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Rewari News: एक फेज ठीक करने में लगे 8 घंटे
Thu, 09 May 2024 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 09 May 2024 12:29 AM IST
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रेवाड़ी। वह ट्रांसफार्मर जहां पर आई थी खराबी। संवाद
बावल। मोहल्ला होली चौटा में एक फेज को जोड़ने में आठ घंटे लगाने पर बिजली निगम के कर्मचारियों पर लोगों ने गुस्सा जाहिर किया। सुबह साढ़े पांच बजे से लगभग पचास से अधिक घरों के लोग तेज गर्मी के कारण इधर-उधर घूमते रहे। इनवर्टर भी जवाब दे चुके थे। मवेशियों को पानी तक पिलाने के लिए भी परेशानी हो रही थी।
मनोज, दीपक, सुनीता आदि ने बताया कि मोहल्ला होली चौटा में सुबह साढ़े पांच बजे से बिजली नहीं आ रही थी। जबकि उसी ट्रांसफार्मर से पड़ोस में बिजली आपूर्ति की जा रही थी। जब इसकी शिकायत की गई तो दस मिनट में समस्या दूर करने का आश्वासन दिया गया। एक घंटे बाद भी जब सप्लाई नहीं चालू हुई तो सोनू ने फिर फोन करके शिकायत दर्ज कराई। फिर दस मिनट में ठीक करने का जवाब मिला।
दर्जनों बार फोन करने पर निगम के कर्मचारी फेस ठीक करने नहीं पहुंचे तो महिलाओं ने सड़क पर नारेबाजी शुरू कर दी। जब मामले की भनक विभाग के अधिकारियों को लगी तो उन्होंने आनन-फानन लाइट ठीक कराने को लेकर कर्मचारियों को भेजा। सुनीता ने बताया की शहर में एक फेज ठीक करने में 8 घंटे हो गए।
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बुजुर्ग रतिराम ने बताया की पुराने जमाने में लाइट नहीं थी तो पेड़ों की छांव में दिन गुजार लेते थे। आजकल पेड़ ही नहीं बचे हैं। एकमात्र गर्मी से बचने का बिजली ही सहारा है। सुबह से दोपहर इधर-उधर घूम कर समय काटा।
वर्जन
जैसे ही बिजली बाधित होने की सूचना मिली, कर्मचारियों को भेज दिया गया था। फिलहाल व्यवस्था दुरुस्त करा दिया गया है।-लियाकत अली, एसडीओ, बिजली निगम
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मनोज, दीपक, सुनीता आदि ने बताया कि मोहल्ला होली चौटा में सुबह साढ़े पांच बजे से बिजली नहीं आ रही थी। जबकि उसी ट्रांसफार्मर से पड़ोस में बिजली आपूर्ति की जा रही थी। जब इसकी शिकायत की गई तो दस मिनट में समस्या दूर करने का आश्वासन दिया गया। एक घंटे बाद भी जब सप्लाई नहीं चालू हुई तो सोनू ने फिर फोन करके शिकायत दर्ज कराई। फिर दस मिनट में ठीक करने का जवाब मिला।
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दर्जनों बार फोन करने पर निगम के कर्मचारी फेस ठीक करने नहीं पहुंचे तो महिलाओं ने सड़क पर नारेबाजी शुरू कर दी। जब मामले की भनक विभाग के अधिकारियों को लगी तो उन्होंने आनन-फानन लाइट ठीक कराने को लेकर कर्मचारियों को भेजा। सुनीता ने बताया की शहर में एक फेज ठीक करने में 8 घंटे हो गए।
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बुजुर्ग रतिराम ने बताया की पुराने जमाने में लाइट नहीं थी तो पेड़ों की छांव में दिन गुजार लेते थे। आजकल पेड़ ही नहीं बचे हैं। एकमात्र गर्मी से बचने का बिजली ही सहारा है। सुबह से दोपहर इधर-उधर घूम कर समय काटा।
वर्जन
जैसे ही बिजली बाधित होने की सूचना मिली, कर्मचारियों को भेज दिया गया था। फिलहाल व्यवस्था दुरुस्त करा दिया गया है।-लियाकत अली, एसडीओ, बिजली निगम