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Rewari News: हेरिटेज लोको शेड में दिखता है भारतीय रेल का इतिहास
Fri, 27 Sep 2024 07:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 27 Sep 2024 07:44 PM IST
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रेवाड़ी। दुनिया के सबसे पुराने भाप इंजन संजोकर रखने वाला रेवाड़ी पूरे देश में मशहूर है। इनको देखने के लिए देश ही नहीं, विदेशों से भी सैलानी आते हैं। दरअसल, यहां पर एक लोको शेड बना हुआ है, जहां पुराने भाप इंजन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन इंजन में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी सबसे पुराना और सबसे हल्का फेयरी क्वीन (1895 यूनाइटेड किंगडम) शामिल है। इसके अलावा रेवाड़ी किंग, साइब, सुल्तान, सिंध, अंगद, अकबर, आजाद, शेर-ए-पंजाब, विराट और शक्तिमान नाम के भाप इंजन पर्यटकों के लिए संभाल कर रखे गए हैं।
लोको शेड के अंदर ही एक ऐसी जगह बनाई गई है, जिसे देखकर यहीं से ही भारतीय रेल का मानचित्र देख सकते हैं कि कैसे-कैसे स्थानों पर भारतीय रेल सेवाएं दे रही है। इसके साथ ही लोको शेड में स्टीम एमुलेटर और कोच एमुलेटर रूप बनाए गए हैं, जहां वर्चुअल तरीके से और थ्री-डी डिवाइस के जरिए इंजन में बैठने का अनुभव महसूस कराया जाता है। यहां पर एक डॉक्यूमेंट्री के जरिए रेलवे के अबतक के सफर को पर्यटकों को दिखाया जाता है। भारतीय भाप का इंजन अकबर, गदर एक प्रेम कथा, भाग मिल्खा भाग, गांधी माई फादर, गैंग्स ऑफ वासेपुर समेत कई बड़ी सुपरहिट फिल्मों में इस इंजन का उपयोग किया गया है। संवाद
वर्ष 2000 में बननी शुरू हुई थीं फिल्में
यहां कई बॉलीवुड फिल्मों जैसे गुरु, गांधी-माई फादर, रंग दे बसंती, गदर एक प्रेम कथा, भाग मिल्खा भाग, 1942-ए लव स्टोरी, सुल्तान आदि की शूटिंग हुई है। वर्ष 2016 में सलमान खान खुद रेवाड़ी लोको शेड में सुल्तान फिल्म की शूटिंग करने पहुंचे थे। वहां दो दिन तक उन्होंने ऐतिहासिक भाप इंजन अकबर के साथ दौड़ लगाई थी। इसके बाद कई मशहूर फिल्मी सितारों ने यहां फिल्में शूट की हैं। 20 से अधिक फिल्में बन चुकी हैं।
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पर्यटकों को लुभाने के लिए टॉय ट्रेन भी चलाई जाती है
लोको शेड इंचार्ज राहुल भारद्वाज ने बताया कि रेवाड़ी लोको शेड में एक म्यूजियम भी बनाया हुआ है, जहां भाप के इंजन की यादों को जिंदा रखा गया है, ताकि युवा पीढ़ी भारतीय रेल का शुरू से लेकर अब तक का सफर जान सकें। लोको शेड के भीतर ही पर्यटकों को लुभाने के लिए टॉय ट्रेन भी चलाई जाती है, जिसका 800 मीटर का ट्रैक लगाया हुआ है। इसके अलावा लोको शेड के अंदर ही एक ऐसी जगह बनाई गई है, जिसे देखकर आप यहीं से ही भारतीय रेल का मानचित्र देख सकते हैं कि कैसे-कैसे स्थानों पर भारतीय रेल सेवाएं दे रही है। यहां पर एक डॉक्यूमेंट्री के जरिए रेलवे के अब तक के सफर को पर्यटकों को दिखाया जाता है।
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लोको शेड के अंदर ही एक ऐसी जगह बनाई गई है, जिसे देखकर यहीं से ही भारतीय रेल का मानचित्र देख सकते हैं कि कैसे-कैसे स्थानों पर भारतीय रेल सेवाएं दे रही है। इसके साथ ही लोको शेड में स्टीम एमुलेटर और कोच एमुलेटर रूप बनाए गए हैं, जहां वर्चुअल तरीके से और थ्री-डी डिवाइस के जरिए इंजन में बैठने का अनुभव महसूस कराया जाता है। यहां पर एक डॉक्यूमेंट्री के जरिए रेलवे के अबतक के सफर को पर्यटकों को दिखाया जाता है। भारतीय भाप का इंजन अकबर, गदर एक प्रेम कथा, भाग मिल्खा भाग, गांधी माई फादर, गैंग्स ऑफ वासेपुर समेत कई बड़ी सुपरहिट फिल्मों में इस इंजन का उपयोग किया गया है। संवाद
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वर्ष 2000 में बननी शुरू हुई थीं फिल्में
यहां कई बॉलीवुड फिल्मों जैसे गुरु, गांधी-माई फादर, रंग दे बसंती, गदर एक प्रेम कथा, भाग मिल्खा भाग, 1942-ए लव स्टोरी, सुल्तान आदि की शूटिंग हुई है। वर्ष 2016 में सलमान खान खुद रेवाड़ी लोको शेड में सुल्तान फिल्म की शूटिंग करने पहुंचे थे। वहां दो दिन तक उन्होंने ऐतिहासिक भाप इंजन अकबर के साथ दौड़ लगाई थी। इसके बाद कई मशहूर फिल्मी सितारों ने यहां फिल्में शूट की हैं। 20 से अधिक फिल्में बन चुकी हैं।
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पर्यटकों को लुभाने के लिए टॉय ट्रेन भी चलाई जाती है
लोको शेड इंचार्ज राहुल भारद्वाज ने बताया कि रेवाड़ी लोको शेड में एक म्यूजियम भी बनाया हुआ है, जहां भाप के इंजन की यादों को जिंदा रखा गया है, ताकि युवा पीढ़ी भारतीय रेल का शुरू से लेकर अब तक का सफर जान सकें। लोको शेड के भीतर ही पर्यटकों को लुभाने के लिए टॉय ट्रेन भी चलाई जाती है, जिसका 800 मीटर का ट्रैक लगाया हुआ है। इसके अलावा लोको शेड के अंदर ही एक ऐसी जगह बनाई गई है, जिसे देखकर आप यहीं से ही भारतीय रेल का मानचित्र देख सकते हैं कि कैसे-कैसे स्थानों पर भारतीय रेल सेवाएं दे रही है। यहां पर एक डॉक्यूमेंट्री के जरिए रेलवे के अब तक के सफर को पर्यटकों को दिखाया जाता है।