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माजरा एम्स मामले में नया मोड़, एम्स संघर्ष समिति अब नए आंदोलन की राह पर
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प्रेसवार्ता करते एम्स संघर्ष समिति के लोग।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। माजरा एम्स मामले में मंगलवार को नया मोड़ आ गया, जिसमें एम्स संघर्ष समिति मनेठी ने अपने तीसरे चरण के आंदोलन की घोषणा कर दी। शहर के पुराना कोर्ट रोड स्थित एक निजी रेस्तरां में आयोजित पत्रकारों से बातचीत में समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सरकार को 2 अक्तूबर तक माजरा एम्स का शिलान्यास कराने का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर समिति अपना तीसरे चरण का आंदोलन शुरू कर देगी।
इस मौके पर समिति की ओर से राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने माजरा एम्स के आंदोलन को लेकर कहा कि इस विषय पर समिति का आंदोलन 2 अक्तूबर 2018 को शुरू हुआ था और 2015 में मनेठी में एम्स निर्माण की घोषणा बावल की एक रैली में मुख्यमंत्री ने की थी। जब 3 साल तक कुछ नहीं हुआ, तब 2 अक्तूबर 2018 को समिति ने अपना आंदोलन शुरू किया, जो 127 दिन तक चला। इसके बाद केंद्र सरकार का अंतरिम बजट आया, उसमें इसकी घोषणा हुई। मनेठी पंचायत ने नि:शुल्क अपनी 200 एकड़ जमीन का प्रस्ताव दे दिया, मगर सरकार ने उसको अरावली और वन विभाग की जगह बताया। इस प्रोजेक्ट को सिरे नहीं चढ़ाया। हालांकि हमारा विरोध है कि वह अरावली की जमीन नहीं है। मगर अधिकारियों ने इस पर हमें तार्किक रूप से जवाब नहीं दिया। मगर हमें अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि आखिर में माजरा के किसानों ने यह सोचकर कि एम्स प्रोजेक्ट दूसरी जगह न चला जाए, इसलिए अपनी 210 एकड़ जमीन में से 192 एकड़ 19 मरला 2 सरसाई जमीन की रजिस्ट्री स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के नाम करा दी। बाकी जमीन में कोई विवाद नहीं। इसके कुछ मालिक भारतीय सेना में एवं कुछ नाबालिग हैं और नाबालिग की जमीन को स्थानांतरित करने के लिए अदालत की अनुमति के लिए याचिका दायर कर रखी है। समिति सदस्यों ने कहा कि अब एम्स निर्माण को आगे बढ़ाते हुए जल्द इसका शिलान्यास किया जाए क्योंकि देश में कई जगह 150 एकड़ जमीन पूरी होते ही एम्स का शिलान्यास करके निर्माण कार्य शुरू किया गया था। जनता ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है, अब सरकार अपने हिस्से का काम करे।
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कामरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व बावल विधायक एवं सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल को ईमेल भेजकर माजरा एम्स का जल्द शिलान्यास कराने के लिए ज्ञापन भेजे गए हैं।
समिति 2 अक्तूबर तक इंतजार करेगी और उसके बाद अपना आंदोलन शुरू कर देगी। उस दिन एम्स संघर्ष आंदोलन के 4 साल पूर्ण होने वाले हैं। कामरेड ने कहा कि उस दिन यह समिति अपने इस आंदोलन के दौरान दुनिया से चले गए साथियों को श्रद्धांजलि देने के साथ इनके परिजन को सम्मानित भी करेगी। इस मौके पर समिति के प्रधान पूर्व सरपंच श्योताज सिंह, प्रवक्ता डॉ. एचडी यादव, जिला पार्षद आजाद सिंह नांधा, विक्रम सिंह पांडे पूर्व सरपंच सीहा, मास्टर लक्ष्मण सिंह अहरोद, सचिव ओमप्रकाश सैन और प्रकाश अहरोद भी मौजूद रहे।
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इस मौके पर समिति की ओर से राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने माजरा एम्स के आंदोलन को लेकर कहा कि इस विषय पर समिति का आंदोलन 2 अक्तूबर 2018 को शुरू हुआ था और 2015 में मनेठी में एम्स निर्माण की घोषणा बावल की एक रैली में मुख्यमंत्री ने की थी। जब 3 साल तक कुछ नहीं हुआ, तब 2 अक्तूबर 2018 को समिति ने अपना आंदोलन शुरू किया, जो 127 दिन तक चला। इसके बाद केंद्र सरकार का अंतरिम बजट आया, उसमें इसकी घोषणा हुई। मनेठी पंचायत ने नि:शुल्क अपनी 200 एकड़ जमीन का प्रस्ताव दे दिया, मगर सरकार ने उसको अरावली और वन विभाग की जगह बताया। इस प्रोजेक्ट को सिरे नहीं चढ़ाया। हालांकि हमारा विरोध है कि वह अरावली की जमीन नहीं है। मगर अधिकारियों ने इस पर हमें तार्किक रूप से जवाब नहीं दिया। मगर हमें अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया गया।
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उन्होंने कहा कि आखिर में माजरा के किसानों ने यह सोचकर कि एम्स प्रोजेक्ट दूसरी जगह न चला जाए, इसलिए अपनी 210 एकड़ जमीन में से 192 एकड़ 19 मरला 2 सरसाई जमीन की रजिस्ट्री स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के नाम करा दी। बाकी जमीन में कोई विवाद नहीं। इसके कुछ मालिक भारतीय सेना में एवं कुछ नाबालिग हैं और नाबालिग की जमीन को स्थानांतरित करने के लिए अदालत की अनुमति के लिए याचिका दायर कर रखी है। समिति सदस्यों ने कहा कि अब एम्स निर्माण को आगे बढ़ाते हुए जल्द इसका शिलान्यास किया जाए क्योंकि देश में कई जगह 150 एकड़ जमीन पूरी होते ही एम्स का शिलान्यास करके निर्माण कार्य शुरू किया गया था। जनता ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है, अब सरकार अपने हिस्से का काम करे।
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कामरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व बावल विधायक एवं सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल को ईमेल भेजकर माजरा एम्स का जल्द शिलान्यास कराने के लिए ज्ञापन भेजे गए हैं।
समिति 2 अक्तूबर तक इंतजार करेगी और उसके बाद अपना आंदोलन शुरू कर देगी। उस दिन एम्स संघर्ष आंदोलन के 4 साल पूर्ण होने वाले हैं। कामरेड ने कहा कि उस दिन यह समिति अपने इस आंदोलन के दौरान दुनिया से चले गए साथियों को श्रद्धांजलि देने के साथ इनके परिजन को सम्मानित भी करेगी। इस मौके पर समिति के प्रधान पूर्व सरपंच श्योताज सिंह, प्रवक्ता डॉ. एचडी यादव, जिला पार्षद आजाद सिंह नांधा, विक्रम सिंह पांडे पूर्व सरपंच सीहा, मास्टर लक्ष्मण सिंह अहरोद, सचिव ओमप्रकाश सैन और प्रकाश अहरोद भी मौजूद रहे।