवाज उठी तो तत्कालीन सरपंच ने नक्शे के अनुसार निर्धारित जगह पर कब्जा न देकर किसी अन्य जगह पर कब्जा देने का दबाव बनाया। लेकिन बीपीएल कार्डधारक इस बात पर राजी नहीं हुए। समय के साथ मामला ठंडे बस्ते में चला गया और प्लॉट वाले भी चुप बैठ गए।
विज्ञापन


आवाज दबा दी गई
दिव्यांग सुभाषचंद भारद्वाज ने इस मामले को लेकर सात सालों के दौरान सांसद राव इंद्रजीत सिंह, मुख्यमंत्री, डीसी व अन्य अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सुभाषचंद ने बताया कि वर्ष 2014 में उसने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी तथा समस्या के समाधान के लिए गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अधिकारियों की एक टीम गांव के मौके पर पहुंची तथा सरपंच से मामले के बारे में पूछताछ भी की थी। लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने 4 मर्तबा सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार झूठे समाधान की रिपोर्ट आगे भेजी गई।
विज्ञापन

 
मामला पिछली ग्राम पंचायतों के समय का है। मेरे कार्यभार संभालने के बाद पूरा मामला संज्ञान में आया है। नई ग्राम पंचायत ने जब अपना कार्यभार संभाला तो कुछ बीपीएल प्लॉटों का कब्जा निर्धारित जगह पर न होकर अन्य जगह पर था। चूंकि पूर्व ग्राम पंचायतों के कार्यकाल मेें गलत जगह पर प्लॉट के कब्जे दे दिए और कुछ लोगों ने वहां डीपीसी भी तैयार कर ली थी, जिसके चलते इन लोगों ने निर्माण में खर्चा लग जाने का हवाला देते हुए प्लाट उसी जगह पर बने रहने की बात कही, तो हमने नक्शा बदलने को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर अधिकारियों को प्रषित किया था। लेकिन अभी कोई जवाब नहीं आया है। वही हमने सुभाषचंद  की निर्धारित जगह पर प्लॉट लेने का मसला भी अधिकारियों के समक्ष रखा है। जो भी प्रशासन के दिशा-निर्देश होंगे उसी अनुसार ग्राम पंचायत सभी के हित में फैसला लेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सत्यनारायण यादव, सरपंच, आलियावास

बीपीएल प्लॉटों के नक्शे के हिसाब से निर्धारित जगह में एक पूर्व निर्मित मकान अवरोधक बन रहा था। जिसके चलते उसी कीले संख्या में दूसरी ओर कार्डधारकों की सहमति से प्लाटों के कब्जे दिए गए थे, वहीं प्रशासन के संज्ञान में भी यह मामला डाला गया था। सुभाषचंद व उसका भाई सर्वसम्मति से पास किए गए नक्शे के हिसाब से प्लॉट लेने को तैयार नहीं थे। वे शुरू के नक्शे के अनुसार ही कब्जा लेने पर अड़े रहे।

सविता देवी, पूर्व सरपंच, अलियावास

यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि एक ऐसा हुआ है, तो निश्चित रूप से मौका मुआयना कर मामले की जांच की जाएगी और शिकायतकर्ता सहित अन्य लोगों को पूरा हक दिलाया जाएगा।
डॉ एसी कौशिक, डीडीपीओ, रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed