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एनसीडी रिपोर्ट : 4800 बीपी, शुगर के 2900 मरीज मिले

Mon, 24 Mar 2025 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 24 Mar 2025 12:55 AM IST
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NCD report: 4800 BP, 2900 sugar patients found
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) की पहचान के लिए एक माह से अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अभी तक हुई जांच में रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) के 4800 और शुगर (मधुमेह) के 2900 मरीज मिले हैं। वहीं, 1200 लोग बीपी और शुगर दोनों बीमारी से ग्रस्त हैं।
बड़ी संख्या में बीपी और शुगर के रोगियों का मिलना चिंता का विषय है। एनसीडी अभियान 31 मार्च तक चलेगा। अभी शुगर बीपी के रोगियों की संख्या बढ़ सकती है। शुगर और बीपी के पीड़ितों की यह रिपोर्ट अकेले एनसीडी सेल की है। जिले में 220 से ज्यादा छोटे-बड़े निजी अस्पताल हैं, जहां हर रोज बड़ी संख्या में बीपी व शुगर के मरीज पहुंच रहे हैं। अगर सभी अस्पतालों की रिपोर्ट देखी जाए तो दोनों बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी अधिक मिलेगी।
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चिकित्सकों का कहना है कि शुगर और बीपी के मरीजों की संख्या का बड़ा कारण तनाव भरी जिंदगी, मोबाइल पर ज्यादा समय बिताना, तंबाकू का सेवन और फास्ट फूड का सेवन करना है। अब लोगों का ज्यादा समय मोबाइल स्क्रीन, कंप्यूटर या लैपटॉप पर बीत रहा है। स्वस्थ रहने के लिए कसरत करना व घूमना-फिरना बेहद जरूरी है। ऐसा करने से शरीर का वजन संतुलित रहता है और एनर्जी बूस्ट होता है। इसके साथ कसरत मेंटल हेल्थ को संतुलित रखता है। नींद की गुणवत्ता बढ़ती है, अर्थात अच्छी नींद आती है। तनाव दूर होता है। तंबाकू, फास्ट फूड का सेवन बंद करना चाहिए।
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मोटापा विभिन्न बीमारियों की जड़

वर्तमान में स्कूल जाने वाले बच्चों में फास्ट फूड का सेवन बढ़ा है। इसकी वजह से उनमें मोटापा की समस्या बढ़ रही है। मोटापा विभिन्न बीमारियों की जड़ है। शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होने से मोटापा बढ़ जाता है। स्कूल में बच्चों को पोषण के बारे में बताया जाता है। उन्हें फास्ट फूड का सेवन नहीं करने की सलाह दी जाती है।

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वर्जन

एनसीडी क्लीनिक में 30 से अधिक आयु के लोगों जांच की जाती है। उनका रिकॉर्ड रखा जा रहा है। इसका उद्देश्य पूर्व बीमारी को पहचान कर उसका इलाज करना है। किसी भी केंद्र पर एनसीडी की जांच कराई जा सकती है। स्वस्थ रहने के लिए अच्छा खानपान, व्यायाम जरूरी है। -डॉ. सुभाष, डॉ. सुभाष, एनसीडी क्लीनिक।
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