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रेल आंदोलन में किसानों पर दर्ज मामले वापस नहीं हुए तो फिर करेंगे आंदोलन : चढूनी

Wed, 06 Apr 2022 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2022 12:09 AM IST
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If the cases registered against the farmers are not returned in the rail agitation, then they will agitate again: Chadhuni
रेवाड़ी। रेल आंदोलन में किसानों पर दर्ज मामले वापस नहीं हुए तो फिर भारतीय किसान यूनियन आंदोलन करेगी। सरकार में हिम्मत है तो किसानों को गिरफ्तार करके दिखाये। उक्त बातें राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी ने कहीं हैं। वे यहां पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। पंजाब में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की हार पर होने कहा कि अगर दिल्ली में एसकेएम पंजाब में विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर देता तो जितनी सीटें पंजाब में आम आदमी पार्टी को मिली, उससे अधिक किसानों को मिलती।
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इससे पहले अनाज मंडी स्थित किसान भवन में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी ने पहुंचकर स्थानीय किसान नेताओं की एक बैठक को भी संबोधित किया। इस बैठक में किसान विकास संगठन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह श्योराज माजरा, हरिसिंह मुलोदिया, प्रो. अनिरुद्ध यादव, अनाज मंडी व्यापार मंडल के प्रधान राधेश्याम मित्तल, लक्ष्मीबाई लिसाना, ईश्वर सिंह महलावत, डा रोहतास रोझुवास, सवाचंद नंबरदार, भूपेंद्र सिंह राठी, टोल प्लाजा प्रधान टाइगर जोगिंदर सिंह, जगदीश गुर्जर, धर्मवीर गामडिया, राकेश ढोकिया, चुन्नीलाल पूर्व सरपंच, दीपचंद फौजी, मुन्नी देवी बूढ़पुर आदि उपस्थित रहे।
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पत्रकारों से बात करते हुए चढूनी ने हरियाणा से जुड़े सतलुज यमुना लिंक नहर और राजधानी चंड़ीगढ़ के मुद्दों को उन्होंने हरियाणा और पंजाब को आपस में लड़ाने वाले मुद्दे बताया।
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उन्होंने कहा कि पंजाब में किसान ही किसान को आगे बढ़ता हुआ नहीं देख सकता, इसलिए हम हार गए। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, सीएनजी के दाम बढ़ने के मामले में उन्होंने कहा कि ऐसा होने से आम व्यक्ति के जीवन और जेब पर असर पड़ेगा। केंद्र की ओर से कमेटी गठन के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने इसलिए नाम नहीं दिए क्योंकि सरकार ने यह नहीं बताया कि किसानों की इसमें क्या भूमिका होगी ? अहम बात यह है कि हरियाणा के किसानों को साथ लेकर किसान आंदोलन में कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने वाले चढूनी हरियाणा से जुड़े हुए राजधानी चंड़ीगढ़, एसवाईएल नहर के मामलों पर गोल - मोल जवाब देकर स्थानीय किसान नेताओं को नया संदेश दे गए हैं।

उन्होंने सरकार से गेहूं फसल के एमएसपी पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग की। उन्होंने नए संगठन पदाधिकारियों को सदस्यता प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। बैठक में उक्त संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल, महिला जिला प्रधान रोहतक संगठन की मोनिका, जिला प्रधान समय सिंह ने स्थानीय किसान नेताओं की आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की तारीफ करते हुए संगठन को अधिक मजबूत करने की बात कही। जिलाध्यक्ष समय सिंह ने सभी का आभार जताया।
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