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Rewari News: सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे जुगाड़ वाहन, नियमों की अनदेखी से बढ़ा हादसों का खतरा
Thu, 10 Sep 2026 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 10 Sep 2026 11:30 PM IST
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पुरानी बाइक में जुगाड़ से लगाई रेडी
धारूहेड़ा। शहर की गलियों से गांवों तक पुरानी मोटरसाइकिलों को जुगाड़ के जरिए माल ढोने वाले वाहनों में बदलकर इस्तेमाल करने का चलन बढ़ा है। मोटरसाइकिल के पीछे लकड़ी या लोहे की रेहड़ी जोड़कर कबाड़, सामान और अन्य सामग्री ढोई जा रही है। ऐसे वाहनों पर नंबर प्लेट, पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और वैध दस्तावेजों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
धारूहेड़ा क्षेत्र के गांव से कबाड़ एकत्रित करने वाली ऐसी ही जुगाड़ मोटरसाइकिल की सामने आई तस्वीर में भी एक पुरानी मोटरसाइकिल के पीछे दो पहियों वाली बड़ी रेहड़ी जोड़कर उसे सामान ढोने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। वाहन की हालत भी काफी जर्जर दिखाई दे रही है। ऐसे वाहनों को सड़क पर चलाने की वैधता और उनकी फिटनेस की जांच जरूरी है।
नियमों के अनुसार किसी दोपहिया वाहन में इस तरह का बदलाव कर उसे माल ढोने वाले वाहन के रूप में इस्तेमाल करना केवल जुगाड़ के आधार पर उचित नहीं माना जा सकता। वाहन के निर्माण में बदलाव, अतिरिक्त ढांचा लगाने और उसके व्यावसायिक इस्तेमाल से पहले संबंधित परिवहन नियमों के तहत अनुमति, पंजीकरण और फिटनेस जैसी आवश्यकताओं की जांच जरूरी होती है।
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जांच नहीं होने से बढ़ रहा खतरा
ऐसे वाहनों में कई बार क्षमता से अधिक सामान लादने, बिना उचित लाइट-सिग्नल के चलने और सड़क पर अचानक रुकने जैसी स्थितियां सामने आती हैं। संकरी गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक इनके इस्तेमाल से हादसे का खतरा भी बना रहता है। यदि वाहन का पंजीकरण समाप्त है या जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं तो मामला और गंभीर हो जाता है।
प्रशासन करे अभियान चलाकर जांच
लोगों का कहना है कि कबाड़ उठाने और छोटे स्तर पर सामान ढोने के लिए इस तरह के वाहनों का इस्तेमाल लगातार दिखाई देता है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को ऐसे संशोधित वाहनों की विशेष जांच करनी चाहिए। जांच के दौरान वाहन का पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फिटनेस, चालक का लाइसेंस और वाहन में किए गए तकनीकी बदलावों की वैधता की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। सवाल यह है कि जब सामान्य वाहन चालकों के दस्तावेज और ट्रैफिक नियमों की जांच होती है तो सड़क पर खुलेआम दौड़ रहे ऐसे जुगाड़ वाहनों की नियमित जांच क्यों नहीं होती? संबंधित विभाग की कार्रवाई से न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी।
वर्जन:
सड़क पर नियमों के विपरीत बनाए वाहनों के संचालन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी वाहन में अनधिकृत तरीके से बदलाव कर उसका इस्तेमाल माल ढोने के लिए किया जा रहा है तो इसकी जांच की जाएगी। वाहन के पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी जांच होगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -सुरेश कुमार, प्रभारी, धारूहेड़ा ट्रैफिक पुलिस
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धारूहेड़ा क्षेत्र के गांव से कबाड़ एकत्रित करने वाली ऐसी ही जुगाड़ मोटरसाइकिल की सामने आई तस्वीर में भी एक पुरानी मोटरसाइकिल के पीछे दो पहियों वाली बड़ी रेहड़ी जोड़कर उसे सामान ढोने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। वाहन की हालत भी काफी जर्जर दिखाई दे रही है। ऐसे वाहनों को सड़क पर चलाने की वैधता और उनकी फिटनेस की जांच जरूरी है।
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नियमों के अनुसार किसी दोपहिया वाहन में इस तरह का बदलाव कर उसे माल ढोने वाले वाहन के रूप में इस्तेमाल करना केवल जुगाड़ के आधार पर उचित नहीं माना जा सकता। वाहन के निर्माण में बदलाव, अतिरिक्त ढांचा लगाने और उसके व्यावसायिक इस्तेमाल से पहले संबंधित परिवहन नियमों के तहत अनुमति, पंजीकरण और फिटनेस जैसी आवश्यकताओं की जांच जरूरी होती है।
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जांच नहीं होने से बढ़ रहा खतरा
ऐसे वाहनों में कई बार क्षमता से अधिक सामान लादने, बिना उचित लाइट-सिग्नल के चलने और सड़क पर अचानक रुकने जैसी स्थितियां सामने आती हैं। संकरी गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक इनके इस्तेमाल से हादसे का खतरा भी बना रहता है। यदि वाहन का पंजीकरण समाप्त है या जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं तो मामला और गंभीर हो जाता है।
प्रशासन करे अभियान चलाकर जांच
लोगों का कहना है कि कबाड़ उठाने और छोटे स्तर पर सामान ढोने के लिए इस तरह के वाहनों का इस्तेमाल लगातार दिखाई देता है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को ऐसे संशोधित वाहनों की विशेष जांच करनी चाहिए। जांच के दौरान वाहन का पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फिटनेस, चालक का लाइसेंस और वाहन में किए गए तकनीकी बदलावों की वैधता की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। सवाल यह है कि जब सामान्य वाहन चालकों के दस्तावेज और ट्रैफिक नियमों की जांच होती है तो सड़क पर खुलेआम दौड़ रहे ऐसे जुगाड़ वाहनों की नियमित जांच क्यों नहीं होती? संबंधित विभाग की कार्रवाई से न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी।
वर्जन:
सड़क पर नियमों के विपरीत बनाए वाहनों के संचालन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी वाहन में अनधिकृत तरीके से बदलाव कर उसका इस्तेमाल माल ढोने के लिए किया जा रहा है तो इसकी जांच की जाएगी। वाहन के पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी जांच होगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -सुरेश कुमार, प्रभारी, धारूहेड़ा ट्रैफिक पुलिस