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अवैध कॉलोनी पर चला पीजा पंजा
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Wed, 30 Dec 2015 12:16 AM IST
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जिला योजनाकार टीम ने पुलिस बल व ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रघुबीर सिंह की मौजूदगी में सनसिटी कॉलोनी के सामने नया गांव की पांच एकड़ जमीन पर बन रही अवैध कॉलोनी पर जेसीबी चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया।
एक घंटे तक चली कार्रवाई में डीटीपी विभाग ने एक मकान को ध्वस्त करने के साथ 15 डीपीसी व चार चारदीवारी को तोड़ा। वहीं दूसरी ओर लोगों का कहना है कि नए गांव के जिन चार भाइयों ने यह जमीन कॉलोनाइजर को बेची थी, उन्होंने समय पर रजिस्ट्री नहीं कराई।
कोलोनाइजर ने भी बिना रजिस्ट्री के ही लोगों को बयाने पर प्लॉटों को बेच दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जमीन मालिक ने कॉलोनाइजर का मामला कोर्ट में चल रहा है।
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वहीं शहरवासियों का आरोप है जब कोलोनाइजर द्वारा अवैध कॉलोनी मेें प्लॉट काटे जा रहे होते हैं तो डीटीपी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। वहीं जब गरीब लोग प्लॉट खरीद लेते हैं तो विभाग की ओर से कॉलोनियों पर पीला पंजा चला दिया जाता है।
यह था पूरा मामला
जानकारी के अनुसार अक्तूबर-2014 में नया गांव निवासी ने अपनी पांच एकड़ जमीन एक कालोनाइजर को बयाने पर बेच दी थी। मई में तय समय पर कोलोनाइजर की ओर से रजिस्ट्री नहीं कराई गई। इसके बाद जून से जमीन मालिक व कॉलोनाइजर का कोर्ट में केस चल रहा है।
वहीं डीटीपी विभाग की ओर से जुलाई में लमीन मालिक व कॉलोनाइजर को अवैध कॉलोनी बनाने पर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन किसी भी पक्ष द्वारा नोटिस का जवाब नहीं दिया गया था। इसी कड़ी में मंगलवार को डीटीपी विभाग की ओर से कार्रवाई की गई। इस दौरान अमित मंधोलिया, सूबेसिंह व अनिल कुमार, जेई विराज मलिक के साथ सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हितेंद्र कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट रघुबीर सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात था।
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वर्जन
अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों को जुलाई में नोटिस भेजा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी के चलते आज कार्रवाई की गई है। इस मामले में जल्द ही एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
-नरेश कुमार, डीटीपी, रेवाड़ी।
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एक घंटे तक चली कार्रवाई में डीटीपी विभाग ने एक मकान को ध्वस्त करने के साथ 15 डीपीसी व चार चारदीवारी को तोड़ा। वहीं दूसरी ओर लोगों का कहना है कि नए गांव के जिन चार भाइयों ने यह जमीन कॉलोनाइजर को बेची थी, उन्होंने समय पर रजिस्ट्री नहीं कराई।
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कोलोनाइजर ने भी बिना रजिस्ट्री के ही लोगों को बयाने पर प्लॉटों को बेच दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जमीन मालिक ने कॉलोनाइजर का मामला कोर्ट में चल रहा है।
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वहीं शहरवासियों का आरोप है जब कोलोनाइजर द्वारा अवैध कॉलोनी मेें प्लॉट काटे जा रहे होते हैं तो डीटीपी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। वहीं जब गरीब लोग प्लॉट खरीद लेते हैं तो विभाग की ओर से कॉलोनियों पर पीला पंजा चला दिया जाता है।
यह था पूरा मामला
जानकारी के अनुसार अक्तूबर-2014 में नया गांव निवासी ने अपनी पांच एकड़ जमीन एक कालोनाइजर को बयाने पर बेच दी थी। मई में तय समय पर कोलोनाइजर की ओर से रजिस्ट्री नहीं कराई गई। इसके बाद जून से जमीन मालिक व कॉलोनाइजर का कोर्ट में केस चल रहा है।
वहीं डीटीपी विभाग की ओर से जुलाई में लमीन मालिक व कॉलोनाइजर को अवैध कॉलोनी बनाने पर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन किसी भी पक्ष द्वारा नोटिस का जवाब नहीं दिया गया था। इसी कड़ी में मंगलवार को डीटीपी विभाग की ओर से कार्रवाई की गई। इस दौरान अमित मंधोलिया, सूबेसिंह व अनिल कुमार, जेई विराज मलिक के साथ सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हितेंद्र कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट रघुबीर सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात था।
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वर्जन
अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों को जुलाई में नोटिस भेजा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी के चलते आज कार्रवाई की गई है। इस मामले में जल्द ही एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
-नरेश कुमार, डीटीपी, रेवाड़ी।