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Rewari News: शहर के 31 वार्डों में मैनहोल की होगी सफाई और मरम्मत, टेंडर जारी
Sun, 20 Jul 2025 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 20 Jul 2025 12:35 AM IST
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फोटो : 1कालाका मार्ग पर सीवर की सफाई करते कर्मचारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर में वार्ड नंबर 1 से वार्ड 31 तक मैनहोल की सफाई और मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने वार्ड नंबर 1 से लेकर 15 तक की सफाई के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इन वार्डों में मैनहोल की सफाई पर 8.96 लाख रुपये खर्च होंगे। वार्ड नंबर 16 से लेकर 23 तक के टेंडर जल्द जारी होने की संभावना है। इस पर करीब 8 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।
वार्ड नंबर 24 से लेकर 31 तक सफाई का कार्य जल्द शुरू होगा। वहीं, बावल रोड से तुर्कीयावास रोड तक मैनहोल की सफाई का कार्य शुरू किया जाएगा। इसकी सफाई पर करीब 4 लाख 71 रुपए खर्च होंगे। फिलहाल इसका टेंडर हो चुका है। इस दौरान सीवर की मरम्मत का कार्य होगा। सीवर के मैनहोल पर ढक्कन लगाए जाएंगे।
शहर में जलभराव को कम करने के लिए सीवर की सफाई काफी मायने रखती है। अगर सीवर की सफाई उचित ढंग से होगी तो जलभराव से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है। नगर परिषद की तरफ से नालों की सफाई करवाई जाती है। सीवर की सफाई का कार्य जनस्वास्थ्य के अंतर्गत आती है।
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पिछले दिनों नाई वाली चौक के पास जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने सीवर लाइन की सफाई करने के दौरान उसमें से कार के टायर निकाले थे। यहां पर कई दिनों से जलनिकासी नहीं हो रही जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी होती थी।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पॉलीथिन, जूट के बैग, बोतलें, गाय का गोबर आदि सीवर लाइन के जाम होने का मुख्य कारण है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि वे सीवर लाइन से जुड़ी सभी नालियों पर जालियां लगाएं ताकि जाम कम हो और शहर में सीवरेज व्यवस्था सुचारू रूप से चले।
थोड़ी बारिश में ही शहर होती जाता है जलभराव
मौजूदा स्थिति इस प्रकार की है कि जब भी बारिश होती है तो शहर में काफी जलभराव हो जाता है। सीवर की सफाई तो ठीक ढंग से अब हो रही है, मगर उससे बहुत ज्यादा कामयाबी नहीं मिल पा रही है। बारिश होते ही नाले भर जाते हैं, सीवर साफ न होने की वजह से पानी और ज्यादा खड़ा हो जाता है। पानी कई दिनों तक तो जमा ही रहता है। सीवर की सफाई होती है तो उम्मीद है कि जलभराव से कुछ हद तक छुटकारा मिले।
वर्जन:
पहले शहर के वार्ड नंबर 1 से लेकर 23 तक के मैनहोल की सफाई करवाई जाएगी। अभी जन स्वास्थ्य विभाग ने वार्ड नंबर 1 से लेकर 15 तक की सफाई के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इन वार्डों की सफाई में करीब 8.96 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी। वार्ड नंबर 16 से लेकर 23 तक के टेंडर भी जल्द जारी होगा। इस पर करीब 7 से 8 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।-- नवीन, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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रेवाड़ी। शहर में वार्ड नंबर 1 से वार्ड 31 तक मैनहोल की सफाई और मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने वार्ड नंबर 1 से लेकर 15 तक की सफाई के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इन वार्डों में मैनहोल की सफाई पर 8.96 लाख रुपये खर्च होंगे। वार्ड नंबर 16 से लेकर 23 तक के टेंडर जल्द जारी होने की संभावना है। इस पर करीब 8 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।
वार्ड नंबर 24 से लेकर 31 तक सफाई का कार्य जल्द शुरू होगा। वहीं, बावल रोड से तुर्कीयावास रोड तक मैनहोल की सफाई का कार्य शुरू किया जाएगा। इसकी सफाई पर करीब 4 लाख 71 रुपए खर्च होंगे। फिलहाल इसका टेंडर हो चुका है। इस दौरान सीवर की मरम्मत का कार्य होगा। सीवर के मैनहोल पर ढक्कन लगाए जाएंगे।
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शहर में जलभराव को कम करने के लिए सीवर की सफाई काफी मायने रखती है। अगर सीवर की सफाई उचित ढंग से होगी तो जलभराव से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है। नगर परिषद की तरफ से नालों की सफाई करवाई जाती है। सीवर की सफाई का कार्य जनस्वास्थ्य के अंतर्गत आती है।
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पिछले दिनों नाई वाली चौक के पास जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने सीवर लाइन की सफाई करने के दौरान उसमें से कार के टायर निकाले थे। यहां पर कई दिनों से जलनिकासी नहीं हो रही जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी होती थी।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पॉलीथिन, जूट के बैग, बोतलें, गाय का गोबर आदि सीवर लाइन के जाम होने का मुख्य कारण है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि वे सीवर लाइन से जुड़ी सभी नालियों पर जालियां लगाएं ताकि जाम कम हो और शहर में सीवरेज व्यवस्था सुचारू रूप से चले।
थोड़ी बारिश में ही शहर होती जाता है जलभराव
मौजूदा स्थिति इस प्रकार की है कि जब भी बारिश होती है तो शहर में काफी जलभराव हो जाता है। सीवर की सफाई तो ठीक ढंग से अब हो रही है, मगर उससे बहुत ज्यादा कामयाबी नहीं मिल पा रही है। बारिश होते ही नाले भर जाते हैं, सीवर साफ न होने की वजह से पानी और ज्यादा खड़ा हो जाता है। पानी कई दिनों तक तो जमा ही रहता है। सीवर की सफाई होती है तो उम्मीद है कि जलभराव से कुछ हद तक छुटकारा मिले।
वर्जन:
पहले शहर के वार्ड नंबर 1 से लेकर 23 तक के मैनहोल की सफाई करवाई जाएगी। अभी जन स्वास्थ्य विभाग ने वार्ड नंबर 1 से लेकर 15 तक की सफाई के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इन वार्डों की सफाई में करीब 8.96 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी। वार्ड नंबर 16 से लेकर 23 तक के टेंडर भी जल्द जारी होगा। इस पर करीब 7 से 8 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।