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Rewari News: बावल औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी साहबी बैराज में डालने तैयारी

Tue, 20 Jan 2026 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 20 Jan 2026 12:12 AM IST
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Preparations to pour contaminated water from Bawal Industrial Area into Sahibi Barrage
साहबी बैराज। संवाद
रेवाड़ी। साहबी बैराज में आईएमटी बावल के औद्योगिक क्षेत्र का पानी डालने की तैयारी चल रही है। इस पर आपत्ति जताई गई है। पहले भिवाड़ी से आने वाले पानी को ही बैराज में डालने की योजना थी लेकिन अब बावल की इंडस्ट्री से निकलने वाले पानी को इसमें डालने की योजना तैयार की जा रही है।
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सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव ने योजना पर तत्काल रोक लगाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, हरियाणा के मुख्यमंत्री, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपत्ति पत्र भेजा है।
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पहले से ही बैराज में प्रदूषित पानी को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। इसी मुद्दे पर प्रकाश यादव ने पहले ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में याचिका दायर कर रखी है। अब इस नए प्रस्ताव ने नया बखेड़ा शुरू कर दिया है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस फैसले से बैराज के आसपास के करीब एक दर्जन गांवों की कृषि भूमि बंजर हो सकती है। गांव खलियावास में सिंचाई विभाग की भूमि है। वर्षों से 6 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रदूषित पानी इसी जमीन पर छोड़ा जा रहा है जिससे यह भूमि हर समय जलमग्न रहती है और जब अतिरिक्त पानी हो जाता है तो यह बैराज से निकलकर आसपास की जमीन पर पहुंच जाता है।
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जलनिकासी के नाम पर बनाई जा रही योजना
प्रकाश यादव ने पत्र में कहा है कि सिंचाई विभाग की ओर से एचएसआईआईडीसी आईएमटी बावल से साहबी बैराज के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी के नाम पर लगभग 63.32 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित की गई है, जिसे 400 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत आईएमटी बावल का पानी सीधे साहबी बैराज में डालने की तैयारी है। आरोप लगाया कि विभाग कागजों में इसे केवल बारिश का पानी बता रहा है, जबकि हकीकत यह है कि आईएमटी बावल औद्योगिक क्षेत्र में हर समय भारी मात्रा में रासायनिक, जहरीला और दूषित औद्योगिक पानी जमा रहता है। यह योजना दरअसल बरसाती पानी की आड़ में कंपनियों के गंदे पानी को बैराज में छोड़ने का सुनियोजित प्रयास है। मसानी बैराज के आसपास साहबी नदी करीब 500 एकड़ जमीन में फैली हुई है। इसमें अधिकतर रेवाड़ी व आसपास का दूषित पानी जमा है।
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मसानी बैराज को पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित करने की थी योजना
प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल 2018 में मसानी बैराज पर आए थे। उस समय उन्होंने मसानी बैराज का निरीक्षण करने के बाद इसे पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। जिससे दिल्ली-जयपुर हाईवे से आना-जाना करने वाले वाहन चालकों को आकर्षित किया जा सके। बैराज के जीर्णोद्धार और उसे पर्यटन स्थल बनाने की योजना बनाई थी। इसमें यमुना के सरप्लस पानी से झील को भरने और रेवाड़ी, बावल, धारूहेड़ा जैसे शहरों के गंदे पानी को ट्रीट करके डालना शामिल था ताकि जलस्तर बढ़े और खारा पानी मीठा हो। मगर अभी तक इस पर कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

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एक्सईएन ने कहा- बैराज में पानी छोड़ने की योजना नहीं
सिंचाई विभाग के एक्सईएन विजय ने बताया कि अभी तक इस संबंध में किसी प्रकार का कोई औपचारिक प्रस्ताव विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। फिलहाल बैराज में पानी छोड़ने या डालने की कोई योजना नहीं है। विभाग की ओर से इतना जरूर विचार किया जा रहा है कि बावल में बारिश के दौरान एकत्रित होने वाले पानी को तालाब में डाला जाए ताकि उसका सही उपयोग हो सके और जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। प्रस्ताव को लेकर विभागीय स्तर पर अभी चर्चा चल रही है। आगे क्या कदम उठाए जाएंगे और किस प्रकार की योजना बनाई जाएगी, इस पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। जब तक सभी पहलुओं पर सहमति नहीं बन जाती, तब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा।
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