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Rewari News: अब बिजली से रोशन होंगी ढाणियां
Sun, 20 Aug 2023 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 20 Aug 2023 12:39 AM IST
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रेवाड़ी शक्ति भवन कार्यालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने ढाणियों में रहने वाले परिवारों को भी घरेलू सप्लाई लाइन से जोड़ने का फैसला किया है। निगम की तरफ से गांव की फिरनी से एक किलोमीटर के दायरे में आने वाली तमाम ढाणियों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके तहत इन ढाणियों में रहने वाले परिवारों को अपने सब डिविजन के एसडीओ को प्रार्थना-पत्र देना होग। रिपोर्ट तैयार करके कनेक्शन संबंधी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डीएचबीवीएन की तरफ से 2011 में गांवों की बिजली आपूर्ति के लिए फीडरों को विघटीकरण किया गया था। इसके तहत गांवों की सप्लाई के लिए आरडीएस (रूरल डॉमेस्टिक सप्लाई) फीडर तैयार किए गए थे और कृषि सप्लाई के लिए आरडीएस फीडर से अभी तक केवल गांवों को ही जोड़ा हुआ है। ढाणियों में रहने वाले परिवारों को एपी फीडर से ही आपूर्ति की जा रही थी।
हालांकि कुछ समय पहले इन ढाणियों के लिए सब स्टेशन में ही पैट ट्रांसफॉर्मर लगाए गए थे, जिनसे इन्हें सिंगल की आपूर्ति हो जाती है। अभी तक जिले में 50 के लगभग पैट ट्रांसफॉर्मर हैं। शेष ढाणियों को अभी भी एपी फीडर से ही बिजली आपूर्ति हो रही है। ग्रामीणों की तरफ से ढाणियों को आरडीएस फीडर से जोड़े जाने की मांग काफी समय से की जा रही है। इसके अतिरिक्त विधायकों की तरफ से भी यह मांग आ चुकी है।
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जिले में लगभग 150 से अधिक ढाणियां
जिले में ढाणियों की संख्या 150 से भी अधिक है। गांवों में आबादी बढ़ने के साथ लाल डोरे से बाहर बसी यह ढाणियां लगभग हर गांव में हैं। अधिकतर ढाणियां गांवों के आसपास ही बसी हुई हैं। इसके अलावा खेतों में भी काफी ढाणियां बसी हुई हैं। अभी इन ढाणियों को एग्रीकल्चर फीडर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में इन ढाणियों को 8 से 10 घंटे ही बिजली मिलती है, जिससे गर्मियों में यहां रहने वाले परिवारों के लिए बेहद मुश्किल हो जाती है। वहीं पैट ट्रांसफार्मर से जुड़ी ढाणियों को लगभग 15 घंटे बिजली मिलती है।
एसडीओ तैयार करेंगे विस्तृत रिपोर्ट
निगम की तरफ से इसके लिए कई मापदंड तय किए गए हैं। इसमें आरडीएस प्वाइंट से दूरी कम से कम 300 मीटर होनी चाहिए और उस ढाणी अथवा डेरा में कम से कम 10 परिवार की आबादी होनी चाहिए। इसके लिए ढाणियों में रहने परिवारों को सामूहिक तौर पर अपने सब डिविजन के एसडीओ को घरेलू सप्लाई लाइन से जोड़ने के लिए प्रार्थना पत्र देना होगा।
इसके बाद निगम की टीम जीपीएस मैपिंग के साथ ढाणी की दूरी आबादी के साथ निगम के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ चाहने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर की रिपोर्ट तैयार करके एसई ऑफिस को भेजेगी। प्रार्थना-पत्र मिलने के बाद सात दिन के अंदर यह रिपोर्ट तैयार करना जरूरी है।
गांव की फिरनी से एक किमी दायरे में आने वाली ढाणियों एवं डेरे को आरडीएस फीडर से सप्लाई देने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ढाणियों में रहने वाले परिवार अपने सब डिविजन के एसडीओ को प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर इस श्रेणी में आने वाली ढाणियों को आरडीएस फीडर से सप्लाई दी जाएगी।
