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Rewari News: 20 तक बाजरा खरीद शुरू नहीं हुई तो 21 सितंबर को मंडी गेट पर ताला लगाएंगे किसान
Sat, 12 Sep 2026 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:14 AM IST
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रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला एससी सेल के प्रधान राजकुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को किसान नेताओं ने सीटीएम जितेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान चेतावनी दी गई कि एमएसपी पर 20 सितंबर तक बाजरे की खरीद शुरू नहीं हुई तो 21 सितंबर को मंडी के गेट पर ताला लगाया जाएगा।
जिला प्रधान समय सिंह ने बताया कि रेवाड़ी अनाज मंडी में बाजरा आना शुरू हो गया है। निजी व्यापारी किसानों से बाजरा 2 हजार से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीद रहे हैं, जबकि बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपये प्रति क्विंटल है।
समय सिंह ने कहा कि सरकार सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद करने का दावा करती है, लेकिन बाजरा उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि किसान इस बार भावांतर योजना स्वीकार नहीं करेंगे।
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सरकार को ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि 20 सितंबर तक बाजरा की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई तो 21 सितंबर को अनाज मंडी के गेट पर ताला लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह महज ज्ञापन नहीं बल्कि सरकार के लिए चेतावनी है। किसान अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी बाजरा की फसल औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को न बेचें। यूनियन किसानों की बाजरा फसल एमएसपी पर बिकवाने के लिए संघर्ष करेगी। इस मौके पर ओपी लोहाना, सत्यवीर, रामजस पुंसिका, मोनिका यादव, रीना, वेद सुल्तानिया सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे।
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जिला प्रधान समय सिंह ने बताया कि रेवाड़ी अनाज मंडी में बाजरा आना शुरू हो गया है। निजी व्यापारी किसानों से बाजरा 2 हजार से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीद रहे हैं, जबकि बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपये प्रति क्विंटल है।
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समय सिंह ने कहा कि सरकार सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद करने का दावा करती है, लेकिन बाजरा उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि किसान इस बार भावांतर योजना स्वीकार नहीं करेंगे।
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सरकार को ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि 20 सितंबर तक बाजरा की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई तो 21 सितंबर को अनाज मंडी के गेट पर ताला लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह महज ज्ञापन नहीं बल्कि सरकार के लिए चेतावनी है। किसान अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी बाजरा की फसल औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को न बेचें। यूनियन किसानों की बाजरा फसल एमएसपी पर बिकवाने के लिए संघर्ष करेगी। इस मौके पर ओपी लोहाना, सत्यवीर, रामजस पुंसिका, मोनिका यादव, रीना, वेद सुल्तानिया सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे।