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Rewari News: सीएचसी नाहड़ में ओटी शुरू होने की उम्मीद बढ़ी, सैंपल भेजे
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सीएचसी नाहड़
कोसली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नाहड़ में अब ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की सुविधा मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग ने ओटी को शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है और इसके लिए आवश्यक जांच कार्य पूरे कर लिए गए हैं। जैसे ही सरकारी अस्पताल रेवाड़ी की माइक्रोबायोलॉजी लैब से रिपोर्ट मिल जाएगी, सीएचसी नाहड़ में ओटी का संचालन औपचारिक रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है। किसी भी छोटे या सामान्य ऑपरेशन के लिए मरीजों को कई किलोमीटर दूर शहर के अस्पतालों तक जाना पड़ता है जिससे समय, धन और संसाधनों की बर्बादी होती है। कई बार गंभीर स्थिति में मरीजों की जान पर भी बन आती है।
सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया
सीएचसी नाहड़ के एसएमओ डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के लोगों को अब छोटे-बड़े ऑपरेशनों के लिए रेवाड़ी या अन्य दूरदराज के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी टीम ने हाल ही में सीएचसी नाहड़ का दौरा किया और ऑपरेशन थिएटर के इंफेक्शन कंट्रोल की जांच की। इस दौरान आवश्यक सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया। जैसे ही जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, ओटी शुरू करने की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
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62 गांव इस अस्पताल पर निर्भर
सीएचसी नाहड़ के अंतर्गत पांच पीएचसी नाहड़, लिलौठ, बव्वा, फतेहपुर आती है। इन पांच पीएचसी के साथ-साथ कुल 62 गांव इस अस्पताल पर निर्भर हैं। क्षेत्र की हजारों की आबादी को ओटी सुविधा शुरू होने से सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल लंबे समय से की जा रही मांग को पूरा करती है। अब साधारण ऑपरेशनों जैसे अपेंडिक्स, पित्ताशय, हर्निया, प्रसव आदि के मामलों में मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही इलाज मिल सकेगा। वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से न केवल मरीजों का बोझ कम होगा बल्कि शहरों के बड़े अस्पतालों पर भी दबाव घटेगा। साथ ही गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक रूप से भी बड़ी राहत मिलेगी।
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ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है। किसी भी छोटे या सामान्य ऑपरेशन के लिए मरीजों को कई किलोमीटर दूर शहर के अस्पतालों तक जाना पड़ता है जिससे समय, धन और संसाधनों की बर्बादी होती है। कई बार गंभीर स्थिति में मरीजों की जान पर भी बन आती है।
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सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया
सीएचसी नाहड़ के एसएमओ डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के लोगों को अब छोटे-बड़े ऑपरेशनों के लिए रेवाड़ी या अन्य दूरदराज के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी टीम ने हाल ही में सीएचसी नाहड़ का दौरा किया और ऑपरेशन थिएटर के इंफेक्शन कंट्रोल की जांच की। इस दौरान आवश्यक सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया। जैसे ही जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, ओटी शुरू करने की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
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62 गांव इस अस्पताल पर निर्भर
सीएचसी नाहड़ के अंतर्गत पांच पीएचसी नाहड़, लिलौठ, बव्वा, फतेहपुर आती है। इन पांच पीएचसी के साथ-साथ कुल 62 गांव इस अस्पताल पर निर्भर हैं। क्षेत्र की हजारों की आबादी को ओटी सुविधा शुरू होने से सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल लंबे समय से की जा रही मांग को पूरा करती है। अब साधारण ऑपरेशनों जैसे अपेंडिक्स, पित्ताशय, हर्निया, प्रसव आदि के मामलों में मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही इलाज मिल सकेगा। वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से न केवल मरीजों का बोझ कम होगा बल्कि शहरों के बड़े अस्पतालों पर भी दबाव घटेगा। साथ ही गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक रूप से भी बड़ी राहत मिलेगी।