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Rewari News: आजादी की लड़ाई की साक्षी रही नाहड़िया नवाब की हवेली उपेक्षा की शिकार
Tue, 10 Jun 2025 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 10 Jun 2025 11:49 PM IST
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फोटो : 15नाहड़िया नवाब की हवेली। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। सामाजिक संगठन जागृति मंच नाहड़ ने हरियाणा सरकार के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा को ऐतिहासिक नाहड़िया नवाब की हवेली के संरक्षण की मांग की है।
सामाजिक संगठन जागृति मंच के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश ने बताया कि रोहतक लोकसभा क्षेत्र और कोसली विधानसभा क्षेत्र के खंड मुख्यालय नाहड़ में प्राचीन नाहड़िया नवाब की हवेली लंबे अरसे से उपेक्षा की शिकार है।
यह हवेली अंग्रेजी शासनकाल में आजादी के लिए इलाके में चलाई गए आंदोलनों की मूक साक्षी रही है। गुलामी के दौर में जहां यह हवेली दुजाना नवाब के विश्राम गृह के तौर पर इस्तेमाल होती थी। वहीं आजादी के बाद इसका इस्तेमाल शिक्षण संस्थान, उप तहसील, पटवार घर, सरकारी विश्रामगृह के रूप में समय समय पर होता रहा।
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मंच के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश नाहड़ ने बताया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा इतिहास व संस्कृति की समझ रखने वाले बुद्धिजीवियों का आग्रह है कि इस ऐतिहासिक प्राचीन धरोहर का संरक्षण एवं संवर्धन करवाकर, इसे पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए।
इससे पहले जयभगवान शर्मा ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री, लोकनिर्माण मंत्री व स्थानीय विधायक से मांग की थी।
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कोसली। सामाजिक संगठन जागृति मंच नाहड़ ने हरियाणा सरकार के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा को ऐतिहासिक नाहड़िया नवाब की हवेली के संरक्षण की मांग की है।
सामाजिक संगठन जागृति मंच के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश ने बताया कि रोहतक लोकसभा क्षेत्र और कोसली विधानसभा क्षेत्र के खंड मुख्यालय नाहड़ में प्राचीन नाहड़िया नवाब की हवेली लंबे अरसे से उपेक्षा की शिकार है।
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यह हवेली अंग्रेजी शासनकाल में आजादी के लिए इलाके में चलाई गए आंदोलनों की मूक साक्षी रही है। गुलामी के दौर में जहां यह हवेली दुजाना नवाब के विश्राम गृह के तौर पर इस्तेमाल होती थी। वहीं आजादी के बाद इसका इस्तेमाल शिक्षण संस्थान, उप तहसील, पटवार घर, सरकारी विश्रामगृह के रूप में समय समय पर होता रहा।
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मंच के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश नाहड़ ने बताया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा इतिहास व संस्कृति की समझ रखने वाले बुद्धिजीवियों का आग्रह है कि इस ऐतिहासिक प्राचीन धरोहर का संरक्षण एवं संवर्धन करवाकर, इसे पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए।
इससे पहले जयभगवान शर्मा ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री, लोकनिर्माण मंत्री व स्थानीय विधायक से मांग की थी।