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राशनिंग शुरू, 15 दिसंबर तक शहर के मिलेगा एक दिन छोड़, एक दिन पानी
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नहर नहीं आने के कारण सूखती नहर।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। रेवाड़ी शहर में नहरी पानी आना बंद होने के बाद विभाग की ओर से राशनिंग शुरू की गई हैं। अब रेवाड़ी शहर को 15 दिसंबर तक एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलेगा। शहर में 21 नवंबर को पानी आना बंद हो गया था। पानी बंद होने पर जन स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार से पेयजल राशनिंग का निर्णय लिया है।
रेवाड़ी शहर में पेयजल सप्लाई पूरी तरह से नहरी के पानी पर निर्भर है। नहरी पानी का शेड्यूल 16- 24 का है। रेवाड़ी को 16 दिन तक नियमित पेयजल सप्लाई की जाती है। वहीं 24 दिन तक शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलता है। इस दौरान एक दिन शहर के एक हिस्से तथा दूसरे दिन शहर के दूसरे हिस्से में पेयजल सप्लाई की जाती है। पांच नवंबर से नहर में पानी आने के बाद शहर को नियमित पेयजल सप्लाई की जा रहीं थी। 21 नवंबर को नहर में पानी आना बंद होने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी की राशनिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया हैं। 17 दिसंबर से फिर से नहर में पानी आने की उम्मीद है।
आबादी बढ़ी, वाटर स्टोरेज क्षमता नहीं
शहर की आबादी बीते कुछ सालों के दौरान तेजी से बढ़ी है लेकिन पानी को स्टोर करने की क्षमता नहीं बढ़ पाई है। गांव कालाका में पांच वाटर टैंक है तथा लिसाना में दो वाटर टैंक हैं जिनमें पानी स्टोर करके रखा जाता है तथा शहर में सप्लाई किया जाता है। कम से कम दो वाटर टैंक और बनाने की आवश्यकता है लेकिन लंबे समय से यह प्रोजेक्ट अटका हुआ है।
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नहरी आना बंद होने के कारण विभाग ने पानी की राशनिंग करने का निर्णय लिया हैं। 15 दिसंबर तक शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलेगा। 17 दिसंबर को फिर से नहरी पानी आने की उम्मीद है। - अजय यादव, जेई जनस्वास्थ्य विभाग।
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रेवाड़ी शहर में पेयजल सप्लाई पूरी तरह से नहरी के पानी पर निर्भर है। नहरी पानी का शेड्यूल 16- 24 का है। रेवाड़ी को 16 दिन तक नियमित पेयजल सप्लाई की जाती है। वहीं 24 दिन तक शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलता है। इस दौरान एक दिन शहर के एक हिस्से तथा दूसरे दिन शहर के दूसरे हिस्से में पेयजल सप्लाई की जाती है। पांच नवंबर से नहर में पानी आने के बाद शहर को नियमित पेयजल सप्लाई की जा रहीं थी। 21 नवंबर को नहर में पानी आना बंद होने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी की राशनिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया हैं। 17 दिसंबर से फिर से नहर में पानी आने की उम्मीद है।
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आबादी बढ़ी, वाटर स्टोरेज क्षमता नहीं
शहर की आबादी बीते कुछ सालों के दौरान तेजी से बढ़ी है लेकिन पानी को स्टोर करने की क्षमता नहीं बढ़ पाई है। गांव कालाका में पांच वाटर टैंक है तथा लिसाना में दो वाटर टैंक हैं जिनमें पानी स्टोर करके रखा जाता है तथा शहर में सप्लाई किया जाता है। कम से कम दो वाटर टैंक और बनाने की आवश्यकता है लेकिन लंबे समय से यह प्रोजेक्ट अटका हुआ है।
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नहरी आना बंद होने के कारण विभाग ने पानी की राशनिंग करने का निर्णय लिया हैं। 15 दिसंबर तक शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलेगा। 17 दिसंबर को फिर से नहरी पानी आने की उम्मीद है। - अजय यादव, जेई जनस्वास्थ्य विभाग।
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