- मनोज यादव, एसई, रेवाड़ी सर्कल।
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रेवाड़ी। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने ढाणियों में रहने वाले परिवारों को भी घरेलू सप्लाई लाइन से जोड़ने का फैसला किया है। निगम की तरफ से गांव की फिरनी से एक किलोमीटर के दायरे में आने वाली तमाम ढाणियों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके तहत इन ढाणियों में रहने वाले परिवारों को अपने सब डिविजन के एसडीओ को प्रार्थना-पत्र देना होग। रिपोर्ट तैयार करके कनेक्शन संबंधी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डीएचबीवीएन की तरफ से 2011 में गांवों की बिजली आपूर्ति के लिए फीडरों को विघटीकरण किया गया था। इसके तहत गांवों की सप्लाई के लिए आरडीएस (रूरल डॉमेस्टिक सप्लाई) फीडर तैयार किए गए थे और कृषि सप्लाई के लिए आरडीएस फीडर से अभी तक केवल गांवों को ही जोड़ा हुआ है। ढाणियों में रहने वाले परिवारों को एपी फीडर से ही आपूर्ति की जा रही थी।
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हालांकि कुछ समय पहले इन ढाणियों के लिए सब स्टेशन में ही पैट ट्रांसफॉर्मर लगाए गए थे, जिनसे इन्हें सिंगल की आपूर्ति हो जाती है। अभी तक जिले में 50 के लगभग पैट ट्रांसफॉर्मर हैं। शेष ढाणियों को अभी भी एपी फीडर से ही बिजली आपूर्ति हो रही है। ग्रामीणों की तरफ से ढाणियों को आरडीएस फीडर से जोड़े जाने की मांग काफी समय से की जा रही है। इसके अतिरिक्त विधायकों की तरफ से भी यह मांग आ चुकी है।
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जिले में लगभग 150 से अधिक ढाणियां
जिले में ढाणियों की संख्या 150 से भी अधिक है। गांवों में आबादी बढ़ने के साथ लाल डोरे से बाहर बसी यह ढाणियां लगभग हर गांव में हैं। अधिकतर ढाणियां गांवों के आसपास ही बसी हुई हैं। इसके अलावा खेतों में भी काफी ढाणियां बसी हुई हैं। अभी इन ढाणियों को एग्रीकल्चर फीडर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में इन ढाणियों को 8 से 10 घंटे ही बिजली मिलती है, जिससे गर्मियों में यहां रहने वाले परिवारों के लिए बेहद मुश्किल हो जाती है। वहीं पैट ट्रांसफार्मर से जुड़ी ढाणियों को लगभग 15 घंटे बिजली मिलती है।
एसडीओ तैयार करेंगे विस्तृत रिपोर्ट
निगम की तरफ से इसके लिए कई मापदंड तय किए गए हैं। इसमें आरडीएस प्वाइंट से दूरी कम से कम 300 मीटर होनी चाहिए और उस ढाणी अथवा डेरा में कम से कम 10 परिवार की आबादी होनी चाहिए। इसके लिए ढाणियों में रहने परिवारों को सामूहिक तौर पर अपने सब डिविजन के एसडीओ को घरेलू सप्लाई लाइन से जोड़ने के लिए प्रार्थना पत्र देना होगा।
इसके बाद निगम की टीम जीपीएस मैपिंग के साथ ढाणी की दूरी आबादी के साथ निगम के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ चाहने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर की रिपोर्ट तैयार करके एसई ऑफिस को भेजेगी। प्रार्थना-पत्र मिलने के बाद सात दिन के अंदर यह रिपोर्ट तैयार करना जरूरी है।
गांव की फिरनी से एक किमी दायरे में आने वाली ढाणियों एवं डेरे को आरडीएस फीडर से सप्लाई देने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ढाणियों में रहने वाले परिवार अपने सब डिविजन के एसडीओ को प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर इस श्रेणी में आने वाली ढाणियों को आरडीएस फीडर से सप्लाई दी जाएगी।
- मनोज यादव, एसई, रेवाड़ी सर्कल।