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Rewari News: कैसे लगेगी नशे पर रोक, 365 में से 18 पंचायतों ने शराब ठेके बंद करवाने का प्रस्ताव भेजा
Wed, 26 Apr 2023 11:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 26 Apr 2023 11:46 PM IST
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नेहरूगढ़ में आयोजित ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीण।
प्रीतम सिंह
रेवाड़ी। जिले की 365 ग्राम पंचायतों में से मात्र 18 ग्राम पंचायतों ने ही गांव को नशा मुक्त करवाने का अभियान शुरू किया है। इसके लिए शुरुआती चरण में गांवों में चलाए जा रहे शराब के ठेकों को बंद कराने का बेड़ा उठाया है। ठेकों को बंद कराने के लिए पंचायतों की ओर से आबकारी एवं कराधान विभाग को प्रस्ताव भेजे गए हैं। वहीं आबकारी विभाग ने इस प्रस्तावों को स्वीकृति के लिए पंचकूला निदेशालय भेज दिया है।
जिले की 365 ग्राम पंचायतों में से 105 में अभी शराब के ठेके खुले हुए हैं। जिन 18 ग्राम पंचायतों ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया है यह अन्य पंचायतों के लिए भी मिशाल बन गए हैं। सरपंचों ने कहा कि गांवों में शराब आसानी से मिलने के कारण शराबियों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में शराब की दुकानों को ही बंद कराने का निर्णय लिया है। हालांकि कुछ ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव देरी से दिए थे, जिन्हें स्वीकृति मिलने पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
जनवरी माह में देने थेे नशाबंदी के प्रस्ताव
ग्राम पंचायतों को अपने गांवों में संचालित शराब के ठेकों को हटवाने के लिए जनवरी माह में ग्राम सभा में प्रस्ताव पास कर बीडीपीओ के माध्यम से आबकारी विभाग को भेजना होता है। इसके बाद आबकारी विभाग की ओर से स्वीकृति के लिए पंचकूला स्थित निदेशालय को भेजा जाता है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित गांव में से शराब का ठेका हटवा दिया जाता है।
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105 गांवों में खुले हैं शराब के ठेके
जिले की 365 ग्राम पंचायतों में से 105 ग्राम पंचायतों में शराब के ठेके खुले हुए हैं। गांवों में शराब के ठेके खोलने पर ग्राम पंचायतों को प्रस्ताव कर आबकारी विभाग को भेजना होता है। उसके बाद ही विभाग संबंधित गांव में शराब का ठेका खोलने की स्वीकृति देता है।
गांवों में बढ़ रहा नशा
गांवों में जगह-जगह शराब के ठेके खुलने के बाद बाद नशा की प्रवृति ज्यादा बढ़ गई है। गांवों में बुजुर्गों से लेकर नाबालिग भी शराब पीने लगे हैं। हालांकि समय-समय पर विभागों की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। उसके बाद भी नशा पर लगाम नहीं कसी जा रही है।
इन ग्राम पंचायतों ने दिए प्रस्ताव
जखाला, जाहिदपुर, भुरथला, जलालपुर, राजगढ़, गुलाबपुरा, ढाणी जरावता, बोहका, ऊंचा, बास बटोड़ी, कमालपुर, खटावली,ढाणी सुंदरोज, गोलियाकी, आराम नगर(कनूका), बालियर, नैनसुखपुरा व मसीत ग्राम पंचायतों ने ठेके बंद करवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है।
गांवों में शराब के ठेके बंद कराने के लिए ग्राम पंचायतों की ओर से जनवरी माह में प्रस्ताव दिए जाने थे। उनके पास 18 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव आए है, जिनमें से कुछ पंचायतों के प्रस्ताव निर्धारित समय के बाद आए हैं। वैसे हमने सभी प्रस्तावों को पंचकूला भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित गांव से शराब ठेका हटवा दिया जाएगा।
-प्रियंका यादव, जिला आबकारी अधिकारी, रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। जिले की 365 ग्राम पंचायतों में से मात्र 18 ग्राम पंचायतों ने ही गांव को नशा मुक्त करवाने का अभियान शुरू किया है। इसके लिए शुरुआती चरण में गांवों में चलाए जा रहे शराब के ठेकों को बंद कराने का बेड़ा उठाया है। ठेकों को बंद कराने के लिए पंचायतों की ओर से आबकारी एवं कराधान विभाग को प्रस्ताव भेजे गए हैं। वहीं आबकारी विभाग ने इस प्रस्तावों को स्वीकृति के लिए पंचकूला निदेशालय भेज दिया है।
जिले की 365 ग्राम पंचायतों में से 105 में अभी शराब के ठेके खुले हुए हैं। जिन 18 ग्राम पंचायतों ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया है यह अन्य पंचायतों के लिए भी मिशाल बन गए हैं। सरपंचों ने कहा कि गांवों में शराब आसानी से मिलने के कारण शराबियों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में शराब की दुकानों को ही बंद कराने का निर्णय लिया है। हालांकि कुछ ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव देरी से दिए थे, जिन्हें स्वीकृति मिलने पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
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जनवरी माह में देने थेे नशाबंदी के प्रस्ताव
ग्राम पंचायतों को अपने गांवों में संचालित शराब के ठेकों को हटवाने के लिए जनवरी माह में ग्राम सभा में प्रस्ताव पास कर बीडीपीओ के माध्यम से आबकारी विभाग को भेजना होता है। इसके बाद आबकारी विभाग की ओर से स्वीकृति के लिए पंचकूला स्थित निदेशालय को भेजा जाता है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित गांव में से शराब का ठेका हटवा दिया जाता है।
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105 गांवों में खुले हैं शराब के ठेके
जिले की 365 ग्राम पंचायतों में से 105 ग्राम पंचायतों में शराब के ठेके खुले हुए हैं। गांवों में शराब के ठेके खोलने पर ग्राम पंचायतों को प्रस्ताव कर आबकारी विभाग को भेजना होता है। उसके बाद ही विभाग संबंधित गांव में शराब का ठेका खोलने की स्वीकृति देता है।
गांवों में बढ़ रहा नशा
गांवों में जगह-जगह शराब के ठेके खुलने के बाद बाद नशा की प्रवृति ज्यादा बढ़ गई है। गांवों में बुजुर्गों से लेकर नाबालिग भी शराब पीने लगे हैं। हालांकि समय-समय पर विभागों की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। उसके बाद भी नशा पर लगाम नहीं कसी जा रही है।
इन ग्राम पंचायतों ने दिए प्रस्ताव
जखाला, जाहिदपुर, भुरथला, जलालपुर, राजगढ़, गुलाबपुरा, ढाणी जरावता, बोहका, ऊंचा, बास बटोड़ी, कमालपुर, खटावली,ढाणी सुंदरोज, गोलियाकी, आराम नगर(कनूका), बालियर, नैनसुखपुरा व मसीत ग्राम पंचायतों ने ठेके बंद करवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है।
गांवों में शराब के ठेके बंद कराने के लिए ग्राम पंचायतों की ओर से जनवरी माह में प्रस्ताव दिए जाने थे। उनके पास 18 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव आए है, जिनमें से कुछ पंचायतों के प्रस्ताव निर्धारित समय के बाद आए हैं। वैसे हमने सभी प्रस्तावों को पंचकूला भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित गांव से शराब ठेका हटवा दिया जाएगा।
-प्रियंका यादव, जिला आबकारी अधिकारी, रेवाड़ी।